बच्चों की हड्डिय़ों का आधार ठोस बनाने के घरेलु टिप्स

Posted on February 11 2015 by pits

सभी बच्चों से पूछा जाए कि उनका प्रिय शौक क्या है तो अधिकतर बच्चे खेलना और खाना ही कहेंगे। बात भी सही है कि यही उम्र होती है, जब खेलते-खेलते सब खाया पिया बच्चोंं को हजम हो जाता है। थोड़ी बड़ी होने पर लड़कियां अपनी फिगर के प्रति सचेत हो जाती हैं और लड़के भी कुछ सचेत हो जाते हैं। तब खाने-पीने के शौक अपने-अपने स्वादानुसार कुछ कम हो जाते हैं।

बचपन में सभी बच्चों का पेट एक ‘स्टोरहाऊस’ की तरह होता है। ‘स्टोरहाऊस’ में अच्छा सामान ‘स्टोर’ करने से शरीर को संतुलित आहार मिल जाते हैं जिससे शरीर की हड्डिय़ों का आधार ठोस बन जाता है। आइए देखें हमें बच्चों को क्या कुछ  बताना चाहिए-

- खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी धो लें। खाना खाने से पहले और बाद में अच्छी तरह कुल्ला करें।

- भोजन चबा-चबा कर आराम से करें।

-  अधिक तेज भूख लगने पर भी भोजन के निवालों को कभी निगलें नहीं। भोजन निगलने वाले बच्चों की पाचन क्रिया ठीक नहीं रहती। याद रखें भोजन के पचने की क्रिया पहले मुंह से होती है, फिर पेट से।

-  बच्चों को अधिक चॉकलेट, वेफर्स, बिस्कुट, मिठाई और टाफियां नहीं खानी चहिएं जिसका सीधा प्रभाव दांतों पर पड़ता है।

-  ठंडे पेय, टिन जूस आदि का सेवन कभी-कभी विशेष अवसरों पर करना अच्छा है। नियमित सेवन करने में यही चीजें मजा भी नहीं देतीं और सेहत पर भी बुरा असर डालती हैं।

-  पेट को कुछ समय के लिए आराम अवश्य दें। खाने के बाद कुछ घंटे बिना खाए पिए अपने पर नियंत्रण रखें।

-  कम मसालों और कम तेल वाला भोजन सेहत के लिए भी अच्छा होता है और आप कटोरी भर उसे रूखा भी खा सकते हैं।

-  पेट को ‘ओवरलोड’ न करें। जब कभी पेट में दर्द हो तो उसे नजर अंदाज न करें। मम्मी-पापा को तुरंत इसकी जानकारी दें। वैसे पेट दर्द आपको लाल झंडी दिखाता है कि अब पेट को आराम और हल्के भोजन की आवश्यकता है। गरिष्ठ और फास्ट फूड अब उसे नहीं चाहिए।

-  प्रिय टी.वी. प्रोग्राम के समय भोजन नहीं खाना चाएि क्योंकि मस्ती में भोजन अधिक खाया जाता है।

-  भोजन खाते समय प्रसन्न रहें। तनावयुक्त होकर भोजन न खाएं।

-  खाने की मेज पर मम्मी-पापा को तंग नहीं करना चाहिए कि मुझे यह नहीं खाना, यह खाना तो बहुत बुरा बना है। थोड़ा-सा भोजन पहले टेस्ट करके फैसला करें कि क्या खाना है, क्या नहीं।

-  घर के बने मीठे व्यंजन आप दिन में एक बार छोटी कटोरी खा सकते हैं।

-  नमकीन में आप मुरमुरे, भुने चने, भुनी मूंगफली, भुना चिवड़ा मिला कर खा सकते हैं।

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