उत्तराखंड में बचाव कार्य में हो रहा है भेदभाव

Posted on June 22 2013 by yogesh

उत्तराखंड में बचाव कार्य में हो रहा है भेदभाव
इंसानियत का खुन, लाशों को भी नहीं बख्शा जा रहा है

मुंबई(पिट्स प्रतिनिधि) : कहते हैं ‘जब इंसान का बुरा वक्त आता है तो उसकी परछाई भी उसका साथ छोड़ देती है.’ ऐसी ही कुछ हालत है उत्तराखंड में फंसे तीर्थयात्रियों की. सरकार ने तो सामान्य जनता से मुंह मोड़ ही लिया है वहीं दूसरी ओर ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि उत्तराखंड में लाशों और इंसानों की जिंदगी का सौदा किया जा रहा है.

एक न्यूज पोर्टल में छपी खबर के अनुसार यहां एक आदमी को हेलीकॉप्टर में लेकर जाने के लिए 2 लाख रूपये लिया जा रहा है. जो लोग यह पैसा दे पा रहे हैं वह हेलीकॉप्टर से सुरक्षित जगह पहुंच पा रहे हैं. जान है तो जहान है इसलिए लोग खुद की जान बचाने के लिए पैसों का मुंह नहीं देख रहे हैं. लेकिन उत्तराखंड की सरकार को क्या इन सब बातों की जानकारी नहीं है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार के पास पैसों की कमी नहीं है तो फिर इंसानियत का सौदा क्यों हो रहा है? आला अधिकारी क्या सिर्फ बड़े-बड़े अधिकारियों और मंत्रियों के रिश्तेदारों को ही बचाने में लगे हैं? आम जनता को सरकार क्यों भूल बैठी है?

दिल दहला देनेवाले मंजर उत्तराखंड में देखने पर भी सरकार का दिल नहीं पसीज रहा है. खबर ऐसी भी आ रही है कि सरकार के आला अधिकारी चुन-चुनकर लोगों को बचाने के काम कर रही है. जो ज्यादा पैसेवाला है, किसी बड़े आदमी का रिश्तेदार है या वीआईपी है तो उसे पहले निकाला जा रहा है और गरीब जनता को मरने के लिए छोड़ दिया गया है. सड़को की हालत खराब है, संपर्क करने के सारे तंत्र नष्ट हो चुके हैं जिसकी वजह से और भी समस्याएं हो रही हैं. पूरे भारत से लोग चार धाम की यात्रा करने के लिए केदारनाथ जाते हैं फिर सरकार ने मूसीबत के वक्त से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए? इन पर्यटकों के मौत की जिम्मेदार बहुत हद तक सरकार भी है.

खबरों के अनुसार उत्तराखंड की स्थिति आश्चर्यचकित कर देनेवाली है. खबर यह भी है कि बाढ़ में फंसे जिन लोगों के लिए खाने के पैकेट आते हैं वो भी उचित मात्रा में नहीं होते हैं. एक पैकेट से एक इंसान का पेट भी नहीं भरता है और इसे पाने के लिए वहां भगदड़ मच जाती है. वहां की स्थिति दिल दहला देनेवाली है. लाशों के शरीर से गहने, पैसे, मोबाईल और घड़ियों की चोरी होने की बातें भी सामने आ रही हैं. एक निजी टीवी चैनल पर यात्रियों ने फोन कर सरकार के पुख्ता बंदोबस्त की पोल खोल दी है. यात्रियों के अनुसार सरकार राहत और बचाव कार्य में भी देरी कर रही है.

Powered By Indic IME