महाराष्ट्र सरकार ने रद्द किया मुस्लिम आरक्षण

Posted on March 10 2015 by pits

मुंबई : महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार ने मुसममानों के शिक्षा संस्थानों में दिया गया आरक्षण रद्द कर दिया है ।कांग्रेस-एनसीपी की पिछली राज्य सरकार ने चुनाव से ठीक पहले विभिन्न मुस्लिम जातियों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 5% आरक्षण देने का फैसला लागू किया था। बाद में मुंबई उच्च न्यायालय में इस चुनौती दी गई, तो न्यायालय ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण वाले भाग को अंतरिम तौर पर स्थगित कर दिया था।

उच्च न्यायालय ने ऐसा करते समय मुस्लिम जातियों को शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण कायम रखा था। महाराष्ट्र सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 मार्च 2015 को जारी ताजा सरकारी आदेश में इसे पूरी तरह से रद्द करने का निर्णय किया है। इस फैसले पर अल्पसंख्यक समुदाय में तीखी प्रतिक्रिया होने का कयास लगाया जा रहा है।

मुसलमानों की कई पिछड़ी जातियों को पहले ही ओबीसी वर्ग में आरक्षण का लाभ मिल रहा था। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन पृथ्वीराज चव्हाण सरकार ने मराठा समुदाय और बची हुई लगभग सभी मुस्लिम जातियों को आरक्षण लागू कर दिया। आर्थिक और सामाजिक पिछड़ेपन का आधार पर एक विशेष ‘एसबीसी-ए’ वर्ग बनाया गया।

राज्य सरकार ने 9 जुलाई 2014 को अध्यादेश जारी करके प्रमुख मुस्लिम जातियों को आरक्षण दे दिया। 14 जुलाई को कुछ और जातियों को इसमें शामिल करने के लिए अध्यादेश में परिवर्तन भी करना पड़ा। (राज्य के शिक्षा संस्थानों में प्रवेश और राज्य के नियंत्रण वाले लोकसेवकों की नियुक्ति व पद) आरक्षण अध्यादेश की धारा 4 (1) में सीधे सरकारी सेवा में 5% नौकरियां देने का प्रावधान रखा गया था।

मुंबई उच्च न्यायालय में इसे चुनौती देने वाली याचिका (क्र. 2053/2014) श्री संजीत शुक्ला बनाम महाराष्ट्र सरकार दायर हुई। 14 नवंबर 2014 को उच्च न्यायालय ने इस पर फैसला देते हुए सरकारी नौकरियों में सीधे प्रवेश पर रोक लगा दी। इस अंतरिम आदेश में भी मुस्लिम जातियों को शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण जस का तस कायम रखा गया।

ताजा फैसले में अध्यादेश क्रमांक 14 को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। तर्क दिया गया है कि 23 दिसंबर 2014 को अध्यादेश कानून में परिवर्तित नहीं हो सका है, इसलिए उसका समापन हो गया है। याद रहे कि मुस्लिम आरक्षण के साथ ही तब मराठा जाति के लिए भी आरक्षण का अध्यादेश जारी किया गया था। सत्ता में आने के बाद बीजेपी सरकार ने न्यायालय में रोक से पहले मराठा समुदाय को मिली नौकरियां कायम रखने के लिए नया कानून पेश किया। महाराष्ट्र सरकार के निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि इस मुस्लिम आरक्षण के लिए 29 मार्च 1997 को लागू की गई सूची के आधार पर ही आरक्षण लागू रहेगा।

कांग्रेस ने आपात बैठक बुलाई
महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुस्लिम आरक्षण के मुद्दे पर विचार करने के लिए गुरुवार को आपात बैठक बुलाई है। मंत्रालय के सामने स्थित गांधी भवन कार्यालय में आयोजित बैठक में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के मनोनीत अध्यक्ष अशोक चव्हाण और मुंबई कांग्रेस के मनोनीत अध्यक्ष संजय निरुपम हिस्सा लेंगे। चव्हाण और निरुपम ने अभी तक अधिकारिक तौर पर पद नहीं संभाला है। निरुपम शाम को आजाद मैदान स्थित पार्टी कार्यालय में पदभार ग्रहण करेंगे, जबकि चव्हाण के पद लेने की तारीख अभी तय भी नहीं हुई है।

Powered By Indic IME