वृष राशि के लिए कैसा रहेगा नया साल

Posted on January 12 2015 by pits

आने वाला नया साल आपके लिए और आपके परिवार के लिए कैसा होगा यह जानने की उत्सुकता प्रत्येक व्यक्ति को होती है।चन्द्र राशि के आधार पर आपको यह बताने की कोशिश कर रहा है कि आने वाला साल आपके लिए कैसा होगा। आमतौर पर राशि की गणना सूर्य और चन्द्र राशि के आधार पर होती है लेकिन भारतीय पराशर ज्योतिष में चन्द्र राशि को ही मान्यता है और जातक का नाम भी चन्द्र राशि के आधार पर ही तय होता है। यदि आपका नाम इ, उ, ए, ओ, व वि, वे, वो से शुरू होता है तो आपकी चन्द्र राशि वृष है। वृष राशि के लिए आने वाला साल कुछ ऐसा रहेगा।

जनवरी
मासारम्भ में राशिफलस्वामी शुक्र भाग्य के स्थान में हाेने से धन लाभ व उन्नति के अवसर मिलेंगे। कुछ बिगड़े काम भी बनेंगे। मंगल के कारण खर्च भी अधिक रहेंगे। ता. 23 से व्यवसाय में दाैड़ धूप बढ़ेगी। इन दिनाें वाहन चलाते समय विषेश सावधानी बरतें।

फरवरी
मास के पूर्वार्द्ध तक दशम स्थान पर मंगल-शुक्र का याेग हाेने से कठिनाईयाें के बाद ही निर्वाह याेग्य आय के साधन बनेंगे। निकटस्थ बन्धुआें के साथ वृथा मन-मुटाव रहे। उत्तरार्द्ध भाग में कार्याें में विघ्न/बाधाएं एवं तनाव हाे। श्रीदुर्गा पाठ करना शुभ हाेगा।

मार्च
मासारम्भ में राशिस्वामी शुक्र एकादश भाव में भौम युक्त होकर उच्चक्षेत्री है। धन लाभ एवं गत किए गए प्रयासों में सफलता मिलेगी। भूमि वाहनादि सुखों की प्राप्ति होगी। किसी प्रिय बन्धु से मुलाकात होगी। 12 मार्च से शुक्र द्वादशस्थ होने से आय कम व खर्च अधिक होंगे। पारिवारिक उलझनें बढ़ेंगी।

अप्रैल
राशिस्वामी शुक्र वृष राशि में 6 अप्रैल से संचार करेगा। जिससे मास के पूर्वार्द्ध में शुभाशुभा दोनों प्रकार के फल प्राप्त होंगे। उत्तरार्द्ध में व्यर्थ की भागदौड़ और फिजुल खर्ची अधिक होगी। गत किए प्रयासों में सफलता मिलेगी। गृह में कोई शुभ काम भी संपन्न होगा। शनि की दृष्टि होने के कारण अकस्मिक खर्च होंगे तथा मानसिक तनाव बना रहेगा।

मई
रूके हुए कामों में सफलता मिलेगी, धन लाभ एवं उन्नति के मार्ग खुलेंगे। इस राशि पर शुक्र के साथ मंगल का संचार होने से दुर्घटना से चोटादि लगने की आशंका है, सावधानी बरतें। द्वितिय भाग में अपव्यय बढ़ेगा। दौड़ धूप अधिक रहेगी। तनाव एवं उलझनें खर्च भी बढ़ेंगे। हर शुक्रवार को श्री सूक्त का पाठ करना शुभ होगा।

जून
मासारम्भ में इस राशि पर सूर्य, मंगल और बुध का संचार है। शुक्र तृतीय भाव में गुरू के साथ है। आय कम और खर्च अधिक रहेगा। पुरूषार्थ और परिश्रम करने पर गुजारे लायक धन प्राप्त होता रहेगा। व्यवसायिक क्षेत्रों में अनेक उतार-चढ़ाव और कार्यशैली में परिवर्तन से लाभ के अवसर बढ़ेंगे। प्रिय बंधु से मुलाकात और धार्मिक कामों पर खर्च होगा। स्वास्थ्य के संबंध में विशेष सावधानी बरतें।

जुलाई
मासारम्भ 9 जुलाई से राशिस्वामी शुक्र पर शनि की दृष्टि होगी। कार्य व्यवसाय में दौड़धूप अधिक रहेगी। धार्मिक कामों पर भी खर्च होगा। धन लाभ कम खर्च अधिक होंगे। वाहनादि साधनों पर भी विशेष खर्च होंगे श्रीदुर्गासप्तशती व श्री सुक्त का पाठ करना शुभ होगा।

अगस्त
मासारम्भ में राशिस्वामी शुक्र वक्री होकर चतुर्थ भाव में है। विशेष परिश्रम एवं भागदौड़ के बाद निर्वाह योग्य आय के साधन बनेंगे। व्यवसाय के क्षेत्र में धन लाभ कम तथा खर्च विशेष अधिक रहेंगे। शनि की दृष्टि के कारण घरेलु तनाव एवं उलझनें अधिक होंगी। स्वास्थ्य भी ठीक न रहेगा। श्री दुर्गासप्तशती का पाठ करना शुभ होगा।

सितंबर
र्निवाह योग्य धन लाभ संघर्ष के पश्चात ही प्राप्त होगा। शुभ कामों पर धन का व्यय अधिक होगा। कुछ बिगड़े कामों में सफलता मिलेगी। मानसिक तनाव एवं गुप्त परेशानियों का सामना होगा। अंत में धन का अपव्यय अधिक रहेगा। श्री शिव उपासना करना शुभ होगा।

अक्तूबर
इस राशि पर शनि की मित्र दृष्टि रहेगी। किसी नए काम की योजना बनेगी। व्यवसाय में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे परंतु घरेलु उलझनों के कारण रूकावटें आएंगी। विलासादि कामों में खर्च अधिक होगा। कार्तिक महात्मय का पाठ करना शुभ होगा।

नवम्बर
मासारम्भ में इस राशि पर शनि की सप्तम दृष्टि के कारण आय कम व खर्च अधिक होगा। उत्तेजना से बनते कामों में विध्न उत्पन्न होंगे। भाई बन्धुओ से मन मुटाव होगा। आर्थिक तंगी से परेशानी होगी। व्यवसाय में संघर्ष के पश्चात भी धन की प्राप्ति अल्प होगी।

दिसम्बर
मासारम्भ में इस राशि पर सूर्य व शनि की दृष्टियां पड़ रही हैं। व्यवसाय में संघर्ष एवं कठिन हालात के बावजूद निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे। उत्तरार्द्ध भाग में कुछ बिगड़े कामों में सुधार एवं धन लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। श्री सुक्त का पाठ करना शुभ होगा।

अगले सप्ताह मिथुन राशी का भविष्य

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