अपने गुणगान में तिरंगे के रंग भूली सरकार!

Posted on May 27 2013 by yogesh

नई दिल्‍ली : सरकार अपनी उपलब्धियों का बखान करना नहीं भूलती क्योंकि इसके लिए उसे ग्रेस माक्र्स मिलेंगे पर अपने ही तिरंगे के रंग अगर सरकार भूल जाए तो चलता है न भाई। जी हां यूपीए सरकार तिरंगे के रंगों को ही भूल गई जिसे बच्चे नर्सरी से या एल.के.जी से ही याद कर लेते हैं कि तिरंगे में तीन रंग केसरिया,सफेद और हरा होता है।

दरअसल सूचना मंत्रालय ने भारत निर्माण सीरीज के तहत आज जारी किए गए टीवी विज्ञापन में तिरंगे के एक रंग को गलत बता दिया। 2014 में होने वाले आम चुनाव के कारण भ्रष्टाचार के आरोपों को धोने में जुटी यूपीए सरकार अपनी छवि सुधारने के लिए भारत निर्माण एड कैंपेन में 180 करोड़ रुपए खर्च कर रही है।

सूचना मंत्रालय ने यह विज्ञापन ‘सद्भाव-आइडिया ऑफ इंडिया’ के नाम से जारी किया है और इस 1 मिनट 29 सेंकेड के विज्ञापन में एक स्कूली बच्ची को तिरंगे के रंगों के माध्यम से सद्भाव का संदेश दिखाई गई है। बच्ची तिरंगे के रंगों को अंग्रेजी में बोलती है- ऑरेंज, व्‍हाइट और ग्रीन।

जबकि तिरंगे में ऑरेंज नहीं बल्कि सैफरन यानी कि केसरिया रंग होता है। 22 जुलाई 1947 को संवैधानिक सभा की बैठक में तिरंगे को भारतीय झंडे के रूप में अपनाया गया था और राष्‍ट्रीय ध्‍वज तिरंगे में सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और सबसे नीचे हरा रंग होता है।

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