गर्भकाल में स्वयं रखें कुछ विशेष ध्यान

Posted on June 20 2015 by pits

हर महिला के लिए मां बनना गर्व का अवसर होता है । ऐसे में खुश रहना और अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गर्भावस्था में महिला को कई मानसिक और शारीरिक बदलाव सहने पड़ते हैं । इन सबके लिए स्वयं को तैयार रखना चाहिए । गर्भकाल में अकेले न रह कर परिवार में रहना हितकर होता है । पति को भी चाहिए कि वह अधिक से अधिक समय अपनी पत्नी के साथ व्यतीत करे । पत्नी के खाने-पीने का पूरा ध्यान रखे और छोटे-छोटे कामों में उसकी मदद करे । साथ ही पत्नी की मानसिकता को समझे और उसे प्रसन्न रखने का पूरा प्रयास करें । महिलाओं को गर्भकाल में स्वयं भी कुछ विशेष ध्यान रखना चाहिए:

- गर्भवती महिलाओं को शारीरिक परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए ।

- कभी-कभी डिप्रैशन महसूस करने पर मन को वहां से हटा कर अपनी रुचि अनुसार स्वयं को व्यस्त करने का प्रयास करें । अच्छी पुस्तकें पढ़ें व कढ़ाई-बुनाई पर ध्यान दें ।

- गर्भकाल को एंज्वाय करना सीखें । यदि आप छुट्टी पर हैं तो अपनी पसंदीदा जगहों पर जाएं और विंडो शापिंग करके समय बिताएं । बाद में तो आपके जीवन का स्वरूप ही बदल जाएगा ।

-  इस काल में कोई भी परेशानी होने पर कोई दवा अपनी इच्छा से न लें। किसी भी प्रकार की दवा लेने से पहले डाक्टर की सलाह अवश्य लें ।
- गर्भकाल के दौरान महिलाओं का वजन 10-12 किलो तक सामान्य रूप से बढ़ता है । यदि अधिक वजन बढ़ रहा हो या घट रहा हो तो डाक्टर से परामर्श करें ।

-  गर्भकाल में अपने रूटीन चैकअप को नजरअंदाज न करें । रूटीन चैकअप के दौरान कुछ संदेह होने पर डाक्टर से नि:संकोच पूछें और मन को संतुष्ट करें ।

- अपने रक्तचाप की भी नियमित जांच करवाएं । उच्च रक्तचाप या निम्र रक्तचाप रहने पर विशेष ध्यान दें । डाक्टर के परामर्श के अनुसार अपने भोजन पर पूरा ध्यान दें ।

-  उचित आहार अवश्य लें जिसमें कैल्शियम व लौह तत्व की मात्रा उचित रूप से हो । अधिक गरिष्ठ भोजन न लें । इससे असुविधा हो सकती है ।

- डाक्टर से पूछ कर हल्के-फुल्के व्यायाम करें ।

- गर्भकाल में बच्चों के पालन-पोषण संबंधी तथा अपने और बच्चे के स्वास्थ्य संबंधी पुस्तकें पढ़ें ।

- अपने सोने के कमरे में स्वस्थ, सुंदर, सुडौल बच्चों का चित्र, पोस्टर आदि लगाएं । वातावरण खुश बनाए रखें और खुश रहें ।

Powered By Indic IME