बेकसूर हूं मैं – सलमान खान

Posted on July 30 2013 by yogesh

मुंबई(पिट्स प्रतिनिधि) : सलमान खान पर कसा शिकंजा और मजबूत होता दिखाई दे रहा है. मुंबई की एक अदालत ने हिट एंड रन मामले में सलमान खान के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित अन्य आरोप तय किए, जिससे इस मामले की अदालत में सुनवाई का रास्ता साफ हो गया. गौरतलब है कि सलमान खान को इस मामले में 10 साल के कारावास तक की सजा हो सकती है. वहीं दूसरी ओर सलमान ने सुनवाई के दौरान जज से कहा कि, ‘मैं बेकसूर हूं.’

आपको बता दें कि सलमान पर भारतीय दंड संहिता(आईपीसी) की धारा 304 (2) (गैरइरादतन हत्या) के अलावा धारा 279 (लापरवाही से मौत), धारा 337(चोट पहुंचाना), धारा 338(गंभीर चोट पहुंचाना), धारा 427 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) और मोटर वाहन अधिनियम तथा बंबई निषेध अधिनियम के कई प्रावधानों के तहत आरोप तय किए गए हैं. न्यायाधीश यूबी हजीब ने 19 जुलाई को सलमान से 11 साल पुराने इस मामले में आरोप तय होने के संबंध में पेश होने के लिए  कहा ताकि सुनवाई शुरू हो सके. सलमान ने सुनवाई के दौरान निजी रूप से उपस्थित होने की छूट मांगी जिसे मंजूर कर लिया गया है हालांकि उन्हें निर्देश दिया कि अदालत को जब भी जरूरत हो वह उसके सामने पेश होंगे.

गौरतलब है कि सुनवाई की शुरूआत में न्यायाधीश ने तबादला होने का हवाला देते हुए आरोप तय करने के लिए इस मामले पर विचार करने में अपनी अक्षमता जाहिर की लेकिन अभियोजक शंकर इरांडे ने कहा कि आरोप आज ही तय होने चाहिए क्योंकि अभिनेता दो महीने के लिए विदेश जा रहे हैं जिससे सुनवाई में और देरी हो सकती है. उनके आग्रह पर न्यायाधीश ने सलमान पर लगे आरोप पढ़कर सुनाए. हालांकि सलमान ने इन आरोपों में जुर्म कबूल करने से इंकार कर दिया.

उल्लेखनीय है कि 28 सितंबर 2002 को उपनगर बांद्रा में एक बेकरी के बाहर फुटपाथ पर सो रहे लोगों को एक लैंडक्रूजर गाड़ी से कुचल दिया गया था जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी जबकि चार अन्य घायल हुए थे. यह गाड़ी कथित रूप से सलमान खान चला रहे थे. सलमान के वकील श्रीकांत शिवाडे ने अदालत से अनुरोध किया कि मीडिया को संयम बरतने का निर्देश दिया जाए क्योंकि इस मामले को बहुत ज्यादा उछाला जा रहा है और कार्यवाही के बारे में सही तरह से खबर नहीं दी जा रही है.

सत्र न्यायालय ने 24 जून को एक मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा था जिसमें कहा गया था कि बालीवुड अभिनेता के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का अपराध बनता है और इस फैसले के खिलाफ सलमान की अपील खारिज कर दी गई थी. इससे पहले अभिनेता के खिलाफ एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में लापरवाही से मौत(आईपीसी की धारा 304ए) के मामले में सुनवाई हुई थी जिसमें केवल दो साल की अधिकतम सजा का प्रावधान है. सलमान के खिलाफ अब गैरइरादतन हत्या के आरोप में मामला चलेगा जिसमें उन्हें अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है.

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