कांग्रेस में जान फूंकने के लिये किसानों का सहारा

Posted on January 12 2015 by pits

मुंबई: (चंदन पवार)  लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पराजय के बाद राजनीतिक अवसाद में जी रही कांग्रेस पार्टी में किसानों के बहाने जान फूंकने की कोशिश की जा रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस के रणनीतिकारों को लग रहा है कि नए साल में पार्टी को वापस खड़ा करना है, तो उसे फिर से ग्रामीण मतदाताओं का विश्वास हासिल करना होगा। इसी सोच के साथ पार्टी ने सूखा प्रभावित किसानों की समस्या को मुद्दा बनाकर बीजेपी-शिवसेना सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता 5 जनवरी से राज्य के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरे के लिए कांग्रेस ने दो समितियां बनाई हैं। इन समितियों में शामिल नेता ग्राम पंचायत से लेकर पंचायत समिति स्तर तक किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं पर बातचीत करेंगे। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे ने कहा कि दीर्घकालीन उपायों की तैयारी वाली योजनाएं, प्रति हेक्टेयर दिया जाने वाला वित्तीय पैकेज और ऋण माफी किसानों को फसलों के अगले मौसम में बुवाई के लिए तैयार करने के लिहाज से लघुकालीन उपाय हैं।
आने वाले समय में औरंगाबाद, नवी मुंबई, ठाणे और पालघर में स्थानीय निकायों के चुनाव होने हैं। ठाकरे ने कहा कि इन चुनावों के लिए चुनावी रणनीति का फैसला लेने और यह तय करने का अधिकार पार्टी की स्थानीय इकाइयों को दिया गया है कि वे पार्टी को अकेले चुनाव लड़ाना चाहते हैं या एक समान सोच वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ना चाहते हैं।

चुनावों में हार के बाद हताश बैठे पार्टी कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके लिए पार्टी फिर से ‘गांधी शरणम्’ का फॉर्म्यूला अपनाने जा रही है। इसके लिए पार्टी महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से भारत आगमन का शताब्दी समारोह मनाने की योजना बना रही है। उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से मुंबई पहुंचे थे।

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