वित्तीय घाटे से परेशान…ब्लैकबेरी

Posted on September 28 2013 by yogesh

वित्तीय घाटे से परेशान…ब्लैकबेरी
प्रेम वत्स होंगे ब्लैकबेरी के नए मालिक

नई दिल्ली : अत्याधुनिक स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी ब्लैकबेरी को उसकी सबसे बडी हिस्सेदार फेयरफैक्स 4.7 अरब डॉलर में खरीदने पर सहमत हो गई है. गौरतलब है कि बाजार हिस्सेदारी में गिरावट से परेशान और वित्तीय घाटे से जूझ रही यह दूसरी मोबाइल फोन बनानेवाली कंपनी है जो बिक रही है. इससे पहले कभी दुनिया की सबसे बडी मोबाइल फोन कंपनी रही नोकिया भी घाटेकी वजह से बिक रही है और माइक्रोसाफ्ट ने उसे खरीदने का करार किया है.

ब्लैकबेरी ने कहा है कि, ‘बिक्री को लेकर इच्छापत्र पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं और उसके शेयर धारकों को प्रति शेयर नौ डॉलर मिलेंगे. फेयरफैक्स के प्रमुख प्रेम वेत्सा ब्लैकबेरी निदेशक मंडल के पूर्व सदस्य हैं और उनकी ब्लैकबेरी में 10% हिस्सेदारी है. वेत्सा ने पिछले महीने ब्लैकबेरीको बेचने पर विचार करने की घोषणा के बाद निदेशक मंडल से इस्तीफादे दिया था. प्रेम वत्स, करीब 294 अरब रूपए में ब्लैकबेरी को खरीदने का प्रस्ताव देनेवाली कंपनी फ़ैयरफ़ैक्स फ़ाइनेंशियल होल्डिंग्स के संस्थापक, अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं.

आपको बता दें कि कंपनी के गत शुक्रवार को जारी वित्तीय लेखा जोखा में एक अरब डॉलरके नुकसान की घोषणा की गई जिससे उसके शेयर पर भारी दबाव दिखा. नुकसान क ध्यान में रखते हुए कंपनी ने 4500 कर्मचारियों की छंटनी करने की भी योजना बनाई है. पुशमेल और विशेष एसएमएस के लिए प्रसिद्ध ब्लैकबेरी को एंड्रायड आधारित स्मार्टफोन से कडी टक्कर मिल रही है और वैश्विक स्तर पर उसकी बाजार हिस्सेदारी में भारी कमी आई है. इसकी वजह से कंपनी को नुकसान उठाना पड़ रहा है. हांलाकि ब्लैकबेरीने भी स्वयं को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में काम किया है और हाल के महीने में स्मार्टफोन के कई मॉडल उतारे हैं.

आपको बता दें कि प्रेम वत्स हमेशा से ब्लैकबेरी का बचाव करते रहे. उन्हें इस बात का भरोसा है कि ब्लैकबेरी अभी भी बाजारमें ज़ोरदार वापसी कर सकती है. उनकी कंपनी फ़ेयरफ़ैक्स फ़ाइनेंशियल ब्लैकबेरी की तीसरी सबसे बड़ी निवेशक थी. इस साल अगस्त तक प्रेम वत्स ब्लैकबेरी के निदेशक मंडल में शामिल थे. उन्होंने ब्लैकबेरी पर नियंत्रण के मुद्दे पर कहा है, ‘इस सौदे से ब्लैकबेरी, इसके उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए एक नया अध्याय खुलने वाला है.’ हालांकि प्रेम वत्स के सामने बेहद मुश्किल चुनौती है.

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