मानसून में आपका पर्स ऐसा होना चाहिए…

Posted on July 28 2014 by yogesh

इधर वर्षा की फुहारें शुरू हुई नहीं कि उधर महिलाओं और युवतियों में इस बात की टेंशन बढ़ जाती है कि वे अपने पर्स को और उससे भी ज्यादा उसमें रखे सामान को भीगने से कैसे बचाएं? ऐसे में कभी वे उसे रेनकोट और छाते में छिपाती हैं तो कभी किसी दुकानदार से प्लास्टिक का कैरी बैग मांगती हैं. इतनी सावधानी के बाद भी पर्स भीग जाता है और साथ ही पर्स में रखी किताबें, नोट्स, मोबाइल, रुपए, मेकअप का छोटा-मोटा सामान तथा अन्य जरूरी सामान भीग कर खराब हो जाते हैं.

लेकिन इस समस्या से बचने के लिए इन दिनों मार्कीट में वाटरप्रूफ मैटीरियल से बने बड़े हैंड बैग्स, क्लच और सिंपल पर्स उपलब्ध है. ऐसे सामान सुरक्षित रहने के साथ-साथ आपको बारिश में भीगने का आनंद लेने को भी प्रेरित करते हैं. बस जरूरत है तो इस बात की कि इस मौसम में आपको अपना रूटीन पर्स वार्डरोब में रखना होगा तथा वॉटरप्रूफ पर्स खरीदना होगा.

ट्रांसपेरेंट से लेकर कार्टून प्रिंट तक के पर्स: पर्स एवं बैग्स की अधिकांश कलेक्शन कॉलेज जाने वाली गर्ल्ज के पास देखी जा सकती है इसलिए मार्कीट में भी उनके अनुसार ही डिजाइन उतारे जाते हैं. यही कारण है कि पीठ पर टांगे जाने वाले कॉलेज बैग के अलावा छोटे ट्रांसपेरेंट, कार्टून कैरेक्टर, फ्लोरल एवं डिजीटल प्रिंटस से सजे बैग्स या फिर सिंपल हैंडबैग्स देखे जा सकते हैं. इसके अलावा महिलाओं के लिए वाटरप्रूफ मैटीरियल से बने बड़े हैंडबैग्स, क्लच और सिंपल पर्स भी मार्कीट में उपलब्ध हैं.

स्पेस की भी कमी नहीं: यदि कालेज बैग्स में सारी किताबें और नोट्स आ सकते हैं तो एक बड़े हैंड बैग में एक जोड़ी सूट के अलावा आप बच्चे का डाइपर या उसके कपड़े भी कैरी कर सकती हैं. ये सिर्फ स्पेस और कंफर्ट ही नहीं उपलब्ध करवाते बल्कि आकर्षक लुक में भी मिलते हैं, जिन्हें आप जींस, सलवार-सूट, स्कर्ट, साड़ी, फ्रॉक आदि किसी भी परिधान के साथ इस्तेमाल कर सकती हैं.

दो कैटेगरी में हैं उपलब्ध: आर्टिफिशियल लैदर, प्लास्टिक, पैराशूट मटीरियल तथा अन्य वाटरप्रूफ मटीरियल से बने ये बैग्स दो कैटेगरी में उपलब्ध हैं. इनमें एक तरह के बैग्स तो वे होते हैं, जो पूरी तरह वाटरप्रूफ नहीं होते परंतु रिमझिम तथा हल्की-फुल्की बारिश को आसानी से झेल जाते हैं तथा दूसरे वे होते हैं जो बेहतरीन वाटरप्रूफ  मटीरियल से बने होते हैं और तेज बारिश से भी पर्स में रखे सामान को बचा सकते हैं.

टिप्स :

1)      यदि बरसात में बहुत कम बाहर निकलना हो तो सामान्य वाटरप्रूफ पर्स भी लिया जा सकता है. सामान की सुरक्षा के साथ-साथ महंगे पर्स को भी इससे खराब होने से बचाया जा सकता है.

2)      इन दिनों कुछ बड़े ब्रांड्स ने रिसाइकल किए जा सकने वाले मैटीरियल से भी वाटरप्रूफ  बैग्स बनाना शुरू किया है, जो ईको-फ्रैंडली होने के साथ-साथ आकर्षक लुक में भी उपलब्ध हैं.

वाटरप्रूफ बैग्स खरीदने से पहले अच्छी तरह से उसकी क्वालिटी परख लें क्योंकि कई बार हल्के मटीरियल के पर्स के भीतर पतले सिंथैटिक का कपड़ा लगाया होता है और ऐसे बैग्स ज्यादा देर बारिश नहीं झेल पाते.

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