सप्ताह की खास मुलाकात : श्री. राजदीपक मिश्रा (हस्ताक्षर ज्योतिष)

Posted on December 2 2013 by yogesh

हस्ताक्षर ज्योतिष से मृत्यू का समय पता चलसकता है

राजदीपक मिश्रा हस्ताक्षर ज्योतिष के बहुत बड़े ज्ञानी हैं. इन्होंने आज तक नेता से लेकर अभिनेता तक सबके हस्ताक्षरों से उनके राजनीतिक तथा फिल्मी करियर के बारे में जो भी भविष्यवाणी की है, वह आजतक सही हुई है. बहुत कम लोगों को इस तरह के हस्ताक्षर ज्योतिष के बारे में पता है इसलिए सामान्य लोगों को इसकी जानकारी हो इस उद्देश्य से हमारे सहा. संपादक चंदन पवार ने इनसे मुलाकात की, जिसके कुछ अंश वाचकों के लिए प्रकाशित कर रहे हैं.

हस्ताक्षर ज्योतिष क्या होता है, विस्तार से बताईए?

हस्ताक्षर ज्योतिष को मैने ही ईजाद किया है. हस्ताक्षर को मैने पूरी तरह से ज्योतिष से जोड़ दिया है. हर इंसान का हस्ताक्षर अलग अलग होता है, उनकी लिखावट और लिखावट के इंप्रेशन भी अलग अलग होते हैं. कुंडलियां तो आपको एक जैसी मिल जाएंगी लेकिन दुनिया में हस्ताक्षर लोगों के अलग अलग होते हैं. मैं पिछले 25 सालों में 7 लाख लोगों से ज्यादा लोगों का भविष्य बता चुका हूं और यह भविष्यवाणी सही भी हुई है. हस्ताक्षर ज्योतिष आपके हस्ताक्षर पढ़कर आपका संपूर्ण भविष्य बता सकते हैं.

इसकी शुरूआत आपने कब से की और इसमें सच्चाई कितनी हैं?

जब मैं 15 साल का था तबसे मैंने इकसा अध्ययन करना शुरू कर दिया था. फिर मैंने अपने काम को विस्तार देने के लिए ‘हस्ताक्षर बोलते हैं’ नामक पुस्तक भी लिखी. यह पुस्तक अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है और इसमें दुनिया के तमाम हस्ताक्षरोंका समावेश है जिसे पढ़कर लोग हस्ताक्षर विद्या का ज्ञान भी ले सकते हैं. इसके माध्यम से आप अपने भूतकाल, वर्तमान और भविष्य, करियर, शादी इत्यादी के बारे में जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं. जो एक फलित ज्योतिष नहीं बता सकते वह हस्ताक्षर ज्योतिष बता सकता है.

हस्ताक्षर भविष्य और हाथ देखकर बताया गया भविष्य इसमें क्या फर्क होता है?

हाथ देखकर जो भविष्य बताते हैं उनकी बातें 60-65% सच ही होती है लेकिन हस्ताक्षर ज्योतिष से 90% सही जानकारी मिल जाती है. हाथ दिखाने के लिए खुद व्यक्तिको ज्योतिष के पास जाना पड़ता है लेकिन हस्ताक्षर ज्योतिष बिना व्यक्ति को मिले बस उसके हस्ताक्षर से ही उसका भविष्य बता सकता है. वह हस्ताक्षर की फोटो कॉपी देखकर भी भविष्य बता सकता है.

अगर कोई व्यक्ति अपना हस्ताक्षर दो तरीके से करता है, तो क्या उसका भविष्य हस्ताक्षर ज्योतिष के नियमों के तहत अलग होगा?

इंसान के लिखने का तरीका एक ही होता है, वह एक ही स्टाइल में लिखता है इसलिए वह एक हस्ताक्षर करे या पांच उसका हस्ताक्षर का दबाव और फ्लो एक ही रहेगा. जिस तरह से इंसान का किरदार बदलता है, कभी बेटा, कभी पिता और कभी पति पर वह इंसान खुद नही बदलता, उसी तरह जैसे डीएनए नहीं बदलता. इसलिए इंसान के हस्ताक्षर बदलने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता है.

क्या हस्ताक्षर ज्योतिष में मृत्यू का समय पता चल सकता है?

देखिए, जीवन-मृत्यु को तो कोई भी सटीक नहीं बता सकता लेकिन हां एक अनुमान लगाया जा सकता है कि इस व्यक्ति की आयु कितनी हो सकती है. जैसे अगर इंसान बीमार होने वाला होता है तो उसके हस्ताक्षर में लड़खड़ाहट आ जाती है और हस्ताक्षर ब्रेक होने लगती है. इसी तरह अगर किसी व्यक्ति के साथ कोई अक्समात दुर्घटना होनेवाली होती है इस बात की जानकरी भी हस्ताक्षर ज्योतिष से हो जाती है. 100% तो कोई नहीं बतासकता लेकिन हस्ताक्षर ज्योतिष से 80-90% बता सकते हैं. वैसे भी जीवन-मृत्यू का मामला बहुत ही ज्यादा विवादित मामला है.

भविष्य और कर्म में क्या अंतर है?

इंसान का कर्म थोड़ा होता है लेकिन भविष्य सब कुछ होता है. अगर आप कर्म कितना भी कर लें लेकिन आपका भविष्य नहीं रहा तो आपका काम नहीं बनेगा. जैसे सचिन तेंडुलकर अगर एक पेप्सी पीते हुए दिखाए जाए तो वह करोड़ों रूपये कमालेते हैं लेकिन एकआम आदमी ऐसा करे तो उसे 15 रूपये देने पड़ते हैं. यह भविष्य की बात है. अगर आपका भविष्य अच्छा रहा तो आपका कर्म भी होता जाएगा लेकिन अगर आपका भविष्य आपका साथ नहीं दे तो आप कितना भी कर्म कर लें वह सफल नहीं होगा.

क्या हम कर्म से भविष्य बना सकते हैं? या भविष्य ही अपनी दशा तय करता है?

(मुस्कुराते हुए) देखिए यह बता पाना तो बहुत मुश्किल है. यह प्रकृति का नियम है. जिस तरह से भगवान ने तय किया है कि कटहल के पेड पर कटहल, आम के पेड़ पर आम और इमली के पेड़ पर इमली रहे उसी तरह भविष्य भी प्रकृति का नियम है. प्रकृति ने जो तय कर दिया है वह तय है उसमें इंसान चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता.

भविष्य पर हम कितना निर्भर रह सकते हैं?

हमारा तो यही कहना है कि अगर आप अपना भविष्य जानते हैं तो उसी क्षेत्र में कर्म करें तो अच्छा रहेगा. जैसे अगर आपके हस्ताक्षर से पता चलता है कि आप व्यवसाय से जुड़े हैं तो अच्छा होगा की आप व्यवसाय ही करें, इसमें आपको लाभ मिलेगा लेकिन अगर आप अन्य क्षेत्र से जुड़ेंगे तो आपको लाभ नहीं मिलेगा. ज्योतिष आपको सिर्फ सलाह दे सकता है वह आपका भाग्य बदल नहीं सकता.

साइंस के युग में भविष्य का भविष्य कब तक रहेगा ऐसा आपको लगता है?

आप देखेंगे कि जब मंगलयान को छोड़ा गया तो उन्होंने भी पूजा पाठ की और यह मीडिया में भी देखा है. ज्योतिष सर्वोपरि है, उसे सभी स्वीकार करते हैं लेकिन लोग यह कहने में हिचकिचाते हैं. जब मंत्रियों से पूछा जाता है कि कब विकास होगा, महंगाई कब कम होगी तो वहभी कहते हैं कि हम कोई ज्योतिष नहीं हैं, मतलब वह मानते हैं कि ज्योतिष सब जानते हैं. ज्योतिष भविष्य की राह दिखाता है, इस बात को बड़ेसे बड़ा अधिकारी मानता है. जब तक इस पृथ्वी पर मनुष्य है तब तक ज्योतिष और धर्म की बात चलती रहेगी इसको कोई नकार नहीं सकता.

हस्ताक्षर ज्योतिष को बढ़ाने के लिए और इसका प्रचार-प्रसार करने के लिए आपके पास कोई योजना है?

इसके प्रचार-प्रसार के लिए मैंने हिंदी और अंग्रेजी में पुस्तक लिखी है. यह पुस्तक जल्द ही मराठी भाषा में भी उपलब्ध होगी. मैंने एक वेबसाइट भी खोली हुई है ‘हैलोजीमिश्राडॉटकॉम’ उसमें लोग हस्ताक्षर ज्योतिष के बारे में पढ़ सकते हैं. तरह तरह की जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं और हम हस्ताक्षर विज्ञान को पूरी दुनिया में फैलाना चाहते हैं.

संपर्क मेल:

rajdeepakmishra@hotmail.com

www.signaturetodestiny.com

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