सप्ताह की खास मुलाकात – श्री.मयंक गांधी (सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी, आमआदमी पार्टी)

Posted on February 3 2014 by yogesh

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री इतने निर्लज्ज हो गए हैं कि इन्होंने भ्रष्टाचार में कोई कमी नहीं छोड़ी है

मयंक गांधी ने अपने सामाजिक कार्य की शुरूआत अण्णा हजारे के आंदोलन से की. इन्होंने पूरे देश में भ्रष्टाचार के विरोध में अण्णा जी का साथ दिया परंतु जब सत्ताधारी पक्ष इनके आंदोलन की दखल नहीं ले रहा था तब इन्होंने अरविंद केजरीवाल के ‘आम आदमी पार्टी’ का साथ दिया. 26 नवंबर 2012 को स्थापित हुई‘आम आदमी पार्टी’ में तब से काम कर रहे हैं. मयंक गांधी आज मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति में ‘आम आदमी पार्टी’ को प्रमुख दावेदार पार्टी बनाने की तैयारी कर रहे हैं. इनके साथ हमारे सहा.संपादक चंदन पवार ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर बात की. उसके कुछ अंश. 

आम आदमी पार्टीमें आने के बाद आज आप कैसा महसूस कर रहे हैं?

जब ‘आम आदमी पार्टी’ की शुरूआत हुई तब यह उम्मीद नहीं थी कि इतना अच्छा समर्थन मिलेगा लेकिन यह ठान लिया था कि सच्चाई की लड़ाई लड़नी है. इतने लोगों का समर्थन मिलना हमारी शूरआत को वाजिब ठहराती है. इस देश की जनता को ऐसी सोच आगे लानेवाला कोई चाहिए था इसलिए लोगों ने हमारा इतना बड़े पैमाने पर समर्थन किया.

विनोदकुमार बिन्नी को आपने बाहर का रास्ता दिखाया क्या उनको अरविंद केजरीवाल ने समझाने का प्रयास किया?

बिन्नी का अपना स्वभाव है, उन्हें सत्ता की इच्छा थी. इसके पहले भी जब उन्हें मिनिस्टर बनाया गया तब भी उन्हें दिक्कत आई थी और अरविंद जी ने उन्हें समझाया था. इस बार भी उन्हें लगा कि जब उनका नाम नहीं आएगा तो उन्होंने यह सब बवाल किया. वो इतना महत्वकांक्षी इंसान है कि वह देश का नहीं सोच रहे और ना पार्टी का. वह सिर्फ अपने बारे में सोच रहे हैं और कल को वह बड़ी समस्या ना उत्पन्न कर दें इसलिए मुझे लगता है कि जो हुआ वह अच्छा हुआ.

बिन्नी को पार्टी से निकालने से पहले आप ने जनता से कोई राय क्यों नहीं ली?

यह किसने कहा है कि हम हर चीज  केलिए जनता से राय लेंगे. हम जनता के पास राय लेने के लिए सिर्फ एक बार ही गए थे कि सरकार कांग्रेस के समर्थन में बनानी चाहिए या नहीं? यह बड़ा मुद्दा है, देश का मुद्दा है. बिन्नी के बारे में जनता से पूछने की कोई जरूरत नहीं है.

आम आदमी पार्टीआज कई आरोपोंसे घिर रही है, क्या आप पार्टी के नेता भविष्य में पार्टी को मजबूत स्थान दे पाऐंगे?

35 साल से कांग्रेस गरीबी हटाओ की बात कर रही है, 22 साल से राम जन्म भूमि बनाने की बात कर रहे हैं, उस पर कोई सवाल नहीं करता है और एक महीने पहले आई सरकार से ऐसी उम्मीद? हमने सिर्फ एक महीने के अंदर 18 में से 10 वादे पूरे कर दिए हैं

आपलोकसभा चुनाव कहां से लड़ना चाहते हैं?

हमारे यहां एक सिस्टम है उसके अनुसार ही उम्मीदवार चुने जाते हैं. मैंने और बहुत सारे लोगों ने उत्तर-पश्चिम मतदार संघ में अपनी उम्मीदवारी दी है. अब कमिटी तय करेगी कि मैं कहां से उम्मीदवार बनूंगा या नहीं.

 

आम आदमी पार्टी महिलाओं का पक्ष मजबूती से रखती हैं परंतु सोमनाथ भारती के केस में आपका कोई स्टेटमेंट नहीं आया? और ना ही पार्टी की तरफ से कोई जांच करवाई गई?

‘आम आदमी पार्टी’ ने सोमनाथ भारती को पब्लिकली कहा कि उनकी भाषा बहुत गलत है. लेकिन अगर आप ने वह रॉव फुटेज देखी हो जिसमें सोमनाथ भारती एक विधायक के रूप में उस एरिया में गए हैं और कार्यवाई की है उसमें वह कहीं भी गलत नहीं हैं. रॉ फुटेज देखने से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है.

अगर समाजसेविका श्रीमती मेधा पाटकर आम आदमी पार्टी में प्रवेश  करती है और आम आदमी पार्टी महाराष्ट्र में बहुमत से आती है तो क्या आप मेधा पाटकर को महाराष्ट्र की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहेंगे ?

उन्होंने पार्टी को सपोर्ट किया है उसका हम स्वागत करते हैं. वह सांसद का चुनाव मध्य प्रदेश से लड़ना चाहती है, इसलिए विधानसभा का चुनाव वह नहीं लड़ना चाहती. तो महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री बनने का कोई सवाल ही नहीं आता है.

आदर्शघोटाले में फंसे राजनेताओं को भ्रष्टाचार के आरोपों से बाहर किया जा रहा है. क्या आप मानते हैं महाराष्ट्र सरकार लोगों को गुमराह कर रही है?

मुझे लगता है कि सरकार के मंत्री इतने निर्लज्ज हो गए हैं और सभी पार्टियां मिलकर इतना भ्रष्टाचार कर रही हैं कि हमें लगता है कि लोगों के बीच में जाकर ही इन्हें सबक सिखाना पड़ेगा.

महाराष्ट्रसरकारने 67 सालकेइतिहासमेंपहलीबारएकहीदिनमेंलोगोंकेहितमें 13 फैसलेकिएहैं, क्या यह आपका डर है?

‘आम आदमी पार्टी’ लोगों के दिल में जगह बना चुकी है और जो भ्रष्टाचारी हैं उन्हें डर लग रहा है. इसलिए आजकल ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, कोई सिक्योरिटी कम कर रहा है, कोई बिजली कम करने की बात कर रहा है, यह सब  ‘आम आदमी पार्टी’ की नकल हो रही है. लेकिन हम कह रहे हैं कि नकल में भी अकल होनी चाहिए. जैसे संजय निरूपम कह रहे हैं कि 20% बिजली बिल कम करनी चाहिए, लेकिन इन्होंने ना कोई रिसर्च किया ना होमवर्क. इनकी ऐसी बातों पर बहुत शर्म आती है. तो यह डरे और बौखलाए हुए हैं. इस मुद्दे को लेकर संजय निरूपम पर लोग हंस रहे हैं. कोई उनकी रिस्पेक्ट नहीं करता. उन्होंने अपनी पोजिशन ही ऐसी बना ली है.

आमआदमीपार्टीमहाराष्ट्रमें कितनी लोकसभा और विधानसभा की जगह पर अपने उम्मीदवार खड़ा करनेवाली हैं?

लोकसभा का तो मैं कह सकता हूं, विधानसभा अभी काफी दूर है. लोकसभा में हम कोशिश करेंगे कि सारी जगह अपने उम्मीदवार खड़े करें. अच्छा उम्मीदवार है तो हम जरूर खड़ा करेंगे.

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में जो आंदोलन किया जिससे जनता नाराज हो गई है, क्या हमेशा आंदोलन का रास्ता अपनाना सही है?

जहां पर नाइंसाफी हो रही है वहां पर आप जाकर बात कर सकते हैं और अरविंद केजरीवाल ने भी गृहमंत्री को समझाया. उन्होंने कहा कि हमें अधिकार दीजिए हम बिना पुलिस सरकार चला नहीं पाएंगे, 10 साल से शीला दीक्षित भी यही कह रही थी और सुना नहीं जा रहा था तो कोई मार्ग नहीं बचता है. अहिंसक आंदोलन करना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है तो हम करेंगे. कोई भी आंदोलन होता है उसमें थोड़ी बहुत परेशानी होती है लेकिन फायदा बहुत बड़ा होता है.

दिल्लीमेंमहिलाओंकीसुरक्षाकेलिएकमांडोफोर्सबनानेकीबातअरविंदकेजरीवालनेकीथीउसकाक्याहुआ?

वहां सिटीजन कमांडो बनाई है और जोर शोर से काम चल रहा है. अभी तो एक ही तो महीना हुआ है. सारे काम एक महीने के अंदर नहीं हो सकते. इसमें जन लोकपाल का भी मुद्दा है उसमें राष्ट्रपति की सहमति चाहिए थी और कुछ टेक्निकल मुद्दे आ गए जिसकी वजह से इसमें थोड़ा समय लग गया.

महाराष्ट्रमेंआजभ्रष्टाचार, कुपोषण, बेरोजगारी और किसानों से जुड़ी कई बड़ी समस्याएं हैं, क्या आम आदमी पार्टी इन मुद्दों को उठाएगी?

बिल्कुल. हम भ्रष्टाचार, कुपोषण, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े सभी समस्याओं को बड़े पैमाने पर उठाएंगे. शिक्षा और आवास का मामला भी है जिसपर हम काम करेंगे. इसके साथ ही पानी और बिजली का भी मुद्दा सबसे बड़ा है.

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