तुला राशि के लिए कैसा रहेगा नया साल

Posted on February 11 2015 by pits

आने वाला नया साल आपके लिए और आपके परिवार के लिए कैसा होगा यह जानने की उत्सुकता प्रत्येक व्यक्ति को होती है। चन्द्र राशि के आधार पर आपको यह बताने की कोशिश कर रहा है कि आने वाला साल आपके लिए कैसा होगा। आमतौर पर राशि की गणना सूर्य और चन्द्र राशि के आधार पर होती है लेकिन भारतीय पराशर ज्योतिष में चन्द्र राशि को ही मान्यता है और जातक का नाम भी चन्द्र राशि के आधार पर ही तय होता है। यदि आपका नाम रा, री, रू, रे, रो, ता, ति, तु, ते से शुरू होता है तो आपकी चन्द्र राशि तुला है। तुला राशि के लिए आने वाला साल कुछ ऐसा रहेगा।

जनवरी
राशिस्वामी शुक्र चतुर्थ भाव में मंगल व बुध के साथ है। इन पर शनि की विशेष तृतीय दृष्टि भी है। कार्य/व्यवसाय सम्बधी कुछ नवीन याेजनाएं बनेंगी। अत्यधिक दाैड़-धूप करने पर भी धन लाभ विशेष न हाे पाए। माघ सक्रांति पर गर्म वस्त्र या धार्मिक पुस्तक मन्दिर में दान देना शुभ हाेगा।

फरवरी
पंचम स्थान में मंगल-शुक्र का याेग बना हुआ है। पूर्वार्द्ध भाग में धन-लाभ व उन्नति के चांस बनेंगे। नए वाहन आदि का सुख प्राप्त हाेगा। परन्तु मंगल के कारण मानसिक तनाव एवं आकस्मिक धन के खर्च बढ़ेंगे। दुर्घटना आदि का भय हाेगा, सावधानी बरतें।

मार्च
मासारम्भ में राशिफल शुक्र छठे स्थान में उच्च राशिस्थ भाैमयुक्त हाेकर संचरणशील है। संघर्ष के बावजूद गुजारे याेग्य आय के साधन बनेंगे। सवारी, सिनेमा-संगीत, एवं विलास आदि कार्याें पर धन का खर्च अधिक हाेगा। 12 मार्च से तुला राशि पर शुक्र की स्वगृही दृष्टि से बिगड़े कामाें में सुधार हाेगा।

अप्रैल
इस राशि पर मंगल-शुक्र की संयुक्त दृष्टियां पूर्वार्द्घ भाग तक रहेंगी। जिससे क्राेध एवं उत्तेजना बढ़ेगी। आय कम व खर्च अधिक हाेंगे। परिवार में निकट बन्धु से तकरार हाे। दर्घटना से चाेटादि का भय है। वैशाख संक्रांति काे अनाज, गुड, फल वस्त्रादि का दान करना शुभ हाेगा।

मई
मासारम्भ में इस राशि पर सूर्य/मंगल की दृष्टि पड़ने से लाभ कम व खर्च अधिक हाेंगे। सिर में दर्द तथा आंखाें में कष्ट के याेग हैं। परन्तु राशिस्वामी शुक्र भाग्य स्थान में हाेने से निर्वाह याेग्य आय के साधन बनते रहेंगे। गायत्री मंत्र सहित सूर्य उपारना करना शुभ हाेगा।

जून
राशिस्वामी शुक्र दशम में गुरू के साथ है। मित्र के सहयाेग से बिगड़ा कार्य बनेगा। विघ्न-बाधाआें के बावजूद निर्वाह याेग्य धन की प्राप्ति हाेगी। परन्तु खर्च की भी अधिकता रहेगी। मासांत में मानसिक तनाव बढ़ेगा। वाहनादि चलाते समय सावधानी बरतें। चाेटादि का भय हाेगा। श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा दुर्घटनानाशक यंत्र का प्रयाेग करें।

जुलाई
शनि साढ़ेसाती का प्रभाव अभी हाेगा। मानसिक तनाव एवं घरेलु उलझनें बढ़ेंगी। अत्यधिक संघर्ष के बाद धन लाभ अल्प रहेगा। खर्चाें की अधिकता हाेगी। उत्तरार्द्ध भाग में रूके हुए कार्याें में सुधार, आय मेें वृद्धि, परन्तु खर्च अधिक हाेगा। मान-सम्मान में वृद्धि हाेगी। नए लाेगाें के साथ सम्पर्क बनेंगे। ‘श्री सूक्तम’ का पाठ करना शुभ हाेगा।

अगस्त
मासारम्भ में इस राशि पर मंगल की दृष्टि हाेने से स्वभाव में क्राेध व तनाव अधिक रहे। शनि साढ़ेसाती के कारण अत्यधिक परिश्रम के पश्चात् ही निर्वाह याेग्य धन प्राप्त हाेगा। लेन-देन करते समय सावधानी बरतें। बनते कार्याें में विघ्न आैर विलम्ब पैदा हाेंगे। मंगल स्ताेत्र का पाठ करना शुभ हाेगा। 27 अगस्त से स्थिति में कुछ सुधार हाेगा। परन्तु खर्चाें की अधिकता रहेगी।

सितंबर
मासारम्भ में इस राशि पर मंगल की दृष्टि पड़ रही है। शनि साढ़ेसाती भी लगी है। फलस्वरूप व्यवसाय में अत्यधिक संघर्ष के बाद निर्वाह याेग्य आमदन के साधन बनेंगे। 16 सितम्बर के बाद भूमि, मकान एवं वाहन सम्बन्धी परेशानियां पैदा हाें। परिवार में व्यर्थ का तनाव आैर खर्च की अधिकता रहेगी। श्री दुर्गा कवच पाठ करना शुभ हाेगा।

अक्तूबर
द्वादश में सूर्य-राहु का याेग हाेने से बनते कामाें में अड़चनें, परिवार सम्बन्धी चिन्ता आैर मानसिक तनाव रहेगा। गुजारे लायक धन की प्राप्ति हाेगी। शनि साढ़ेसाती के कारण शरीर कष्ट, मानसिक तनाव व स्वास्थ्य हानि के याेग हैं। विभिन्न कार्याें पर खर्च अधिक रहेगा। 17 अक्तूबर से कार्तिक माहात्म्य का पाठ करना शुभ हाेगा।

नवम्बर
मासारम्भ में इस राशि पर सूर्य-बुध का अशुभ संचार बना हुआ है। आय कम आैर खर्च हाेंगे। व्यर्थ की भागदाैड़ आैर फिजूलखर्ची बढ़ेगी। धन की हानि एवं स्वास्थ्य नर्म रहेगा। बनते कार्याें में विघ्न उत्पन्न हाेंगे। मन में अशांति व क्राेध की मात्रा अधिक हाेगी। अधिकांश समय मनाेरंजन एवं वृथा कामाें में व्यतीत हाेगा। भगवान सूर्य काे मंत्रपूर्वक अर्घ्य देना शुभ हाेगा।

दिसम्बर
मासारम्भ में राशिस्वामी शुक्र का संचार बना हुआ है। दैनिक कार्याें में प्रगति हाेगी। निर्वाह याेग्य आय के साधन बनेंगे। सवारी आदि सुखाें की प्राप्ति हाेगी। परन्तु साढ़ेसाती के कारण उत्तरार्द्ध भाग में आय कम तथा खर्च अधिक रहेंगे। श्री सूक्त का पाठ करना शुभ रहेगा।

अगले सप्ताह वृश्चिक राशी का भविष्य

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