प्रॉपर्टी बाजार में उछाल?

Posted on August 11 2014 by pits

ऐसा लगता है कि देश के रियल एस्टेट बाजार पर अब मोदी प्रभाव का असर होने लगा है. इसका एक संकेत इस तरह से दिखाई देने लगा है कि उत्तरोत्तर-आश्वस्त होती कंपनियों ने विस्तार की उम्मीदों में बड़ी और बेहतरीन जगहों को किराए पर लेना शुरू कर दिया है. गौरतलब है कि पिछले 3 वर्षों से सुस्ती भरे देश के प्रॉपर्टी बाजार ने नींद से जागना शुरू कर दिया है. जानकारों के मुताबिक इसकी आंशिक वजह देश के नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हैं.

जानकारों के मुताबिक कारोबारी इस वक्त को अच्छा मान रहे हैं. उन्होंने विकास के लिए कमर कस ली है और मानते हैं कि वे अब जोखिम ले सकते हैं. पिछले साल तक देश के करीब 25 प्रतिशत ऑफिस स्पेस खाली पड़े थे क्योंकि देश निम्र विकास और आत्मविश्वास की कमी से जूझ रहा था. ये आंकड़े अब 20 प्रतिशत पर आ गए हैं और इनके लगातार गिरने की उम्मीद है क्योंकि मांग बढ़ रही है जबकि नए शुरू हो रहे ऑफिस परियोजनाओं की संख्या धीमी पड़ गई है. बता दें कि एक साल पहले की तुलना में ऑफिस स्पेस की मांग जून में खत्म हुई तिमाही में बढ़कर 14 फीसदी हो गई.

मजबूत रियल एस्टेट बाजार को देखते हुए लोग प्रचलित निम्र बाजारीय दरों से फायदा पाने के लिए डिवेल्पर्स और मकान मालिकों के साथ जल्द से जल्द सम्पर्क बनाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि आने वाले वक्त में किराया बढऩे की पूरी सम्भावना देखी जा रही है. अगले छ: महीनों में देश के सात सबसे बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलूर, चेन्नई, पुणे, कोलकाता और हैदराबाद में किरायों में पिछले साल के 5 से 7 प्रतिशत के मुकाबले 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

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