सचिनको भारत रत्नदिए जानेपर उठी आवाजें

Posted on November 25 2013 by yogesh

नई दिल्ली : सरकार ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नजर अंदाज करते हुए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की शनिवार को घोषणा की. जिसके बाद चारोंओर से मिली जुली प्रतिक्रियाएं आने लगी है. गौरतलब है कि सचिन ने मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में अपना 200 वां और आखिरी टेस्ट खेलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया. सचिन का विदाई मैच पूरा होने के कुछ घंटें बाद ही सरकार ने घोषणा कि सचिन को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा.

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को जनहित याचिका दायर की गई। लखनऊ निवासी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी एवं सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की तरफ से दायर जनहित याचिका में कहा गया कि भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और इसे अत्यंत विचार-विमर्श के बाद ही किसी को दिया जाना चाहिए।

याचीगण के अनुसार विश्व-स्तर पर सचिन से बेहतर प्रदर्शन करने वाले विश्वनाथन आनंद, मिल्खा सिंह, गीत सेठी जैसे अनेक चैंपियन इस देश में हैं जिन्होंने कहीं अधिक स्पर्धी खेलों में अत्यंत शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं क्रिकेट का खेल, खेल कम और तमाशा ज्यादा है जो देश की प्रगति में सीधे बाधक हैं। क्रिकेट खिलाड़ी को देश का सर्वोच्च सम्मान देना देश को निष्क्रियता का संदेश देगा।

अमिताभ और नूतन ने भारत रत्न देने की प्रक्रिया को भी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार अकेले प्रधानमंत्री की संस्तुति पर दिया जाता है, जिसमें न तो पारदर्शिता है और न ही सार्वभौमिकता। उन्होंने यह पुरस्कार एक वृहद् कमेटी द्वारा दिए जाने और इस कमेटी द्वारा अब तक देश के समस्त वास्तविक रूप से महान भारतीय जैसे अशोक, अकबर, कालिदास, कबीर आदि को दिए जाने की मांग की है ताकि यह पुरस्कार अपने नाम को वास्तविक रूप से साकार कर सके

सूत्रों के अनुसार जनता दल पार्टी(जदयू) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि भारत रत्न तो मजाक बन कर रह गया है. तिवारी ने कहा कि हॉकी के जादूगर ध्यान चंद को भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया? तिवारीके अनुसार सचिन को भारत रत्न दिया जा रहा है लेकिन सचिन मुफ्त में नहीं खेले हैं. सचिन ने हजारों – करोड़ों की कमाई की है अपने खेल में. वहीं दूसरी तरफ भाजपाके प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने हॉकी के जादूगर रहे ध्यानचन्द को भारत रत्न दिएजाने की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि सचिन को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने का वह स्वागत करते हैं. सरकार का यह देर से उठाया गया उचित कदम है लेकिन ध्यानचन्द का खेल जगत में किसी से कम योगदान पुर्वक नहीं है.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ध्यानचन्द की वजह से भारत हॉकी में दुनिया में पहचाना जाने लगा. सर्वविदित है कि उन्हें विदेशियों ने अपने यहां से खेलने के लालच दिए थे लेकिन उन्होंने विनम्रता से नकार दिया था. ध्यानचन्द को यह सम्मान जरुर और जल्दी मिलना चाहिए.

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