सम्पत्ति खरीदने से पहले इन बैटन पर दें ध्यान

Posted on November 23 2014 by pits

सबसे महत्वपूर्ण है कि आपको वह सम्पत्ति खरीदने की आवश्यकता है जो बढिय़ा स्थान पर स्थित हो. शहर के बढिय़ा हिस्से तथा सभी सुविधाओं जैसे स्कूल, दुकानें तथा कैफे आदि के नजदीक उसका होना आवश्यक है. अगर गुणवत्ता के लिए आपको ऋण भी लेना पड़े तो कोई बात नहीं. हमेशा अच्छे क्षेत्र में ही सम्पत्ति खरीदें. जिस दिन आप सम्पत्ति खरीदेंगे उसी दिन यह महंगी लगेगी.
सिर्फ वही खरीदें जिसमें आप समर्थ हैं. कभी भी अपने पारिवारिक घर को जोखिम में न डालें.

कुछ महत्वपूर्ण बातें जिनकी जांच-पड़ताल करनी चाहिए:

1)  सड़कें तथा निकास प्रबंध

2)  सम्पर्क एवं पहुंच सुगमता

3)  पानी की उपलब्धता तथा गंदे पानी की निकासी

4)  बिजली

5)  सामूहिक आधारिक-संरचना

6)  शहरी रूप

7)  अड़ोस-पड़ोस/इलाका

इन बातों पर भी दें ध्यान:

बहुत सारे ठेकेदार, सम्पत्ति विकासकर्ता, भूमि-सम्पत्ति एजेंट सक्रिय हैं तथा इसमें कोई शक नहीं कि इसमें से कुछ सिर्फ जल्दी पैसा बनाने के चक्कर में हैं. फलस्वरूप इस क्षेत्र में कई डरावनी तथा चकनाचूर स्वप्नों की कहानियां ढूंढना बहुत आसान है इसलिए सिर्फ कथनों पर ही विश्वास न करें.

सतर्कता बरतनी जरूरी है: यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप जिस कीमत पर चाहते थे उसी कीमत पर आपने उसे प्राप्त किया है, आवश्यक सावधानियां रखना बहुत मुश्किल नहीं होगा. अगर आप बहुत बड़ी रकम का त्याग करने जा रहे हैं (घर को तैयार करने के लिए लगने वाले समय तथा ऊर्जा इसके अलावा है) तो अपने आप को हर कदम पर सतर्क रखो और सभी जरूरी जांच-पड़ताल करो.

निश्चय ही सभी प्रकार की सम्पत्तियों के लिए स्पष्ट स्वामित्व तथा उचित स्वीकृतियां आवश्यक हैं. इस संबंध में वकील आपकी सहायता कर सकते हैं. भूमि या सम्पत्ति मामलों के जानकार किसी वकील की सेवा लेना ठीक है क्योंकि कोई भी वकील आपके समझौते से पीछे हटने पर अपनी प्रतिष्ठा तथा नौकरी को दांव पर नहीं लगाएगा.

पुरानी सम्पत्तियां खरीदना: अधिकतर सम्पत्तियां एक से अधिक एजेंट के पास रजिस्टर्ड हैं इसलिए किसी अन्य जगह कम कीमत पर इसकी तलाश करना अकलमंदी है. नियमानुसार कोई निश्चित कमीशन शुल्क नहीं है इसलिए सिद्धांत के तौर पर एजेंट अपनी मर्जी अनुसार सौदे के लिए वसूलते हैं. सिविल इंजीनियरों, सर्वेक्षकों तथा मूल्यांकनों द्वारा सम्पत्ति संबंधी किए गए स्वतंत्र सर्वेक्षणों की ओर ध्यान दें. रस्मी तौर पर यह सब आपको सम्पत्ति की कीमत संबंधी सुझाव देने में समर्थ नहीं होगा परन्तु आप अंदाजा तो लगा ही सकते हैं.

निर्माणाधीन नया घर खरीदना: कई डिवैल्पर वे सम्पत्तियां बेचेंगे जो अभी तक निर्मित नहीं हैं परन्तु परियोजना के रूप में अभी तक कागजों पर ही हैं. नियमानुसार आपको यह यकीन दिलाया जा सकता है कि स्वामित्व संबंधी अधिकार तथा स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है. पैसा देने से पहले आपको इकरारनामे की शर्तें देखने की आवश्यकता है.(अदायगियों में किस प्रकार फर्क होगा? क्या इमारत के तैयार होने का समय उसका आकार आदि ऐसा हो पाने पर जुर्माने की शर्तों के साथ स्पष्ट किया गया है आदि).
उचित यही होगा कि आप इस इकरारनामे की जांच-पड़ताल तथा अगर आवश्यक हो तो इसे नए सिरे से बनाने के लिए एक स्वतंत्र वकील की सेवाएं प्राप्त करें. जिस कम्पनी की परियोजना में आप घर खरीदना चाहते हैं सबसे महत्वपूर्ण बात है कि जहां तक संभव हो सके आप उसके ट्रैक रिकॉर्ड की जांच करें. उसकी सेवाओं एवं विशेषताओं संबंधी जानकारी प्राप्त करें. क्या वह प्रतिष्ठा के लिए बढिय़ा ठेकेदार तथा सामान प्रयोग करने वाली है? क्या वह अपने ग्राहकों को इमारत की प्रगति संबंधी जानकारी उपलब्ध कराते हैं? क्या पहले कम्पनी की कोई ज्ञात समस्या रही है? अपने आप को जानकारी उपलब्ध करवाएं, आसपास से पता करें, कुछ पुराने ग्राहकों की जानकारी भी प्राप्त करें.

जो सम्पत्तियां पहले ही निर्मित हैं उनको देखने के लिए मालिक से बात करें. कम्पनी जो सेवाएं उपलब्ध करा रही है अगर उसमें यकीन महसूस कर रही है तो वह आपको उसका संदर्भ उपलब्ध करवाने में हिचकिचाएगी नहीं.

भूमि खरीदना: सर्वप्रथम आपको यह जांच करनी होगी कि इमारत संबंधी स्वीकृति/परमिट प्राप्त हो गया है अथवा होने वाला है. यही उचित होगा कि आप दस्तावेज योजना अधिकारी से प्राप्त करें जिसमें विचार अधीन प्लॉट की इमारत के लिए विनियम दर्ज हो. यह दस्तावेज स्पष्ट करेगा कि कितने वर्ग मीटर की स्वीकृति प्राप्त है तथा क्या कोई बंदिश है. इस बात पर भी गौर कर लें कि वहां तक बिजली-पानी की सुविधा लाने की लागत क्या होगी?

अगर आप किसी अविकसित क्षेत्र में भूमि खरीद रहे हैं तो इस बारे जानकारी प्राप्त करें कि क्या निकट भविष्य में वहां विकास की कोई योजना है. अगर किसी कम्पनी द्वारा आजकल में ही भूमि का बड़ा क्षेत्र खरीदा गया है तो यह एक इसका निश्चित संकेत होगा. यह भी कल्पना करने की कोशिश करें कि आपके साथ वाली भूमि पर निर्माण हो जाए तो आपका मकान कैसा लगेगा? क्या किसी अन्य ढंग से यह आपको प्रभावित करेगा?
सम्पत्ति के क्रय, विक्रय अथवा विकास के लिए संबंधित राज्य के स्थानक नियम लागू होते हैं. कुछ विषय जो सम्पत्ति मामलों को प्रभावित कर सकते हैं वे इस प्रकार हैं-

1)  स्थानक पंजीकरण फीस

2)  स्थानक स्टैम्प ड्यूटी दरें

3)  स्थानक भूमि नियम

4)  स्थानक निर्माण उप-नियम

5)  स्थानक विकास प्राधिकरण नियम

6)  स्थानक सम्पत्ति कर

7)  स्थानक नगर निगम नियम/कर

8)  सम्पत्तियों पर स्थानक नियमों के अलावा कुछ केंद्रीय नियम भी लागू होते हैं

9)  सम्पत्ति हस्तांतरण अधिनियम 1882

10)पंजीकरण अधिनियम 1908

11)विशेष सहायता अधिनियम 1963

12)भूमि प्राप्ति अधिनियम

बेनामी सम्पत्ति कार्य विवरण अधिनियम

Powered By Indic IME