लाईफ स्टाइल – पिंपल से बचें और दिखें खूबसूरत

Posted on September 28 2013 by yogesh

चेहरे पर मुहांसों के आने से लड़कियां काफी परेशान रहती हैं और उन्हें छुपाने के लाख कोशिश करती हैं. कभी कभी वह मुहांसों से इतनी परेशान हो जाती हैं कि बाहर जाना ही छोड़ देती हैं और दोस्तों से मिलना भी कम कर देती हैं. मुहांसो से बचने के लिए वह फेसपैक का इस्तेमाल करती हैं और आईनेमें बार बार चेहरे को देखते रहना उनकी रूटीन में शामिल हो जाता है.

हर लड़की यही चाहती है कि उसके चेहरे पर कभी पिंपल्स ना आएं और उसका चेहरा दाग धब्बा रहित रहे लेकिन यह भी एक सच है कि हर एक लड़की को इसका सामना करना पड़ता है. यही वजह है कि चेहरे पर एक भी मुहांसा निकलते ही लड़कियों को काफी टेंशन हो जाती है. इससे बचने के लिए लड़कियां अपने सहेलियों से इसके बारे में पुछेंगी, नेट पर सर्च करेंगी, हर ज्ञापन को ध्यानसे देखेंगी और फिर उन सबको अपने चेहरे पर आजमाएंगी भी और इस तरह की तमाम कोशिश के बावजूद मुहांसे चेहरे पर अपने दाग छोड़ जाते हैं. आईए आपको बताते हैं मुहांसे आने के सामान्य कारण और कैसे इससे बचा जा सकता है.

मुहांसों का कारण : चेहरे की तैलीय त्वचा के कारण मुहांसों की परेशानी भी अधिक उठानी पड़ती है. कई बार तनाव के कारण भी चेहरे पर मुहांसे आ जाते हैं क्योंकि इसमें शरीर का कोर्टिसोल नामक हार्मोन त्वचा को तैलीय बना देता है. यदि आप तनाव में ज्यादा रहती हैं तो पहले इसे दूर करें. इसके साथ ही आप आप घर परही क्लींजर से लेकर फेसपैक तक बनाकर मुहांसों की समस्या से छुटकारा पा सकती हैं. आईए बताते हैं कैसे आप घर बैठे ही बना सकती हैं इन चीजों को.

क्लींजर : आप मॉयश्चराइजर चुनते समय जब कोई गलती नहीं करतीं तो क्लींजर को चुनते समय भी कोई लापरवाही ना बरतें. सही क्लींजर का इस्तेमाल ही त्वचा को सही तरीके से साफ करता है. यदि चेहरे की त्वचा सही ढंग से साफ नहीं होगी तो वह ड्राई तो होगी ही, इसके साथ ही मुहांसों की आशंका भी बढ़ जाएगी.

गौरतलब है कि हल्दी, चंदन और नींबू युक्त क्लींजिंग मिल्क ही प्रयोग में लाएं. यदि त्वचा रूखी है तो बादाम और ऑलिव ऑयलवाले क्लींजिंग मिल्क का इस्तेमाल करना ही ठीक रहेगा. इसके अलावा संतरे या नींबू फ्लेवर वाले फेस स्क्रब और फेसवाश काइस्तेमाल करें. इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपका क्लींजर साबुन रहित हो, इससे आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे.

ऑयली स्किन की युवतियां कच्चे दूध में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट बाद कॉटन को पानी में गीला कर अच्छी तरह से निचोडऩे के बाद चेहरे पर गोलाई में घुमाते हुए उसे साफ कर दें। इससे चेहरेकी सारी मैल निकल जाएगी। इसके बाद टोनर या एस्ट्रिंजैंट का इस्तेमाल करें.

मॉयश्चराइजर : बहुत सी लड़कियों को यह गलतफहमी होती है कि यदि चेहरे पर मुहांसे निकल आए हैं तो मॉयश्चराइजर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए,  जबकि हर तरह की त्वचा पर मॉयश्चराइजर लगाया जा सकता है. यदि स्किन ऑयली है तो ऑयल फ्री मॉयश्चराइजर भी लगाया जा सकता है,  इससे चेहरे को परफेक्ट लुक मिलेगा.

एस्ट्रिंजैंट : क्लींजिंग मिल्क लगाने के बाद टोनर लगाएं. ऑयली और मुहांसेदार त्वचा पर टोनर की जगह एस्ट्रिंजैंट यूज करें. इसे घर पर भी बनाया जा सकता है. इसके लिए पुदीनेकी ताजी पत्तियों को उबाल कर उसका पानी फ्रिज में रखें. चेहरा साफ करने के बाद साफ कॉटन से इसे पूरे चेहरे पर लगाएं और कुछ देर छोड़ दें. बाद में आप कोई भी एंटी पिंपल पैक लगाएं. एक बात का ध्यान रखें कि मुहांसों वाले चेहरे पर कभी भी स्क्रबर नहीं लगाना चाहिए.

रोज टोनर : गुलाब की ताजी पत्तियों को थोड़े से पानी में उबाल कर ठंडा कर कांच की छोटीबोतल में भर कर फ्रिज में रखें. रुई को इसमें डुबो कर साफ चेहरे पर लगाएं. इसी प्रकार ताजे गेंदे के फूलों से भी टोनर बनाया जा सकता है.

नीम पैक : 10 नीम की पत्तियां थोड़े से पानी में उबाल कर उसमें संतरे के छिलके का पाऊडर मिला कर पेस्ट बना लें तथा उसमें थोड़ा शहद, दही एवं सोया मिल्क डालकर पेस्ट बना लें. साफ चेहरे पर इसे सप्ताह में तीन बार लगाएं. इससे जहां मुहांसे कम होंगे, वहीं ब्लैक हैड्स तथा व्हाइट हैड्स की समस्या से भी निजात मिलेगी. खुले रोम छिद्र बंद होने से चेहरा आकर्षक लगने लगता है. ऑयली स्किन के लिए शहद और नीम का पैक भी लगाया जा सकता है जो कि मॉयश्चराइजर का काम भी करता है.

एंटी पोर्स पैक : चंदन, पुदीने, तुलसी, गुलाब, मुल्तानी मिट्टी, नींबू और संतरे के रस सेयुक्त पैक भी ट्राई किया जा सकता है. मुहांसों के खुले रोम छिद्रों की समस्या से निजात पाने के लिए टमाटर का रस चेहरे पर लगाएं. इसे लगाने सेहल्की सी जलन तो जरूर महसूस होगी परंतु नियमित इस्तेमाल से चेहरा चमकदार और खूबसूरत दिखने लगेगा.

सनस्क्रीन : मौसम कोई भी हो, चेहरे पर सनस्क्रीन लगाना जरूरी है. बारिश में पॉल्यूशन कम होने से अल्ट्रा वायलैट किरणें त्वचा को अधिक नुक्सान पहुंचाती हैं. एक्सपर्टस का कहना है कि बरसात के मौसम में 15-20 एस.पी.एफ. सनस्क्रीन यूज करने की सलाह दी जाती है. ऑयली एवं मुहांसेदार त्वचा के लिए ऑयल फ्री सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल करें.

एंटी पिंपल डाइट : यूं तो मुहांसे हार्मोन से जुड़ी समस्या है जो शरीर में होने वाले परिवर्तनके कारण होते हैं लेकिन डाइट का कारण भी त्वचा को प्रभावित करता है. यही कारण है कि इसका असर त्वचा पर देखने को मिलता है. अपनी डाइट में फल या फलोंका रस, ताजी हरी सब्जियां, दही एवं ग्रीन टी इत्यादि को शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है. यदि स्किन ऑयली है तो तला-भुना भोजन खाना बंद कर दें. अपनी डाइट से क्रीम, फुलक्रीम दूध, पनीर, मक्खन और अचार जैसी चीजों को बंदकर दें और फिर अपनी त्वचा पर इसका असर देखें.

पर्यावरण : वहीं मुहांसों के लिए पर्यावरण भी बहुत हद तक जिम्मेदार है. मुहांसों की समस्या को धुआं, धूल और प्रदूषण बढ़ा देते हैं  इसलिए इनसे बचना जरूरी है. गर्म एवं ठंडी हवा त्वचा की नमी को चुरा लेती है और रूखेपनसे मुहांसे और अधिक दर्दनाक हो जाते हैं. इसलिए छाते या स्कार्फ काइस्तेमाल करना जरूरी है.

पिंपल मार्क्स: यह सोचना गलत है कि पिंपल सिर्फ टीनएज में ही निकलते हैं बल्कि हार्मोन्सकी कमी के कारण बड़ी उम्र में भी महिलाओं को इस समस्या का सामना करना पड़ताहै जिसका सीधा संबंध हार्मोन्स बदलाव से है. चेहरे पर ही नहीं, बल्कि पीठ, कंधे, वक्ष के ऊपरी भाग और गले पर भी पिंपल होते हैं. मुहांसों को खुरचनेसे ये चेचक के दाग की तरह छाप छोड़ जाते  हैं, अत: इन्हें खुरचना नहीं चाहिए. पिंपल के दागों को आयुर्वैदिक फेस पैक से दूर किया जा सकता है. यदिआप पिंपल्स दूर करने के लिए कोई एलोपैथिक एंटी पिंपल लोशन का इस्तेमाल कर रही हैं तो किसी अन्य उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टरी राय अवश्य लें.

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