हर महिला में है शक्ति, हर वूमन में होती है सुपर वूमन

Posted on March 24 2014 by yogesh

महिला शक्ति के लिए इस गाने के बोल कितने सटीक लगते हैं कि ‘कोमल है कमजोर नहीं तू, शक्ति का नाम हीनारी है. जग को जीवन देनेवाली मौत भी तुझसे हारी है.’ इसी तरह अपनेसपनों में वास्तविकता के रंग और हौसलों में उड़ान भरने के लिए नारीने जबकदम बढ़ाए तो बेशक रास्ते काफी मुश्किलों भरे थे लेकिन उसने अपनीमेहनत औरआत्मविश्वास के बल पर समाज के ऐसे क्षेत्रों में अपनी उपस्थितिदर्ज करवाईजहां केवल पुरुषों का एकाधिकार था. उसके मजबूत इरादों सेउपलब्धियां बढ़तीगईं और इतिहास बनते गए.

वर्तमान समय में भले ही महिलाओं के लिए बहुत सी चुनौतियां हैं लेकिन बदलते लाइफस्टाइल ने ही नारी को अपने तरीके सेजीने की आजादी भी दी है. महिलाओं की स्थिति में काफी बदलाव आए हैं औरउन्हें कई सुविधाएं भी मिलीहैं.

आज महिलाएं शहरों में ही नहीं बल्कि गांवों और छोटे कस्बों में भीसकारात्मक रूप में काम कररही हैं. उनकी स्थिति में बदलाव आए हैं. वे घर-बाहर के कार्यों के अलावा सोशल वर्क औरराजनीति में भी दिलचस्पी लेने लगी हैं. आज की बदली भूमिका ने जहां महिलाओंको आत्मनिर्भर बनाया है, वहीं उसकी जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं. वेमल्टी-टास्किंग हो गई हैं और अपनी इस खूबी को बढ़ाने के अवसर भी उन्हें मिलरहे हैं. इसी परिवर्तन ने उनके हाथों में नेतृत्व की कमान थमा दी हैजिसकेकारण वे ऐसी दुनिया में कदम रख चुकी हैं जहां उनके पास नाम, पैसा औरआजादीहैं. आज जॉब मार्कीट में महिलाओं के लिए अवसर बढ़ गए हैं.

जबकोई महिला पुरुष अधिकार वाले किसी क्षेत्र में काम करने के बारे मेंसोचतीहै तो उसके सामने दो तरह की मुश्किलें आती हैं. पहली यह कि उसे कईतरह कीसामाजिक व पारिवारिक समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है और दूसरेऐसे कामकरना जिन्हें पुरुषों के मुकाबले स्त्री का कोमल शरीर कर नहींपाता लेकिनफिर भी उसने इन मुश्किलों पर विजय पा ली है. पुरुष प्रधानक्षेत्र में नारीकी इच्छाशक्ति और खुद पर विश्वास के ने ही उसे एकअलग पहचान दी है.

वूमन नहीं, सुपर वूमन: मेहनती, जिम्मेदार, लीडरशिप क्वालिटी और टाइम मैनेजमैंट जैसे तमाम गुणोंके कारणआज नारी सुपर वूमन के रूप में जानी जाती है. कार्यक्षेत्र केसाथ-साथ वह एकसुपर मॉम और परफेक्ट वाइफ का रोल भी बड़ी अच्छी तरह निभारही है.

वैसेतो पुरुषों और महिलाओं को सरकार द्वारा समान अधिकार दिए गए हैंलेकिन केवलमहिलाओं को कुछ कानूनी अधिकार दिए गए हैं, जिनके बारे मेंजानकर वे काफीजागरूक हो गई हैं. किसी भी परिस्थिति में वे इनका फायदा उठासकती हैं जैसे  पिता की सम्पत्ति में बेटे के बराबर हिस्सेदारी, अपनीशादी में मिले उपहारउसी की सम्पत्ति, किसी भी महिला की इच्छा के विरुद्धउससे शारीरिकछेड़छाड़, उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात, बच्चे के पिता केस्थान पर मांका नाम और महिला अपने नाम से सम्पत्ति भी खरीद सकती है यारजिस्ट्रीकरवा सकती है. ये सभी अधिकार उसे सुरक्षित होने व समाज मेंउसका सम्माननीयस्थान होने का अहसासकराते हैं.

Powered By Indic IME