ज्यादा ‘कॉफी’ पीना सेहत के लिए हानिकारक

Posted on December 28 2014 by pits

‘इंटरननेशनल स्कूल फॉर एडवांस्ड स्टडीज इन इटली’ की वेलरी लेस्क को विश्वास है कि कैफीन दिमाग के अन्य रास्तों को बंद कर देता है और शरीर की सजगता बढ़ा देता है. इससे शब्दों को याद कर पाना एक बार कठिन हो जाता है. वह कहते हैं कि यह व्यावहारिक मनोविज्ञान है. कैफीन में मस्तिष्क को उत्तेजित करने तथा सजगता बढ़ाने का गुण होता है परंतु वेलरी लेस्क व उसके साथ ट्रिनिटी कालेज डबलिन के स्टीफन गेम्बल ने पाया कि कैफीन छोटे शब्दों की याददाश्त में बाधा डाल सकता है. यह उस शब्द को याद करने की कोशिश पर निर्भर करता है.

बता दें कि इस अध्ययन के लिए उन्होंने 32 महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को दो समूहों में विभाजित किया जिसमें से एक समूह को 200 मि.ग्रा. कैफीन दिया गया जो दो कप स्ट्रांग काफी में पाए जाने वाले कैफीन के बराबर होता है, वहीं अन्य समूह को इसी के समान एक अन्य औषधि दी गई. इसके बाद उन विद्यार्थियों को 100 सामान्य ज्ञान वाले प्रश्नों के उत्तर पूछे गए जिनके उत्तर एक शब्द के थे.

उदाहरणार्थ पूछे जाने वाला एक प्रश्र ‘प्राचीन मिस्र लेखक का नाम’ था, जिसका उत्तर ‘चित्र लेखिकी’ बताया गया. उन्हें सही उत्तर के पहले विकल्प के 10 शब्द भी दिए गए जिसमें दो शब्द नजदीकी अर्थ वाले थे. इसमें पाया गया कि कैफीन लेने वाले विद्यार्थियों की याददाश्त अपेक्षाकृत कम थी. उन्हें किसी शब्द का शुरूआती अक्षर बताने पर भी उसे याद कर पाने में कठिनाई महसूस हुई जैसे सही उत्तर ‘चित्र लेखिकी’ के ‘चित्र’ को याद दिलाए जाने पर भी वे सही उत्तर बता पाने में असमर्थ थे.

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