बाल आश्रय गृह में बच्चों का यौन शोषण

Posted on May 31 2014 by yogesh

अलीबाग : महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के करजात तालुक के एक बाल आश्रय गृह में पांचबच्चों के साथ कथित तौर पर यौन शोषण के लिए दो अधिकारियों को गिरफ्तार कियागया. पुलिस ने बताया कि कुछ बच्चों के अभिभावकों ने आश्रम में यौन शोषणकी शिकायत की, जिसके आधार पर पुलिस ने चंद्रप्रभा ट्रस्ट के प्रमुख अजीत दाभोलकर और प्रबंधक ललिता टोंडे को गत मंगलवार को गिरफ्तार किया गया. दाभोलकर औरटोंडे रायगढ़ के करजात तालुक में आदिवासी और गरीब बच्चों के लिए आश्रमचलाते हैं.

गौरतलब है कि यहां 4 से 15 साल की उम्र के करीब 32 बच्चे रह रहे हैं. करजात पुलिस नेप्रारंभिक जांच में पता लगाया कि दोनों आरोपियों ने 11 से 15 साल उम्र कीलड़कियों और एक लड़के का कथित तौर पर यौन शोषण किया. करजात पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक एस.एम.जाधव ने बतायाकि दोनों आरोपी आश्रय गृह के बच्चों से जबरदस्ती अपने सामने यौन कृत्यकराते थे और ऐसा न करने पर अपना मलमूत्र खिलाने की धमकी देते थे. इन चीजोंका खुलासा तब हुआ जब आश्रम में रहने वाले एक बच्चे ने अपनी मां को इस बारेमें बताया.

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें 27 मईको रायगढ़ जिला सत्र न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 5 जून तक केलिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 377 (अप्राकृतिक यौनाचार), 354, 509, 342और यौन अपराध बाल संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 3, 5 और 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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