बेडरूम को कैसे बनाएं खास?

Posted on January 27 2014 by yogesh

आज के दौर में जहां परिवार और घर सिमट कर रह गए हैं. लोगएक दूसरे  सेदूर होते नजर आ रहे हैं ऐसे में वास्तु विज्ञान पर ध्यान देने की आवश्यकता है. पति-पत्नी के संबंधों काज्ञान बेडरूम की साज सज्जा को देखकर कोई भी वास्तु शास्त्री आसानी से लगा सकता है. गौरतलब है कि शयन कक्ष का निर्माण वास्तु आधार पर करना चाहिए. शयन कक्ष का निर्माण एवं उसको व्यवस्थित करते समय वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे भवन स्वामी और उसका परिवार सुखी रहें. वास्तव में हम ऐसा क्या करें कि पति-पत्नी के बीच अहंकार की जगह प्रेम, प्रतियोगिता के स्थान पर सानिध्य मिले.

आईए बताते हैं इसके कुछ टिप्स:

1)  शयनकक्ष में जूठे बर्तन रखने से परिवार में कलह क्लेश और धन की हानि होती है.

2)  पलंग के ऊपर अलमारियों अथवा शेल्फ का निर्माण नहीं करवाएं.

3)  शयन कक्ष का द्वार आपके पलंग से नजर आना चाहिए अन्यथा आपको अन्जाना डर घेरे रहेगा.

4)  जब आप सोएं तो आपके पैर दरवाजे के ठीक सामने नहीं होने चाहिए क्योंकि ऐसी स्थिति को शव की स्थिति माना जाता है.

5)  आग्नेय कोण में पति-पत्नी को एक साथ नहीं सोना चाहिए, इससे उनके बीच मनमुटाव रहता है तथा वह एक-दूसरे की बुराई खोजने में ही लगे रहते हैं.

6)  पति-पत्नी में रोमांटिक रिश्ते बरकरार रहें इसके लिए शयन कक्ष के नैऋत्य कोण में लव बर्डस का जोड़ा रखें.

7)  शयनकक्ष के द्वार के सामने दाएं ओर पति-पत्नी के जोड़े वाली तस्वीर लगाएं.

8)  नवदंपती का शयनकक्ष वाव्यव-उत्तर दिशा में होना चाहिए जिससे उनके वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है.

9)  शयनकक्ष में आइने को नैऋत्य दिशा में कभी नहीं रखना चाहिए इससे राहु का प्रकोप स्त्री पुरूष के उपर पडता है तथा चन्द्रमा को पिडा पहुंचाती हैं. मन सदैव चिन्ताओं में घिरा रहता है और मूत्र, श्वास व कफ रोगों की उत्पत्ति होने के साथ-साथ घर में कलह का वातावरण बना रहता है.

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