राशि भविष्य- २०१५ मेष राशि के लिए कैसा रहेगा नया साल

Posted on December 28 2014 by pits

आने वाला नया साल आपके लिए और आपके परिवार के लिए कैसा होगा यह जानने की उत्सुकता प्रत्येक व्यक्ति को होती है। चन्द्र राशि के आधार पर आपको यह बताने की कोशिश कर रहे है कि आने वाला साल आपके लिए कैसा होगा। आमतौर पर राशि की गणना सूर्य और चन्द्र राशि के आधार पर होती है लेकिन भारतीय पराशर ज्योतिष में चन्द्र राशि को ही मान्यता है और जातक का नाम भी चन्द्र राशि के आधार पर ही तय होता है। यदि आपका नाम चु, चे, चो, ला, ली, लू, ले, ओ, अ से शुरू होता है तो आपकी चन्द्र राशि मेष है। मेष राशि के लिए आने वाला साल कुछ ऐसा रहेगा।

जनवरी
मासारम्भ में राशिस्वामी मंगल की उच्च एवं शुभ पड़ने से अचानक धन लाभ के अवसर मिलेंगे। परंतु शनि की ढैय्या के कारण मानसिक तनाव एवं घरेलु उलझने भी बढ़ेगी। उत्तरार्द्ध भाग में वृथा धूप अधिक तथा खर्च भी अधिक रहेंगे। क्राेधाधिक्य से बचें।

फरवरी
मासारम्भ में राशिस्वामी मंगल एकादश भाव में ( कुम्भ राशि ) संचरित है। परिश्रम के बावजूद बनते कामां में अड़चनें पैदा हागी। कठिनाई से आय के साधन बनेंगे
12 फरवरी से मंगल मीन ( 12वें स्थान ) में जाने से वृथा भाग दाैड़ एवं खर्च बढ़ेंगे।

मार्च
मासारम्भ में राशिस्वामी मंगल द्वादश भाव में केतु व शुक्र के साथ है। पारिवारिक उलझनें तथा आकस्मिक खर्च बढ़ेंगे। अत्यधिक कठिन संघर्ष के बाद भी धन लाभ कम रहेगा। 15 मार्च के बाद सूर्य भी द्वादश होने से आंखों को कष्ट एवं रक्त विकार का भय।

अप्रैल
राशि पर मंगल शुक्र का योग बना हुआ है। यद्यपि निर्वाह योग्य धन लाभ के अवसर प्राप्त होते रहेंगे परंतु मनोरंजन एवं विलासादि कार्यों पर खर्च अधिक रहेंगे। संसारिक कार्यों में प्रगति होगी। गृह में खुशी का वातावरण बनेगा उच्च प्रतिष्ठित लोगों के साथ संपर्क बनेंगे। भगवान शिव की उपासना करना शुभ रहेगा।

मई
मासारम्भ में राशि पर सूर्य, मंगल का योग है। धन लाभ एवं उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। उच्च प्रतिष्ठित लोगों के साथ संपर्क बनेंगे। 15 मई के बाद सू, बु, मं दूसरे भाव में होने से कार्यों में विध्न बाधाएं होंगी। आय कम व खर्च अधिक होंगे। श्री हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ रहेगा।

जून 
राशिस्वामी मंगल दूसरे भाव में अस्ंतगत है। अत्यन्त कठिनाईयों के बाद आय के साधन बनेंगे। वृथा भागदौड़ एवं आकस्मिक खर्च अधिक होंगे। शनि की ढैय्या के कारण परिवार में मन मुटाव एवं खर्च अधिक रहेंगे। श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने शुभ होगा।

जुलाई
मासारम्भ में मंगल तृतीय भाव में सूर्य के साथ अस्तंगत है। संघर्ष के बावजूद धन लाभ के साधन बनते रहेंगे। भूमि, जायदाद एवं वाहनादि पर खर्च अधिक होंगे। परिवार में खुशी का वातावरण बनेगा। शनि ढैय्या के कारण बनते कामों में अड़चने पैदा होंगी। धन हानि, कार्य विलम्ब होने की चिंता होगी। घरेलु व व्यवसायिक उलझनें बढ़ेंगी।

अगस्त
शुरू में ही राशिस्वामी मंगल अस्तंगत है, शनि की ढैय्या का प्रभाव भी है। फलस्वरूप अत्यधिक दौड़ धूप के बावजूद आय में कमी एवं खर्च अधिक होंगे। कार्य व्यवसाय में उलझनें एवं रूकावटें पैदा होंगी। क्रोध अधिक एवं तनाव से परिवारिक जनों के साथ मनमुटाव हो। मंगलवार के व्रत रखना शुभ होगा।

सितंबर
इस राशि पर गुरू की शुभ दृष्टि होने से अकस्मात धन लाभ के अवसर मिलेंगे। प्रयास करने पर कोई रूका हुआ काम बनेगा। परिवार में खुशी का वातावरण रहेगा। शनि की ढैय्या होने से जमीन जायदाद व वाहमादि पर खर्च अधिक होगा। घरेलु परिस्थितियों के कारण तनाव रहेगा। शिवालय में दूध, जल व बिल्वपत्र हर सोमवार व शनिवार को चढ़ाएं।

अक्तूबर
मासारम्भ में इस राशि पर गुरू की शुभ दृष्टि पड़ रही है। किसी प्रतिष्ठित मित्र की सहायता से बिगड़े हुए काम बनेंगे। नए कार्य की योजना बनेगी। शनि की ढैय्या होने से स्वास्थ्य में विकार और चोटादि का भय है। यद्यपि गत किए प्रयासों में सफलता प्राप्त होगी एवं खर्च अधिक रहेंगे। श्री गायत्री मंत्र का पाठ शुभ होगा।

नवम्बर
मासारम्भ में इस राशि पर सूर्य की उच्चदृष्टि होने से कुछ बिगड़े कामों में सुधार होगा। धन लाभ के साथ-साथ खर्चों की भी अधिकता रहेगी महत्वपूर्ण विदेशी कामों में कुछ प्रगति के आसार बनेंगे। उत्तराद्ध भाग में क्रोध एवं आवेश से बचना चाहिए। गह क्लेश होने के योग हैं। कार्तिक महात्मय का पाठ करना शुभ होगा।

दिसम्बर
शनि की ढैय्या तथा शुक्र की दृष्टि होने से मिले-जुले फल प्राप्त होंगे। व्यवसाय में उन्नति तथा लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। कुछ बिगड़े कार्यों में सुधार होगा। सवारी आदि सुख साधनों में खर्च होगा। उत्तराद्ध में किसी विदेशी मित्र द्वारा धन प्राप्त होगा। अकस्माक यात्रा के योग हैं। श्री सुंदर काण्ड का पाठ करना शुभ होगा।

 

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