जब नई नवेली दुल्हन ससुराल में प्रवेश करती है

Posted on March 1 2015 by pits

जब नई नवेली दुल्हन ससुराल में प्रवेश करती है तो उसके लिए ससुराल में सब कुछ नया होता है जैसे नया घर ,नए रिश्ते उन सब को समझने में उसको थोड़े समय की आवश्यकता होती है लेकिन धीरे धीरे समय के साथ वो उन रिश्तों को समझ जाती है और अपनी जिम्मेदारियों को समझ जाती है । शादी के बाद एक लड़की अपने पति के पश्चात अपनी सास के सबसे करीब होती है । सास के साथ उसका रिश्ता एक बारीक डोर से बंधा होता है जो उन्हेें परस्पर जोड़े रखता है । जब रिश्ते में प्यार और विश्वास बढ़ जाता है तो यही डोर इतनी मजबूत हो जाती है कि कोई भी इसे तोड़ नहीं पाता । ससुराल में बहू को एटीकेट्स में रहना बेहद ज़रूरी है।

- घर में जितने भी बड़े सदस्य हैं , उनके हर रोज चरण छूकर आशीर्वाद लें । छोटों को प्यार करें । हमउम्र देवर या ननद के साथ मजाक एक नियत सीमा तक होना चाहिए।

- अगर घर में सुबह पूजा करने का विधान है तो नहा-धोकर जल्दी से वहां पहुंच जाएं क्योंकि ससुराल में नियमों का पालन करें।

- कोई भी कपड़े पहनें उनमें शालीनता होनी चाहिए । अगर सिर पर पल्लू रखना जरूरी है तो गुस्सा न करें । उठते-बैठते वक्त कपड़ों के प्रति सजग रहें । जब भी ड्रैस लें वह ज्यादा छोटी न हो और उनके गले भी डीप न हों ।

- मायके से थोड़ी-सी रेसिपीज जरूर सीख कर आएं । बेसिक कुकिंग में आप परफैक्ट हैं तो आप कुछ भी बना सकती हैं और ससुराल वालों का दिल जीत सकती हैं ।

- कभी भी ऊंची आवाज में बात न करें, न ही ऊंचा हंसें । खाना खाने के तरीकों का भी ध्यान रखें ।

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