हेल्थ टिप्स – क्‍यों जरुरी है विटामिन सी ?

Posted on June 22 2013 by yogesh

विटामिन-सी को एस्कोर्बिक एसिड भी कहा जाता है। यह कोलाजैन नामक कनैक्टिव टिश्यू के रख-रखाव में जरूरी होता है जो शरीर की कोशिकाओं को एक साथ जोड़े रखता है। यह एक महत्वपूर्ण एंटीआक्सीडैंट है जो हृदय रोगों, कुछ निश्चित प्रकार के कैंसरों तथा एजिंग जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के खतरे को कम करने से जुड़ा है।

विटामिन-सी जख्मों तथा शरीर के जले हिस्सों के इलाज में काफी सहायक होता है, साथ ही यह दांतों तथा हड्डियों के निर्माण में सहायक होता है। यह कैपिलरीज तथा रक्तवाहिनियों की दीवारों को ताकतवर बनाता है। यह आयरन की खपत को भी बढ़ाता है। अध्ययनों से यह सामने आया है कि विटामिन-सी आम जुकाम की गंभीरता को कम कर सकता है। आइए जानें कि गर्मियों में हम इसे अपनी डाइट में कैसे शामिल कर सकते हैं :-

 

स्रोत : खाद्यों में विटामिन-सी की मात्रा निर्भर करती है-

1. उगने की स्थितियों पर ; 2. परिपक्वता की स्थिति; 3. क्षेत्रीय विभिन्नताएं तथा 4. मौसम।

विटामिन-सी के मुख्य स्रोतों में हरी सब्जियां, फल तथा ताजा आलू शामिल हैं। अमरूद (पेरू या जमरूख) में विटामिन-सी की उच्च मात्रा पाई जाती है (प्रत्येक 100 ग्राम में 212 मिलीग्राम)।  सूखी अवस्था में दानेदार खाद्यों तथा दालों में विटामिन-सी नहीं पाया जाता परंतु यदि इन्हें 8 घंटे तक पानी में भिगो कर रखा जाए और अंकुरित होने दिया जाए तो ये विटामिन-सी का अच्छा स्रोत बनती हैं।

खपत : एस्कोर्बिक एसिड की खपत आंतडिय़ों के माध्यम से होती है। सिंथैटिक एस्कोर्बिक एसिड के मुकाबले बायोफ्लेवनॉयड्स युक्त प्राकृतिक सिट्रस जूस की खपत धीरे-धीरे परंतु बढिय़ा तरीके से होती है।

नष्ट होना : सब्जियों की कोशिकाओं में एस्कोर्बिक ऑक्सीडेस नामक एक एन्जाइम होता है। जब सब्जियां बढिय़ा ढंग से काटी जाती हैं तो एन्जाइम प्रवाहित होते हैं और अधिक विटामिन-सी नष्ट होता है। एन्जाइम की ऑक्सीडेशन की दर तापमान के बढऩे के साथ बढ़ती है और इस तरह सब्जियों का ग्रेडिड तापमान विटामिन-सी को नष्ट करता है। एस्कोर्बिक ऑक्सीडेस उबालने पर भी नष्ट होता है। यदि सब्जियों को एकदम उबलते पानी में डाला जाए तो एन्जाइम एकदम नष्ट होते हैं और इस तरह विटामिन-सी का कोई नुक्सान नहीं होता।

संतरा
लाभ 

- यह विटामिन-सी का बहुत शानदार स्रोत है।
- यह फोलेट, थायामाइनड तथा पोटाशियम का भी अच्छा स्रोत है। एक मध्यम आकार का संतरा महिलाओं के लिए 70 मि.ग्रा. यानी रिकोमैंडिड डाइट्री अलाऊंस (आर.डी.ए.) का  90 प्रतिशत से भी अधिक उपलब्ध करवाता है। संतरों में कैलोरीज कम होती हैं। एक संतरे में लगभग 60 कैलोरीज होती है। संतरे के मैंब्रेन्स पैक्टिन नामक एक घुलनशील डाइट्री फाइबर उपलब्ध करवाते हैं जो हमारे  रक्त में कोलैस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रण में रखने में सहायक होता है।

नींबू
लाभ 

- यह भी विटामिन-सी का एक शानदार स्रोत है।
- इससे मुंह सूखने की समस्या से राहत मिलती है और साथ ही यह मछली से लेकर सब्जियों तक तथा चाय तक का स्वाद बढ़ाने में बहुत बढिय़ा साबित होता है। सिट्रस फलों में नींबू का सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है। नींबू के एक कप जूस में लगभग 55 मिलीग्राम विटामिन-सी होता है  यानी एक व्यस्क औरत के लिए आर.डी.ए. का 70 प्रतिशत से भी अधिक। नींबू में एक एंटीआक्सीडैंट कैमिकल भी होता है जो हमारी नाडिय़ों तथा कैपिलरीज की दीवारों को ताकतवर बनाने में सहायक होता है।

स्टार फ्रूट
लाभ

- 100 ग्राम स्टार फ्रूट 31 कैलोरीज  उपलब्ध करवाता है जो किसी भी अन्य फल के मुकाबले बहुत कम है।
- इसके साथ ही इसमें आवश्यक पोषक तत्व, एंटीआक्सीडैंट्स तथा स्वास्थ्य के लिए जरूरी विटामिन्स भी होते हैं।

यह फल अपने छिलके के साथ डाइट्री फाइबर की एक अच्छी मात्रा उपलब्ध करवाता है। यह फाइबर डाइट्री एल.डी.एल.कोलैस्ट्रोल की खपत को रोकने में सहायक होता है। इसके साथ ही डाइट्री फाइबर्स कोलोन के म्यूकस मैंब्रेन की रक्षा करने में भी सहायक होते हैं। यह फल हैंगओवर तथा घमौरियों के इलाज के लिए भी प्रसिद्ध है। यूरिक एसिड तथा किडनी फेल्योर से पीड़ित व्यक्तियों को स्टार फ्रूट का सेवन नहीं करना चाहिए।

रैस्पबेरीज
लाभ

- इनमें फोलेट, आयरन तथा पोटाशियम की लाभदायक मात्रा मौजूद होती है।
- यह बायोफ्लेवनॉयड्स उपलब्ध करवाते हैं जो हमारी कैंसर से रक्षा करते हैं। एक कप रैस्पबेरीज में 60 कैलोरीज तथा विटामिन-सी की 30 मिलीग्राम मात्रा मौजूद होती है। इसके बीज न घुलने वाला फाइबर उपलब्ध करवाते हैं जो कब्ज को रोकने में सहायक होता है।

क्रैनबेरीज
लाभ

- यह विटामिन-सी तथा फाइबर का बढिय़ा स्रोत है।
- इनका जूस सिसटाइटिस तथा यूरीनरी ट्रैक्ट इनफैक्शन्स को रोकने में सहायक होता है। इनमें बायोफलेवनोयड्स मौजूद होते हैं जो हमारी नजर की रक्षा करने के साथ ही कैंसर से भी रोकथाम करते हैं।

ग्रेप फ्रूट नारंगी
लाभ

- यह विटामिन-सी तथा पोटाशियम  का बढिय़ा स्रोत है।
- इनमें बीटा कैरोटीन तथा लाइकोपीन नामक शक्तिशाली एंटीआक्सीडैंट्स मौजूद होते हैं।
- इनमें कैलोरीज कम होती है।
- इनमें मौजूद बायोफलेवनोयड्स कैंसर से हमारी रक्षा करते हैं।

मीठे से रहित एक कप ग्रेप फ्रूट में 95 मिलीग्राम विटामिन-सी यानी आर.डी.ए. के 100 प्रतिशत से भी अधिक मौजूद होता है। इसके साथ ही इसमें 175 मिलीग्राम पोटाशियम  तथा एक मिलीग्राम आयरन भी होता है। ग्रेप फ्रूट वजन घटाने वाली डाइट में शामिल किया जाने वाला एक अच्छा खाद्य है।

अमरूद
लाभ

- यह विटामिन-सी का बढिय़ा स्रोत है।
- इनमें घुलनशील डाइट्री फाइबर तथा पैकटिन की उच्च मात्रा मौजूद होती है।
-  इनमें पोटाशियम तथा आयरन भी मौजूद होता है।

कीवी
लाभ

- यह पोटाशियम तथा फाइबर का अच्छा स्रोत है।
- एक बड़ा कीवी 80 मिलीग्राम विटामिन-सी उपलब्ध करवाता है। कीवी में फाइटो कैमिकल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। इसके साथ यह एक घुलनशील फाइबर भी उपलब्ध करवाते हैं जो रक्त में कोलैस्ट्रोल के स्तरों को नियंत्रित रखने में सहायक होते हैं। 115 ग्राम कीवी में मात्रा 70 कैलोरीज  होती है।

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