शिवसेना उम्मीदवार बबनराव घोलप को तीन साल की सजा

Posted on March 24 2014 by yogesh


(पिट्स प्रतिनिधि): ऐंटिकरप्शन ब्यूरो(एसीबी) की एक विशेष अदालत ने शिवसेना उम्मीदवार बबनरावघोलप को भ्रष्टाचार के मामले में तीन साल की सजा सुनाई है. घोलप और उनकीपत्नी शशिकला पर सश्रम कारावास के अलावा एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगायागया है. इन दोनों को स्रोत से अधिक आय होने का दोषी ठहराया गया. घोलपनाशिक कैंट इलाके से 1980 के दशक से विधायक हैं. वह शिवसेना-बीजेपी सरकारमें मंत्री भी रह चुके हैं.

बता दें कि एसीबी की विशेष अदालत के जज ए.वी. दौलतबादकर ने घोलप दंपती को जमानत दे दीहैइसलिए दोनों के तुरंत जेल जाने का खतरा टल गया. हालांकि मामले में सजा सुनाए जाने के बाद उनके राजनीतिक करियर पर जरूर सवाल लग गया है. ऐडवोकेटवाई.पी. सिंह के अनुसार, ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मुताबिक दो साल सेज्यादा की सजा सुनाए जाने के बाद कोई चुनाव नहीं लड़ सकता. घोलप की लोकसभाचुनाव की भावी उम्मीदवारी तो लटकी ही है, उनके एमएलए पद के ओहदे पर भी आंच आसकती है.

उल्लेखनीय है कि 1999 में घोलपने अपनी आय तो 50 लाख रुपये दिखाई थी, लेकिन खर्च 80 लाख रुपये बताया था. इस पर एसीबी ने उनके विरुद्ध आय के वैध स्त्रोतों से ज्यादा संपत्ति होनेका मामला दर्ज किया था.1999 में एक सोशल ऐक्टिविस्ट मिलिंद यावतकर ने घोलपदंपती के करप्शन को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी.यावतकर दरअसल अन्नाहजारे द्वारा स्थापित गैर-लाभकारी संगठन भ्रष्टाचार निर्मूलन कृति समितिसे जुड़े हैं. एसीबी ने 2001 में उन पर एक चार्जशीट दाखिल की थी.

इतना ही नहीं उनपर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं. घोलप समाजसेवी अन्ना हजारे के शुरुआती आंदोलनों के शिकार हुए थे. वे जिससमाजकल्याण विभाग के मंत्री थे, अन्ना ने उसके खरीद घोटाले में भ्रष्टाचारके कागजात पेश किए. उसके बाद घोलप को 1995 में अपमानित होकर मंत्री पदछोड़ना पड़ा था. शिवसेना ने उसी साल होने वाले चुनाव में घोलप को टिकट तकनहीं दिया. यह और बात है कि वह अपने इलाके से निर्दलीय चुनकर आए। पहले पार्टी के सहयोगी सदस्य बने और फिर शिवसेना में लौट आए. हालांकि उन्हेंपार्टी में पहले जैसा रुतबा नहीं मिल पाया.

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