बढ़ सकती है पुराने नोट बदलने की मियाद!

Posted on July 11 2015 by pits

नई दिल्लीः 2005 से पहले छपे नोटों को चलन से हटाने के लिए समय सीमा 30 जून को खत्म हो रही है, वहीं गैस सब्सिडी लेने के लिए बैंक अकाऊंट को गैस एजैंसी से लिंक कराने के लिए भी 30 जून तक ही आखिरी मौका है। ऐसा न करने पर आपको कभी एल.पी.जी. सब्सिडी नहीं मिलेगी। इससे लोगों को खासी दिक्कतें हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्रालय यह अवधि बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इसके लिए आर.बी.आई. से बातचीत जारी है, क्योंकि दोनों योजनाएं बैंकों से जुड़ी हैं। वित्त मंत्रालय के एक उच्चाधिकारी के अनुसार, आर.बी.आई. से इस सिलसिले में बातचीत जारी है। साथ ही बैंकों से भी रिपोर्ट मांगी जा रही है कि क्या पुराने नोट को चलन से हटाने की तैयारी पूरी है? क्या लोगों को पुराने नोट को एक्सचेंज करने में बैंकों ने पूरा समर्थन दिया है और इसके लिए अलग काऊंटर भी बनाए हैं या नहीं?

 

आर.बी.आई. की प्रवक्ता अल्पना किलवाला का कहना है कि 2005 से पहले छपे नोट मार्कीट में काफी कम बचे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि डेडलाइन खत्म होने के बाद भी ये नोट बदले जाएंगे, मगर उस बैंक में खाता होना जरूरी होगा, साथ ही पहचान और आवास का प्रमाण देना भी जरूरी होगा। फिलहाल किसी भी बैंक में जाकर लोग इन नोट को बदल सकते हैं। पैट्रोलियम मंत्रालय भी इस बात की समीक्षा कर रहा है कि अब तक कितने रसोई गैस धारक सीधे कैश सब्सिडी से जुड़ चुके हैं। आर.बी.आई. के मुताबिक, जनवरी 2014 में 2005 से पहले छपे 164 करोड़ नोट छोड़े गए थे। इन नोटों का मूल्य 21,750 करोड़ रुपए है। इनमें 500 और 1000 के नोट भी हैं।

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