शिव सेना ने पूछा, क्या यही हैं अच्छे दिन?

Posted on February 11 2015 by pits

चंदन पवार (मुंबई)  : शिव सेना और बीजेपी के बीच मेट्रो-3 को लेकर नए सिरे से रार शुरू हो गई है। शिव सेना ने गिरगांव की मराठी बस्तीके ऊपर से गुजरने वाले मेट्रो-3 प्रॉजेक्ट के खिलाफ होर्डिंग वॉरशुरू कर दिया है। हालांकि इस बार शिवसेना ने सीधे तौर पर बीजेपी का नाम लेने के बजाय मेट्रो लादने वालोंकहकर हमला बोलते हुए सवाल उठाया है, ‘क्या यही हैं अच्छे दिन?’

शिव सेना ने यह धमकी भी दी है कि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को ‘बालकडु’ (दिवंगत शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे पर बनी फिल्म का नाम) पिलाना पड़ेगा?’ अपने मराठी वोटरों को बचाने और मुंबई महानगर पालिका चुनाव से पहले इनका ध्रुवीकरण करने के लिए शिवसेना पहले भी मेट्रो-3 के इस प्लान का विरोध कर चुकी है।

कोलाबा से सीप्ज तक चलने वाली मेट्रो-3 परियोजना के लिए गिरगांव और कालबा देवी इलाके की कई इमारतों को ध्वस्त करना पड़ेगा। गिरगांव में बड़ी संख्या में मराठी मतदाता रहते हैं और ये मतदाता परंपरागत रूप से शिवसेना के वोटर रहे हैं।

इन्हीं के हितों की रक्षा के लिए शिवसेना ने मेट्रो-3 के खिलाफ गिरगांव नाके पर एक बड़ा होर्डिंग लगाया है। इसमें मेट्रो-3 प्रॉजेक्ट से प्रभावित होने वाले लोगों के पुनर्वास की कोई योजना न होने की बात कही गई है।

अपने पोस्टर्स में शिवसेना ने लिखा है, ‘सरकार मेट्रो-3 के लिए चॉल और इमारतों को ध्वस्त करने की योजना बना रही है, लेकिन सरकार ने इनके पुनर्वास की व्यवस्था अब तक नहीं की। सरकार के इस फैसले से दक्षिण मुंबई में जो बचे-खुचे मराठी लोग रह गए हैं, उन्हें भी मुंबई से बाहर फेंक दिए जाने का खतरा पैदा हो गया है।’

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