नीतीश बोले, मोदी का हर समय करता रहूंगा विरोध

Posted on March 18 2015 by pits

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पर जमकी बरसे और कहा कि दोनों ने मिलकर राज्य में कानून का शासन समाप्त कर दिया था । कुमार ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि  पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मंत्रिमंडल को स्वतंत्र नहीं बल्कि स्वच्छंद कर दिया था। कानून के शासन में नियमों का पालन पहले लागू करने वाले को ही करना पड़ता है लेकिन जिस तरह से निर्णय लिये जा रहे थे उसमें नियमों और प्रक्रियाओं की पूरी तरह अंदखी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि मांझी को मालूम था कि बहुमत उनके पास नहीं है और उनकी सरकार जाने वाली है इसके बावजूद उन्हेांने एक दिन पहले तक मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर वैसे निर्णय लिये जिसे वह लागू नहीं करा सकते थे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरा भाजपा का गेम प्लान था जो विफल हो गया। उन्होंने सरकार बनने के बाद तत्काल विधि परामर्श लिया और मांझी सरकार के अंतिम दिनों के फैसले को रद्द करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा बिहार में पिछले 10 साल में जितना अच्छा काम हुआ है उन सबका श्रेय लेना चाहती है लेकिन दूसरी ओर गलतियों का ठीकरा उनके सिर पर फोडऩा चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी नरेंद्र मोदी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और वह राजनीतिक रूप से उनका विरोध करते रहे हैं और करते रहेंगे। नीतीश ने कहा कि बिहार के लिए जब जहां जिस रूप में मोदी से मिलना जरूरी होगा, हम मिलेंगे। वह देश के प्रधानमंत्री हैं।

 

प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री किसी दल का नहीं होता है, वह जनता का प्रतिनिधि होता है। उन्होंने कहा कि आज बिहार में जो भी राजनीतिक परिस्थिति बनी है, उसके लिए भाजपा जिम्मेदार है।  कुमार ने कहा कि यह अजीब बात है कि बिहार के हित की बात में भी भाजपा के स्वर अलग होते है। 14 वें वित्त आयोग का गठन कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(संप्रग) सरकार के समय हुआ था और वर्तमान भाजपा सरकार ने सिर्फ उसकी अनुशंसाओं को स्वीकार किया है। आयोग की अनुशंसा के कारण बिहार को हो रहे नुकसान के बारे में जब वह आवाज उठाते है तो भाजपा के लोग इसे अपना विरोध समझकर उनके खिलाफ हो जाते है जबकि वह राज्य हित में अपनी बात रख रहे है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 वें वित्त आयोग की अनुशंसा के कारण राज्य को केन्द्रीय करों से मिलने वाला हिस्सा घट गया है। इसी तरह से कई योजनाऐं बंद कर दी गई है और कुछ में कटौती कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस मामले में राजनीतिक मतभेद को किनारे रखकर राज्यहित में एक साथ आना चाहिए और केन्द्र पर दबाव बनाना चाहिए।  कुमार ने भाजपा से गठबंधन टूटने को लेकर लगाये जाने वाले आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि गठबंधन तोडऩे की पहल उन्होंने (कुमार) नहीं बल्कि भाजपा ने की थी। वर्ष 2010 का विधानसभा चुनाव भाजपा और जदयू ने मिलकर उनके नेतृत्व में लड़ा था। ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य में उनके नेतृत्व में सरकार बनी। उस सरकार में रहते हुए भाजपा ने पटना के गांधी मैदान में हुंकार रैली आयोजित की थी वह बतायें कि यह हुंकार किसके खिलाफ था।

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