लाईफ स्टाइल – नोज़ रिंग के जादू से खिल उठेंगी आप

Posted on August 27 2013 by yogesh

आप जब नाकमें चमचमाती नगों से जड़ी नोज़ रिंग और नोज़ पिन पहनती हैं त यह आपको खास लुक तो देती ही हैसाथ ही आपको परंपरा को बनाए रखने का भी एहसासकराती है.नोज रिंग चेहरे पर काफी जंचता है लेकिन आपको सही नोज रिंग चुनने की जरूरत होती है. भारत में नथ सुहागऔर सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है. नोज़ रिंगयानी नथ के बिना दुल्हन काश्रृंगार अधूरा माना जाता है.

वर्तमान समय नोज़रिंग फैशनमें है और सबके सिर चढ़कर बोल रहा है इसका जादू. युवालड़कियों में तो नोज़ रिंग का क्रेज़ बढ़ता ही जा रहा है.नोज रिंग का क्रेज इतना बढ़ गया है कि अब यह कॉलेज जानेवाली लड़कियों में भी फेमस हो चुका है. पहले महिलाएं सिर्फ विवाह समारोहों के दौरान ही नोज़ रिंग्स पहनती थीं, लेकिन आजकल जिस लड़की को देखो नोज़ रिंग पहनने में लगी है. नोज रिंग अब सुहाग की निशानी के साथ-साथलड़कियों का डिफरेंट स्टाइल स्टेटमेंट भी बन चुकी है.

नोज रिंग है फैशन स्टेटमेंट:फैशन के नएट्रैंड्स सेट करने में बॉलीवुड अभिनेत्रियों का भी बड़ायोगदान रहता है. वह जो कुछ भी नई चीज़ ट्राई करती हैं वही फैशन स्टेटमेंटऔर लेटेस्ट ट्रेंड बनजाता है. नोज रिंग को प्रचलित करने में माधुरी दीक्षित का बड़ा हाथ है. उन्होंने भी अपनी कई फिल्मों मेंनोज़ रिंग पहन करदर्शकों पर अपने हुस्न का जादू चलाया था. छम्मक छल्लोगीत में करीना कपूरने जब मराठी नोज़ रिंग पहनी तो लड़कियों ने उसे कॉपीकरने में जरा सी भीदेर नहीं की. सोनाक्षी तो अपनी नोज़ रिंग को अपना लकमानती हैं.

66वेंकांस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में विद्या बालन और सोनम कपूरअपनी खूबसूरतनोज़ रिंग पहने हुए लोगों का ध्यान बरबस हीअपनी ओर आकर्षितकर रहीं थीं.बॉलीवुड की ही तरह हॉलीवुड स्टार्स जैसेलेडी गागा, मिलीसाइरस और जेसिका बेल भी अपनी नाक में नोज़ रिंग पहन चुकीहैं.

समय के साथ नहीं बदला यह फैशन:समय के साथचीज़ों में बदलाव आना स्वभाविक होता है पर नोज़ रिंग के लिए लड़कियोंका प्यार आज भीवैसे ही कायम है जैसे पहले था. डिज़ाइनर्स मानते हैं कि नोज़ एसैसरी काट्रैंड कभीखत्म नहीं हो सकता है.

नोज़ रिंग साड़ी पर सबसेप्यारी लगती है. आप किस तरह कीसाड़ी पहन रही हैं नोज़ रिंग भी उसकेअनुसार ही पहनी जाती है. चूंकिनोज़ रिंग पहन कर लड़कियां कूल दिखतीहैं इसलिए वे इन्हें पारंमपरिकपरिधानों के अलावा वैस्टर्न या फ्यूजन ड्रेसेज के साथ भी पहनती हैं. यह हर परिधान के साथ मैच हो जातीहैं.

क्यों है यह इतनी खास:नोज़ रिंग यानीनथ पहनने की प्रथा बहुत पुरानी है. पारंपरिक नथ पहननेका रिवाज़ 16वींशताब्दी में मिडल-ईस्ट देशों से शुरू हुआ जो मुगल काल मेंभारत में भीप्रसिद्ध हुआ. भारतीय संस्कृति और परम्परा में नोज़ रिंग कोसुहाग और शादीसे जोड़ कर देखा जाता है. शादी में तो नथ को ही स्पेशल मानाजाता है. हिंदुओं में किसी भीधर्मिकउत्सव पर सुहागन द्वारा नथ ज़रूर पहनी जाती है. मुस्लिम समुदायमें लड़केवालों की तरफ से लड़की को कपड़े और गहनों के साथ नथ भी भेजीजाती है औरनिकाह की रस्म नथ पहनने के बाद ही अदा की जाती है.

नोज़ रिंग के मामले में सबकीअपनी अलग-अलगपसंद है इसलिए वह अलग-अलग अंदाज के नोज रिंग पहनती हैं. अलग-अलग एजग्रुप के हिसाब से अबकई वैरायटी औरडिज़ाइन में नोज़ रिंग व नोज़ पिन मार्केट में आपको मिल जाएंगे.

नोज़ रिंग: आजकल लड़कियां स्टाइलिश नोज़ रिंग पसंद करतीहैं. आज के फैशन ट्रैंडके अनुसार नोज़ रिंग के आकार भी बदल रहे हैं. नसिर्फ गोल बल्किज्योमैट्रिकल डिजाइंस में भी नोज़ रिंग्स आकर्षक दिखतीहैं. वहीं आध्यात्मिकमानसिकता वालीलड़कियां यंत्र, गणेश, त्रिशूल और किसी देवी या देवता कीप्रतिमा के आकारकी नोज़ रिंग चुन सकती हैं. नथ पैटर्न की नोज़ रिंग में तीन-चार नगों की लड़ीजैसे डिजाइन भी आरहे हैं, जो दिखने में नथ की तरह लगते हैं. आजकल लड़कियांपारंपरिक ट्राइबलज्यूलरी से प्रेरित नोज़ रिंग चुन रही हैं. यय नोज़ रिंग्स आकार मेंथोड़ी बड़ी होती हैं और आमतौर पर चांदी से बनाईजाती हैं. व्हाइट गोल्ड, पिंक गोल्ड या ऑक्सीडाइज्ड व प्लैटिनम की नोज़रिंग के अलावा कुंदन, पोलकी, और डायमंड, रूबी, पन्ना व दूसरे कीमती स्टोंससे जडि़त नोज़ रिंग्स युवालड़कियों में खासी लोकप्रिय हो रही हैं.

नोज़ पिन या लौंग:कईलड़कियां नोज़ रिंग की जगह नोज़ पिन यालौंग पहनती हैं. यह भी उनपर खूब जंचता है. सिंपल लड़कियों कोछोटी राउंड नोज़ पिन अच्छी लगती हैफिर यह चाहे गोल्ड में हो या डायमंडमें. इसके अलावा स्टार, थ्री स्टोन, कैरी, पत्ती, हार्ट, हाफ मून, स्टार, बतख, चिडिय़ा, रोज जैसे कुदरत से प्रेरितडिजाइंस कॉलेज गोइंग गर्ल्स ज्यादापसंद कर रही हैं.

मराठी नथ:नोज़ रिंग पहनने का फैशन नया नहीं है. महाराष्ट्र की नथों में आम के आकार में पिरोया गया मोतियों का गुच्छा इसकी विशेषता है.

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