पृथ्वीबाबा की दशा ‘सामने कुआं, पीछे खाई’ जैसी

Posted on December 30 2013 by yogesh

मुंबई(चंदन पवार) : कांग्रेसके युवराज शायद यह भूल गए हैं कि लोग अब होशियार हो गए हैं. इनके कारनामों से यह अब बाकिफ होते जा रहे हैंयह जो भी करेंगे अब बस उसका उल्टाहोते जा रहा है. 50 से 60 सालों से सिर्फ जनता के भोलेपन का ही फायदा उठाए जा रहा हैं अब इनकी दाल नहीं गलनेवाली है क्योंकि यह पब्लिक है सब जानती है.

अब लोगों के पास विकल्प आने लगे हैं इसलिए राहुल बाबा को सोच समझकर अपने हथकंडे इस्तेमाल करने होंगे. जिस तरहभ्रष्ट सांसदोंको चुनाव लड़ने के पक्ष में उनके ही सरकार ने विधेयक लाया उसे फाड़कर फेंकने की जो चाल राहुल बाबा ने चली थीउसे लोग भूल नहीं पाए थे उतने में ही महाराष्ट्र के आदर्श घोटालेपर राहुल बाबा बोल बैठे कि इस रिपोर्ट पर दोबारा सोच विचार होना चाहिए. आखिर में यह चाहते क्या हैं? राहुल बाबाके इस आदेश के बाद पृथ्वीबाबा काफी नाराज हो गए हैं और अपने खास लोगों के पास मुख्यमंत्री पदका इस्तिफा देने की बात कर रहे हैं? इससे एक बात साफ होती है कि पृथ्वीराज चव्हाण के ऊपरपहले आदर्श घोटाले को दबाने के लिएप्रेशर आया तो उन्होंने अपनेलोगों के हित में फैसला लिया, तो उनके नेता ने फिरउसे फेरविचार करने का आदेश बहाल कर दिया तो आखिरमें पृथ्वी बाबा करे तो क्या करें, एक तरफ कुआंऔर दूसरी तरफखाई ऐसीअवस्था उनकी हो गई है. एक स्वच्छ प्रतिमावाले व्यक्ति को किस तरह चांडाल चौकड़ी की वजहसेराज्य चलाना कितना मुश्किल होता है यह जनता देख रही है. इसलिए तो दिल्ली में आप की सत्ता आयी यह आंख रहते हुए भी कांग्रेस वाले देख नहीं पा रहे हैं.

कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक के बाद यहां कांग्रेस मुख्यालय में आयोजितसंवाददाता सम्मेलन के तुरंत बाद संवाददाताओं ने चव्हाण से उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाहिए तो उनका जवाब था कि वह इस मुद्दे पर अपने सहयोगियों से विचार विमर्श करेंगे। महाराष्ट्र सरकार ने पिछले सप्ताह आदर्श घोटाले की जांच के लिए बनी न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था जिसे विधानसभा में पेश किया गया था। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जे ए पाटिल की अध्यक्षता वाली इस दो सदस्यीय आयोग ने सांविधिक प्रावधानों के खुलेआम उल्लंघन के लिए तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित अनेक राजनीतिकों को दोषारोपित किया था। राहुल गांधी की यह टिप्पणी उस समय आयी जब वे भ्रष्टाचार से लडऩे के कांग्रेस के संकलप की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी कांग्रेस शासित राज्य अगले साल 28 फरवरी तक उस तरह के लोकायुक्त कानून बनायेंगे जिसका उल्लेख संसद द्वारा पारित लोकपाल एवं लोकयुक्त कानून में हैं ।

आदर्श मुद्दे पर राहुल की नामंजूरी ऐसे समय में आयी है जब उनके निकट सहयोगी और केन्द्रीय मंत्री मिलिन्द देवडा ने कहा है कि इस मामले पर शांत रहने की बजाय जांच होनी चाहिए। इससे पहले राहुल केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये उस अध्यादेश को नकार चुके हैं, जो उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ लाया गया था । शीर्ष अदालत ने कहा था कि दोषी ठहराये जाने के बाद सांसदों और विधायकों को तत्काल आयोग्य करार दिया जाएगा। राहुल की नाराजगी के बाद सरकार ने अध्यादेश वापस ले लिया था।राहुल ने कहा कि भ्रष्टाचार को केवल लोकपाल कानून से परास्त नहीं किया जा सकता। एक विधिवत ढांचा बनाने की जरूरत है, जिसके लिए कई कानून बनाने की आवश्यकता होगी। इसी परिपेक्ष्य में उन्होंने इन विधेयकों को पारित होने से रोकने के लिए भाजपा को कोसा। उन्होंने भाजपा और उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष प्रहार करते हुए कहा कि इन दिनों हम भ्रष्टाचार से लडाई को लेकर बडी बडी बातें सुनते हैं। हम बार बार भ्रष्टाचार के बारे में सुनते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है । अब बात करना फैशन बन चुका है।

Powered By Indic IME