बच्चों के साथ बन जाएं बच्चा

Posted on November 16 2014 by pits

वतमान समय में किसी के पास इतना समय नहीं है कि वह अपने साथ कुछ समय बिता ले. लोग पैसा कमाने की दौड़ में इतने मशरूफ हो गए हैं कि वह जीवन के छोटे छोटे पलों का आनंद लेना भूल गए हैं.  आजकल माता-पिता दोनों काम करते हैं ऐसे में बच्चों के साथ समय बिताने का उन्हें समय ही नहीं मिलता है. वह बच्चों को उतना समय नहीं दे पाते जितना उन्हें देना चाहिए.

गौरतलब है कि माता-पिता के पास बच्चों को पढ़ाने के लिए वक्त नहीं है इसलिए वह अपने बच्चों को झट महंगी से महंगी ट्यूशन और कोचिंग की व्यवस्था कर देते हैं. इसके आलावा बच्चों को पार्क में ले जाने का वक्त नहीं है तो घर पर ही कम्प्यूटर, वीडियो गेम और भी जानें क्या-क्या गैजेट्स का इंतजाम वह कर देते हैं.  बच्चा अब दिन भर बिना बाहर की फ्रेश हवा खाए नेट पर क्या-क्या देखता है, हिंसा से भरे कौन-कौन से गेम खेलता है. माता-पिता यही सोचते हैं कि हमारा बच्चा कम से कम हमें तो तंग नहीं कर रहा है और वह यह सोच क्र संतुष्ट रहते हैं कि वह अपने बच्चे के लिए क्या-क्या नहीं कर रहे, वह उनपर कितना पैसा खर्च कर रहे हैं.

रिच डाइट का हम बखान तो बहुत करते हैं लेकिन क्या जंक फूड तक बच्चों की पहुंच रोकने के लिए गंभीरता से कुछ करते हैं. नहीं, माता-पिता बच्चे को पॉकेट मनी और मोबाइल देकर ही अपने कर्तव्य को पूरा करना समझ लेते हैं. हालांकि बच्चों के साथ एक बार बच्चा बन कर देखिए, सच में आपका बचपन लौट आएगा. शाम को बच्चे को साथ लेकर पार्क जाइए, वहां उनके साथ खेलिए. आप अपने सरे तनाव भूल जायेंगे और अपने उसी बचपन में लौट जाएंगे.

माता-पिता को अपने बच्चों का दोस्त बनना चाहिए. घर में ऐसा वातावरण बनाना चाहिए कि बच्चे उनके साथ दिल की सारी बात कर सकें. इसके लिए घर में रोजाना शाम का खाना सब मिल कर खाएं,  फ़िर एक दो घंटे सब मिल कर बैठें.  बच्चों को छुट भी दो लेकिन उन पर नजर भी रखो, इसी तरह से बच्चों का सही मार्गदर्शन कर पाएंगे आप.

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