गूगलने चाइल्डि पॉर्न सर्च पर लगाया बैन

Posted on November 25 2013 by yogesh

लंदन : गूगल ने इंटरनेट पर बच्‍चों की अश्‍लील तस्‍वीरों से संबंधित खोज को ब्‍लॉक करने का फैसला लिया है. इसके लिए गूगल ने ऐसी तकनीकि विकसित की है जिससे इंटरनेट पर बच्‍चों की अश्लील तस्वीरों को खोजना कठिन हो जाएगा. यह जानकारी गूगल के बॉस एरिक स्मिथ ने गत सोमवार को दी. गूगल चीफ एरिक स्मिथ ने कहा है कि उनकी कंपनी ने इंटरनेट पर चाइल्डसेक्सुअल अब्यूज़ सर्च को रोकने की दिशा में काफी काम किया है. ब्रिटिशअखबार डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक गूगल के एग्जेक्युटिव चेयरमैन स्मिथ ने बताया कि अब 1 लाख से ज्यादा सर्च अब रिजल्ट में वैसी चीजें नहीं दिखाएंगे.

स्मिथ ने बताया कि इंटरनेट पर अश्लील तस्वीरों को खोजने वाले एक लाख से अधिक शब्दों पर अब कोई परिणाम नहीं आएगा और बच्चों की अश्लील तस्वीरों को गैरकानूनी बताने वाला एक संदेश भी दिखाई देगा. फिलहाल अभी अंग्रेजी भाषी देशों पर ही यह रोक लगाई गई है लेकिन अगले 6 महीनों में यह दुनिया के बाकी हिस्‍सों और 158 अन्‍य भाषाओं पर भी लागू हो जाएगा. इसके मद्देनजर यूके के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के डाउनिंगस्ट्रीट ऑफिस में इंटरनेट सेफ्टी समिट में गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने हाथ मिलाया है.

गौरतलब है कि ब्रिटेनके प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने इस साल जुलाई में गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के सर्च इंजन बिंग को चेतावनी दी थी कि अगर वह अश्लील तस्वीरों तक लोगों की पहुंच को कठिन नहीं बनाता तो वह इसके खिलाफ नया विधेयक लाएंगे.

इस संबंध में स्मिथ ने कहा कि,’समाज कभी भी पूरे तौर पर इस तरह की बुराई को दूर नहीं करेगा. हमें बच्चों को नुकसान पहुंचने से बचाने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए. पिछले 3 महीने में गूगल ने इस समस्या से निपटने केलिए नई टेक्नॉलजी विकसित करने में 200 लोगों को लगाया है.’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘हमने चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज़ मटीरियल को रिजल्ट्स में न दिखाने के लिए गूगल सर्च को बेहतर किया है. हालांकि कोई भी ऐल्गॉरिदम परफेक्ट नहीं होता और गूगल लोगों को इंटरनेट पर नई तस्वीरें जोड़ने से नहीं रोक सकता. फिर भी हमने चाइल्ड सेक्स अब्यूज़ से जुड़े 1 लाख से ज्यादा सर्च रिजल्ट्स को ठीक किया है. हम जल्द ही इसे 150 से ज्यादा भाषाओं के लिए लागू करेंगे और इसका असर पूरी दुनिया में दिखेगा.’

वहीं दूसरी ओर भारत में भी चाइल्ड पोर्नोग्राफी रोकने के उपाय किए जा रहे हैं. आपको बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्रियों चाइल्ड पोर्नोग्राफी को रोकने के उपाय किए जाने क निर्देश देने संबंधी याचिका पर दूरसंचार विभाग से जवाब तलब किया. न्यायमूर्ति बी.एस.चौहान और न्यायमूर्ति एस.ए.बोबडे की खंडपीठ ने पेशे से वकील इंदौर निवासी कमलेश वासवानी की याचिका की सुनवाई के दौरान दूरसंचार विभाग से जवाब तलबकिया. न्यायालय ने विभाग से पूछा कि पोर्नोग्राफी साइटों को किस तरह ब्लॉक किया जा सकता है.

बता दें कियाचिकाकर्ता के वकील विजय वाजवानी ने दलील दी कि यद्यपि अश्लील वीडियो देखना अपराध नहीं है. इसके बावजूद पोर्नोग्राफी साइटों पर प्रतिबंध लगनी चाहिए क्योंकि यह महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध का मुख्य कारण है. केंद्र ने पूर्व म उच्चतम न्यायालय से कहा था कि देश में अंतरराष्ट्रीय अश्लील वेबसाईटों क रोकना कठिन है तथा उसने कोई समाधान ढूंढने के क्रम में विभिन्न मंत्रालयों से सलाह-मशविरा करने के लिए समय मांगा था.उच्चतम न्यायालयने इस तरह की अश्लील, खासकर बच्चों से संबंधित वेबसाइटों पररोक के लिएकिसी तंत्र की योजना तैयार करने क लिए केंद्र को समय देते हुए गंभीर मुद्दे से निपटने में इतना लंबा समय लगाने के लिए उसे फटकार लगाई थी.

उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता विजय पंजवानी के जरिए दायर याचिका में कहा गया था कि इंटरनेट कानून नहीं होने की वजह से लोग अश्लील वीडियो देखने के लिए प्रोत्साहित होते हैं और बाजार में खुलेआम 20 करोड़ से अधिक अश्लील वीडियो या क्लिपिंग मौजूद है जिन्हें इंटरनेट से सीधे डाउनलोड किया गया है या वीडियो सीडी से उनकी कॉपी की गई है.

Powered By Indic IME