मौत का आशियाना- भाग 2 शिर्के बिल्डर और म्हाडा ने रहिवाशियों को बिठाया मौत के ढेर पर…

Posted on December 21 2014 by pits

   (पिट्स २०१२ कि खबर)

मुंबई(चंदन पवार): जिस पर विश्वास होता है वहां हम आँख बंद कर उस पर निर्भर रहते हैं. ऐसा ही विश्वास लोगों का म्हाडा के ऊपर और उनके द्वारा बनाई बिल्डिंगो के ऊपर है परन्तु अब इस विश्वास को छेद जाने लगा है. इसका कारण यह है कि प्रतिक्षानगर सायन स्थित म्हाडा कि शिर्के बिल्डर द्वारा बनाई गई चैत्यन्य-एम्-8 (एमआयजी) बिल्डिंग के लगभग 20 पिलरों को छेद गया है और कई घरो के अंदर दिवारो मे दरारे पद गई है.जिसकी वजह से यहां रहनेवाले रहिवासी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं इसलिए वह म्हाडा और शिर्के बिल्डर पर क़ानूनी कार्रवाई करने के मूड में हैं.

इस बिल्डिंग को म्हाडा द्वारा कब्जे में लेकर केवल एक साल हुआ है, ऐसे में इस तरह का हादसा देख यह कहना उचित है कि शिर्के बिल्डर द्वारा बनाई गई. इस बिल्डिंग में किस तरह का घपला हुआ है अगर भविष्य में भूकंप का थोडा बहुत भी झटका महसूस होगा तो यह बिल्डिंग ताश के पत्ते की तरह गिर सकती है? फिर इनके जिम्मेदार म्हाडा, शिर्के बिल्डर और उसके इंजीनियर होंगे. इस बिल्डिंग में लगभग 112 रहिवाशी रहते हैं इसमें से कुछ रहिवाशियों से हमने बात की तो उनका कहना था कि, “अगर साल भर में ही इस बिल्डिंग के पिल्लरों में दरारे पड सकती है तो आनेवाले समय में यह बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है? एक नहीं दो नहीं बल्कि 20-20 पिल्लरों में हुए इस छेड़ से यह मालूम होता है कि शिर्के बिल्डर म्हाडा के साथ साथ लोगों को भी धोखा दे रहे है. उनका आगे यह भी कहना था कि इस बिल्डर ने आज एक साल के बाद भी पूरा काम नहीं किया है. म्हाडा और शिर्के बिल्डर के कर्मचारियों के मिलीभगत से हमें आज यह दिन देखने को मिल रहा है इसलिए हम एम्-8 के रहिवाशी शिर्के बिल्डर और म्हाडा पर किस तरह की कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं इसकी राय ले रहे हैं.”

इस तरह की पोल खोल होने के बाद इस बिल्डर की योग्यता कि जाँच करने की जरूरत है क्योंकि अगर इसी तरह यह बिल्डिंग बनाते रहे तो एक दिन ऐसा आएगा जो कोई भी सोच नहीं सकता है. अगर इस बिल्डिंग को ईमानदारी से बनाया जाता तो आज यह नौबत नहीं आती इसलिए हमारा म्हाडा के सीईओ से कहना है कि इस विषय में गंभीरता से ध्यान दे और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के ऊपर कार्यवाही करें क्योंकि इसके पहले भी 2004 में बनी L-7 बिल्डिंग में कई लोगों के घरों में और बिल्डिंग के आजूबाजू दीवारों में दरारो की घटना घट चुकी है. उस समय पिट्स न्यूज ने पोल खोल की थी. जिसकी हमें जानकारी मिलती है, उसका सच हम सामने लाते हैं परन्तु न जाने म्हाडा के अधिकारी और शिर्के के इंजीनियरों की मिलीभगत से आज मुंबई की कई बिल्डिंगो में ऐसा घपला हो. अगर भविष्य में शिर्के बिल्डर द्वारा बनाई गई बिल्डिंग में कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदारी म्हाडा और शिर्के बिल्डर की होगी.

बी.जी.शिर्के कन्स्ट्रक्शन टेक्नोलजी प्रा.लि.नाम के इस कंपनी को ISO 9001:2008, ISO 10441:2004 और OHSAS 1800:2007 क्वालिटी और हेल्थ के लिए भी सम्मानित किया गया है. 67 साल के अनुभव से गुजरी इस कम्पनी के बिल्डिंगों की हालत देखने के बाद ISO देनेवाली संस्थाओं के ऊपर ही प्रश्नचिन्ह लग गया है, हम जल्द ही ISO देनेवाली संस्थाओं से बात कर इसकी सही जानकारी लोगों तक पहुचाऐंगे.

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