हेल्थ टिप्स – रक्त की एक बूंद से पता चल जाएगा इस बीमारी के शुरूआती लक्षणों का

Posted on April 29 2014 by yogesh

न्यूयॉर्क:रक्त की एक बूंद से अस्थमा के शुरुआती मामलों का पता तेज, सस्ते और अधिकसटीक तरीके से लगाया जा सकता है. यूनिवर्सिटी ऑफ विसकोनसिन मेडिसन के शोधकर्त्ताओं के मुताबिकयह हैंड-हेल्ड तकनीक अस्थमा का पता लगा सकती है. गौरतलब है कि बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डेविड बीबे के अनुसार आंकड़े दर्शाते हैं कि कुछ मामलों में न्यूट्रोफिल (श्वेत रक्त कणिकाओं के) के कार्य का पूर्वानुमान हो सकता है और इस मामले में यह वास्तव में अनुमान लगाता है किकिसी व्यक्ति को अस्थमा है या नहीं है.

यह अध्ययन दर्शाता है कि यह प्रक्रिया वास्तव में एक सस्ते, सरल और प्रयोगात्मक तरीके से काम कर सकती है. शुरुआती दौर में अस्थमा का सही पतालग पाना बहुत मुश्किल होता है. बीबे के अनुसार वर्तमान में अस्थमा का पताअप्रत्यक्ष तरीकों से लगाया जाता है जो कि अनुकूल नहीं है. वह दिखाते हैं कि कोशिका का कार्य अस्थमा का पता लगाने में प्रयोग किया जा सकता है.वह कोशिका कार्य का प्रयोग इस तरीके से कर सकते हैं जो कि साधारण, सस्ता और जांच में प्रयोग के लिए पर्याप्त है.

बता दें कि इसका पता शरीर की श्वेत रक्त कणिकाओं ‘न्यूट्रोफिल्स’ से चलता है. न्यूट्रोफिल्स शरीर में रसायन को गंध की तरह समझ लेती हैं. शोधकर्ताओं नेएक किट-आन-ए-लिड-एसे (केओएएलए) माइक्रोफ्यूडिक प्रौद्योगिकी विकसित की हैजिससे रक्त की एक बूंद में ही न्यूट्रोफिल्स खोजने में मदद मिली. रसायन केमिश्रण से न्यूट्रोफिल्मस में कंपन पैदा किया जाता है और शोधकर्ता सॉफ्टवेयर का उपयोग करके यूट्रोफिल के केमोटेक्सिस वेलोसिटी का विशलेषण करसकते हैं. प्रोसीडिंग ऑफ द नेशनल अकेडमी ऑफ साइंसेज(पीएनएएस) के शोधपत्रमें प्रकाशित अध्ययन में बीबे ने कहा कि, ‘कोएएएलए अगली पीढ़ी के बायोमेडिकल शोध किट का प्रतिनिधित्व करता है.’

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