देश मे कई क्राइम जेल से हो रहे है ऑपरेट

Posted on November 23 2014 by pits

मुंबई (चंदन पवार): आज देश के कई शहरों में गुनाहगारों ने अपना जाल फैला रखा है, इनके क्राईम करने के तरीके और आधुनिक हत्यारों से हमारे फ़ोर्स से लड़ने की तैयारी देखकर, इस क्राईम की दुनिया में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो गए हैं यह देखने को मिल रहा है. इनका जेल में बैठकर मोबाईल से क्राईम करने का अनोखा तरीका दिन-ब-दिन बढ़ रहा है और इसमें जेल के कई अधिकारी शामिल होने की वजह चिंता का विषय बन गया हैं.

मिली जानकारी के अनुसार आज भारत के कई जेलों में अपराधी बड़े स्तर पर मोबाईल और अन्य साधनों का इस्तेमाल करने लगे हैं. क्राईम से जुडी तहकीकात करने पर हमें बड़ी खौफनाक जानकारी मिली. बतानेवाले ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा कि जब कोई बड़ा अपराधी जेल में आता है तो उसका विशेष ख्याल रखा जाता है उसे जो भी चाहिए होता है वह जेल में बैठकर पा सकता है, वहां बैठे-बैठे वह अपने मोबाईल से अपना गैंग चलाता है जो भी क्राईम करना है वह जेल से ऑपरेट करता है जिसकी वजह से क्राईम में बढ़ोतरी हो रही है. आगे बताते हुए उसने कहा कभी कभी यह बड़े अपराधी रात में जेलों के बाहर आकर अपने मंसूबों को पूरा करके फिर उसी रात जेल में चले जाते हैं जिससे पुलिस फ़ोर्स को यह पता नहीं चलता है कि जो घटना घटी है उसका जिम्मेदार कौन है.

अक्सर यह सभी घटनाएं हमने फिल्मों में होती देखी है परन्तु यह हकीकत है. आज जेल में बैठे-बैठे कई छोटे-बड़े अपराधी क्राईम को अंजाम दे रहे हैं. अगर उदाहरन के रूप में देखा जाए तो जब केन्द्रीय जेल कपूरथला और जालंदर प्रशासन की ओर से जेलों की चेकिंग की गई तब कई कैदियों के पास मोबाईल फोन और सिम कार्ड हासिल किए गए. वहीँ दूसरी ओर रोहतक की सुनारिया जेल एक बार फिर सुर्ख़ियों में आया. पुलिस अधीक्षक की एक टीम ने चार कैदियों के पास चार मोबाईल और पांच सिम कार्ड बरामद किए थे और यह सभी कैदी हत्या और संगीन वारदातों के आरोपी थे.

जेल के कानूनों में आज बदलाव करने की जरूरत है जब किसी भी कैदी के पास मोबाईल मिलता है. तो उसे सिर्फ लिया जाता है परन्तु उस कैदी को कोई सजा नहीं मिलती अगर किसी कैदी के पास मोबाईल या घातक चीजें मिलती है तो उस कैदी की शिक्षा में बढ़ोतरी होने का कानून होना चाहिए परन्तु देश का दुर्भाग्य कहें या लोक प्रतिनिधियों की अनास्था कहें आज भी ऐसे कानून बने नहीं है. सभी जेलों में मोबाईल जैमर लगने चाहिए जिससे बड़े पैमाने पर जेलों से ऑपरेट होनेवाले क्राईम को रोका जा सके. देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह से हमें उम्मीद है कि इस तरह बढ़ रहे अपराधों के बारे में वह सख्त कदम उठाए और देश की जनता को सुकून का एहसास कराएं.

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