ओसामा को मारा तब पाकिस्तान चुप क्यों था: शिवसेना

Posted on June 20 2015 by pits

मुंबई: म्यांमार में उग्रवादियों को ठिकाने लगाने के भारत के सीमा पार अभियान पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को लेकर शिवसेना ने पलटवार किया है। शिवसेना के मुखपत्र में लिखा गया है, ‘म्यांमार में ऑपरेशन से सीख लेने की बजाए पाकिस्तान भारत को चेता रहा है। पाकिस्तान के मुंह से इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती। मुखपत्र में कहा गया है कि अमेरिकी सैनिकों ने तुम्हारे ही घर में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मौत के घाट उतारा था और उसका शव भी अपने साथ ले गए थे। पहले इस बारे में दुनिया को बताओ कि उस वक्त मुंह क्यों बेद था।

‘उग्रवादी समूहों को निशाना बनाने के लिए म्यांमार में सेना के सीमा पार के सफल अभियान की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान के गृह मंत्री निसार अली खान ने कहा था, ‘पाकिस्तान म्यांमार नहीं है। पाकिस्तान के खिलाफ जिनके गलत मंसूबे हैं उन्हें ध्यान से सुनना चाहिए कि हमारी सेना किसी भी दुस्साहस का जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।’ खान की यह प्रतिक्रिया केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड के बयान के जवाब में आई जिसमें उन्होंने कहा था कि मणिपुर में 18 सैनिकों की हत्या करने वाले उग्रवादियों पर म्यांमार में सैन्य कार्रवाई दूसरे देशों के लिए एक संदेश है। पाकिस्तान की निंदा करते हुए शिवसेना ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका पाकिस्तान में सैकडों ड्रोन हमले करके 3,000 से अधिक लोगों को मार चुका है जिसमें 84 आतंकवादी थे। लेकिन, पाकिस्तान लगातार शोर मचा रहा है कि मरनेवालों में सारे निरपराध नागरिक थे। अगर ऐसा है तो पाकिस्तान अमेरिका के सामने चुप क्यों बैठा है। अगर पाकिस्तान तब चुप रहा तो भारत के खिलाफ बेवजह शक्ति प्रदर्शन क्यों?

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