स्तनपान संबंधि भ्रांतियों को करें दूर

Posted on December 7 2014 by pits

मां-बच्चे के बीच रिश्ते को और प्रगाढ़ बनाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुधारने और ब्रेस्ट कैंसर से खतरे को कम करने के लिए स्तनपान सर्वश्रेष्ठ तरीका माना जाता है. इससे आपके बच्चे का बहुमुखी स्वास्थ्य सुनिश्चित होता है. गौरतलब है कि स्तनपान के संबंध में आम तौर पर लोगों में कई भ्रांतियां तथा गलत धारणाएं पाई जाती हैं. आइए जानें ऐसी ही कुछ भ्रांतियों और उनके वास्तविक तथ्यों के बारे में:

भ्रांति: कुछ निश्चित खाद्यों से परहेज करें
तथ्य: यह एक बहुत ही सामान्य भ्रांति है जो नई बनी मांओं में व्याप्त है कि उन्हें अधिक वजनी या प्रोटीन से भरपूर डाइट का सेवन नहीं करना चाहिए. यह भ्रांति अवैज्ञानिक है. जब तक आपको यह न लगे कि कोई खास खाद्य आपके बच्चे को सूट नहीं करता तब तक संतुलित भोजन आपके लिए बहुत जरूरी है.

भ्रांति: बीमारी के दौरान स्तनपान न करवाएं
तथ्य: यदि आपको बुखार या डायरिया हो तो बच्चे को स्तनपान करवाना छोड़ न दें. जुकाम तथा बुखार जैसी आम समस्याएं स्तनपान के माध्यम से एक-दूसरे तक नहीं पहुंचतीं. मां के दूध में कई एंटीबॉडीज होते हैं जो बच्चे को बिल्कुल ऐसी ही समस्याएं होने से बचाते हैं. लगातार स्तनपान करवाने से बच्चे की रक्षा करने में बहुत सहायता मिलती है. यदि आप बीमार हैं तो तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें और अपने बच्चे को उठाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह धो लें.

भ्रांति: मां के दूध में आयरन अधिक नहीं होता
तथ्य: मां के दूध में बच्चे की जरूरत के अनुसार पर्याप्त आयरन होता है. फार्मूले के हिसाब से देखें तो बच्चे में आयरन जज्ब नहीं होता या बहुत कम जज्ब होता है परन्तु बच्चों के मामलों में यह फार्मूला अपनाने की जरूरत नहीं है इसलिए 6 महीने तक बच्चे की डाइट में सिर्फ मां का दूध ही होना चाहिए.

भ्रांति: कोलोस्ट्रम को फेंक देना चाहिए
तथ्य: कोलोस्ट्रम एक पीले रंग वाला गाढ़ा तरल होता है जो बच्चे के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीबॉडीज पाए जाते हैं और यह बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार लाता है. जन्म के बाद पहले कुछ सप्ताहों तक बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिए इसकी बहुत जरूरत होती है.

भ्रांति: फार्मूला मिल्क ब्रेस्ट मिल्क जैसा ही होता है
तथ्य: देखने में यह ब्रैस्ट मिल्क जैसा ही होता है परन्तु यह किसी भी तरह ब्रेस्ट मिल्क से मैच नहीं कर सकता. मां के दूध में मौजूद प्रोटीन्स तथा फैट्स बुनियादी तौर पर फार्मूला मिल्क में पाए जाने वाले इन तत्वों से  अलग होते हैं. फार्मूला मिल्क के तत्व कुछ हद तक बच्चे की सहायता कर सकते हैं परन्तु उनका प्रभाव मां के दूध जैसा बिल्कुल नहीं हो सकता.

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