बजेट ने किया निराश…. टैक्स पेयर जायेंगे जेल और भ्रष्टाचारीयो का बढेगा मेल

Posted on March 1 2015 by pits

चंदन पवार (मुंबई):

बजट की मुख्य बाते:

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बहुत ही निराशाजनक बजेट पेश किया है. जिस इन्कम टैक्स विभाग मे सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है उसी विभाग के अधिकारीयोयो के हाथो मे जेल भेजने का हत्यार देकर भ्रष्टाचार को और बढावा दिया है. टैक्स पेयर को १० साल जेल भेजने का जो प्रावधान बनाया गया है उससे गलत प्रथा बढने का अवसर पैदा हो गया है? टैक्स पेयर को धमकाना और खौफ पैदा करके पैसा वसुलने कि छुट अधिकारीयोको को मिल गई है?

 

मोदी सरकार के पहले पूर्ण बजट में नौकरीपेशा लोगों को कोई खास राहत नहीं मिली है। पर्सनल इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर मंथली लिमिट 800 रुपये से बढ़ाकर 1600 रुपये कर दी गई है। इससे नौकरीपेशा लोगों को अधिकतम 240 रुपये की सालाना टैक्स छूट का फायदा मिल सकेगा। सर्विस टैक्स को बढ़ाकर 14% कर दिया गया है, जिससे बाहर खाना-पीना, फोन का बिल सहति सारी सर्विसेज महंगी हो जाएंगी। काले धन को लेकर वित्त मंत्री ने अरुण जेटली ने अपने बजटीय भाषण में कड़े नियम बनने की घोषणा की है।
टैक्सपेयर्स के लिए कुछ खास नहीं
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बचत को बढ़ावा देने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर कटौती की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। बुजुर्ग नागरिकों के मामले में इसे 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। बजट में यह भी प्रस्ताव है कि अत्यंत वरिष्ठ नागरिक के मामले में बीमारियों के कारण होने वाले खर्चों पर कटौती की सीमा 60,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये कर दी जाए। इसके अलावा आश्रित विकलांग व्यक्ति के इलाज सहित देखभाल के संबंध में कटौती की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये करने की घोषणा की गई है। गंभीर विकलांगता की दशा में कटौती की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये करने का प्रस्ताव बजट में किया गया है।

बजट में एक प्रस्ताव यह है कि ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ में किए जाने वाले निवेश पर धारा 80सी के तहत रियायत मिलेगी और इस योजना के तहत किए जाने वाले किसी भी भुगतान पर टैक्स नहीं लगेगा। न्यू पेंशन स्कीम में कर्मचारी द्वारा किए जाने वाले कॉन्ट्रिब्यूशन के कारण कटौती की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की जाएगी। न्यू पेंशन स्कीम में किए गए कॉन्ट्रिब्यूशन के संबंध में 1.50 लाख रुपये की सीमा के अलावा 50,000 रुपये की कटौती प्रदान करने का भी प्रस्ताव बजट में है।

कर में कटौती का ब्योरा कुछ इस प्रकार हैः धारा 80सी के तहत कटौती – 150000 रुपये, धारा 80सीसीडी के तहत कटौती 50,000 रुपये, होम लोन के ब्याज पर कटौती 2,00,000 रुपये, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर धारा 80डी के तहत कटौती 25,000 रुपये, ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर छूट 19,200 रुपये और इस तरह कुल 4,44,200 रुपये तक की आय पर टैक्स छूट हासिल की जा सकती है।

हालांकि, एक करोड़ से 10 करोड़ तक की आय वाली घरेलू कंपनियों पर 7 प्रतिशत और 10 करोड़ से अधिक आय वाली कंपनियों पर 12 प्रतिशत सरचार्ज का प्रस्‍ताव किया गया है। एक करोड़ से अधिक और 10 करोड़ तक की आय वाली विदेशी कंपनियों पर सरचार्ज 2 प्रतिशत जारी रहेगा और 10 करोड़ से अधिक आय पर 5 प्रतिशत सरचार्ज का प्रस्‍ताव किया गया है।

ईपीएफ के तहत दो विकल्‍प 
ईपीएफ को लेकर कर्मचारियों को दो विकल्प दिए गए हैं। कर्मचारी या तो ईपीएफ को चुन सकते हैं या नई पेंशन योजना को। दूसरा, निश्चित मासिक आय के नीचे के कर्मचारियों के लिए ईपीएफ में योगदान वैकल्पिक होना चाहिए और यह मालिकों के योगदान को कम किए बिना या प्रभावित किए बिना होना चाहिए। ईएसआई के बारे में वित्त मंत्री कहा कि कर्मचारियों को ईएसआई या बीमा निगमन विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त स्‍वास्‍थ्‍य बीमा उत्‍पाद में से किसी एक को चुनने का विकल्‍प होना चाहिए।

कॉरपोरेट टैक्‍स में कमी, सुपर रिच सरचार्ज
अरुण जेटली ने कहा है कि कॉरपोरेट टैक्‍स दर के अगले 4 वर्षों के दौरान वर्तमान 30% से घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रावधान है। वेल्थ टैक्स खत्म कर दिया गया है और एक करोड रुपये से अधिक की आय वाले व्यक्तियों पर दो प्रतिशत का अतिरिक्त सरचार्ज लगाया जाएगा। सरकार अगले वर्ष से वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के लिए विभिन्‍न मोर्चों पर कदम आगे बढ़ा रही है।
काले धन वालों पर कहर
आय और सम्‍पति छुपाने या विदेशी सम्‍पति के संबंध में टैक्स चोरी पर 10 वर्ष की कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा। इन अपराधों को संगीन अपराध माना जाएगा और ऐसे अपराधों के लिए आय और सम्‍पति की मौजूदा दर से 300 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। इनकम टैक्स रिटर्न न दाखिल करने और अधूरी जानकारी के दाखिल करने पर 7 वर्ष की सजा का प्रावधान होगा। वित्‍त मंत्री ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (फेमा) और मनी लाउंड्रिंग ऐक्ट-2002 में बदलाव किए जाने का भी प्रस्‍ताव किया है। वित्‍त मंत्री ने काले धन पर लगाम लगाने के लिए बेनामी लेन-देन रोकथाम के लिए भी एक नया कानून इसी सत्र में लाने की भी घोषणा की। नए कानून के तहत एक लाख से अधिक की किसी भी खरीद और बिक्री के लिए पैन नम्‍बर देना अनिवार्य कर दिया जाएगा और 20 हजार से अधिक का लेन-देन नकद किए जाने पर रोक लगा दी जाएगी।

पांच नए एम्स खुलेंगे
जम्मू-कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और असम में नए एम्स खोले जाएंगे। इसके अलावा बिहार जहां कि पटना में पहले ही एम्स खुल चुका है वहां के लिए एम्स की तरह के एक और अस्पताल की घोषणा की गई है। आईएसएम धनबाद को आईआईटी का दर्जा मिलेगा, जबकि कर्नाटक में आईआईटी की स्थापना होगी। बिहार और पश्चिम बंगाल को आंध्र प्रदेश की तर्ज पर विशेष सहायता देने का प्रस्ताव।

वित्त मंत्री की पांच चुनौतियां
अरुण जेटली ने कहा कि कृषि से कम आय, इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश बढ़ाना, मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा जीडीपी में बढ़ नहीं रहा और राजस्व घाटे को काबू में रखने की मेरे सामने चुनौती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों को केंद्रीय करों को 42% हिस्सा उनको देने का फैसला किया। इस प्रकार अब केंद्र और राज्यों का सम्मलित राजस्व जोड़ लिया जाए तो अब 62% राज्यों के पास होगा और 38% केंद्र के पास। उन्होंने कहा कि वित्तीय घाटा लक्ष्य के मुताबिक 4.1% तक रहेगा। अगले तीन साल में वित्तीय घाटे को 3% से कम करना है। उन्होंने कहा कि वेतन आयोग की रिपोर्ट भी आएगी, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ेगा। इसके बावजूद हम अगले तीन साल में वित्तीय घाटे को 3% के नीचे लाएंगे।

सब्सिडी देने के लिए JAM
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि सब्सिडी के लिए हमारा आधारा है JAM यानी जनधन, आधार और मोबाइल। उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य सब्सिडी में छेद को कम करना है न कि सब्सिडी को घटाना है। वजीफा स्कीमों के पैसे और एलपीजी की सब्सिडी सीधे बैंकों अकाउंट्स में भेजे जाने लगे हैं। टॉप टैक्स स्लैब में आने वाले लोगों से और इस सदन के सम्मानित सदस्यों से आग्रह होगा कि वे एलपीजी सब्सिडी को स्वेच्छा से छोड़ दें।’

टैक्स फ्री इन्फ्रा बॉन्ड्स और मनरेगा
रेल, सड़कों और सिंचाई के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के टैक्स फ्री इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड लाने की घोषणा की गई है। आधारभूत संरचना कोष के लिए 2015-16 में 25 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छोटे कारोबारियों की ऋण सुविधा के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के फंड से मुद्रा बैंक बनाया जाएगा। यूपीए सरकार की बहुचर्चित स्कीम मनरेगा के लिए 34, 699 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रारंभिक तौर पर किया गया है। जेटली ने अपने भाषण में कहा कि अगर टैक्स उम्मीद के मुताबिक आए तो इसके लिए अतिरिक्त 5 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था भी की जाएगी।

महिला, अनुसूचित और अल्पसंख्यक
अनुसूचित जाति के लिए 30,851 करोड़ रुपये और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए बजट में 79,258 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अल्पसंख्यक युवा, जिनके पास औपचारिक शिक्षा नहीं हैं, उन्हें नौकरी देने के लिए ‘नई मंजिल’ योजना शुरू की जाएगी। अल्पसंख्यक मंत्रालय को 2015-16 के लिए 3738 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

आर्थिक माहौल सुधरा
वित्त मंत्री ने अपने बजटीय भाषण के शुरू में देश के आर्थिक माहौल को बयां करने के लिए एक शेर पढ़ा…

कुछ तो फूल खिलाए हमने और कुछ फूल खिलाने हैं, मुश्किल ये है कि बाग में अब तक कांटे कई पुराने हैं।

इसके बाद उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में मजबूती का विश्वास फिर लौटा है और विदेशी निवेश बढ़कर रिकॉर्ड 340 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती लौटी है और राज्यों को हमने वित्तीय मामलों में बराबरी का साझेदार बनाया है। उन्होंने कहा, ’2015-16 में आर्थिक वृद्धि 8 से 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी। खुदरा मुद्रास्फीति की दर वर्ष के अंत तक 5% रहने का अनुमान है। रुपया 6.4 प्रतिशत मजबूत हुआ है।

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