मुकेश अंबानी की सुरक्षा से राजनेताओं को एतराज

Posted on April 30 2013 by yogesh

नई दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी को मिले जेड सुरक्षा से वह पिछले दिनों काफी चर्चा में रहे. यह इसलिए भी क्योंकि मुकेश अंबानी देश के उन चुनिंदा २०० लोगों में शामिल हो गए हैं जिन्हें केंद्र सरकार ने जेड सुरक्षा प्रदान की है. हालांकि इस बात से काफी राजनीतिज्ञ इत्तेफाक नहीं रख रहे हैं और इसका विरोध किया है जिसकी वजह से मुकेश अंबानी ने जेड सुरक्षा का खर्च (करीब १४ लाख रूपये) खुद देने की घोषणा की है.

सबसे पहले आपको बता दें कि यह जेड सुरक्षा होती क्या है और किसको दी जाती है.

-जेड सुरक्षा उन्हें दी जाती है जिनकी जान को खतरे की आशंका होती है. भारत में इसकी चार सुरक्षा श्रेणियां हैं.

-जेड प्लस(३६ सुरक्षाकर्मियों का घेरा), जेड(२२ सुरक्षाकर्मियों का घेरा), वाय(११ सुरक्षाकर्मियों का घेरा) और एक्स(२ सुरक्षाकर्मियों का घेरा).

-जेड सुरक्षा मुख्य रूप से कैबिनेट मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज, प्रमुख राजनीतिज्ञ और वरिष्ठ नौकरशाहों को दी जाती है. इन चारों श्रेणियों के जिम्मे इन लोगों की सुरक्षा होती है.

-प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिजन को जेड प्लस सुरक्षा मिलती है. इन लोगों की सुरक्षा का दायित्व एसपीजी का है. जबकि प्रधानमंत्री के सुरक्षा दस्ते में एसपीजी के अलावा एनएसजी अधिकारी भी होते हैं.

मुकेश अंबानी को सुरक्षा के तहत एक पायलट कार होगी और उसके पीछे अन्य वाहन चलेंगे. इनमें हथियारों से लैस कमांडों भी होंगे. मुकेश अंबानी के देश या देश के बाहर कहीं भी जाने पर सुरक्षा कवच उनके साथ रहेगा. हालांकि अंबानी के पास खुद का निजी सुरक्षाकर्मियों का दस्ता है लेकिन निजी सुरक्षाकर्मियों को कुछ खास तरह के हथियार रखने की इजाजत नहीं है. अंबानी दो सुरक्षा घेरे में रहेंगे, एक उनका निजी सुरक्षा घेरा और दूसरा जेड सुरक्षा का घेरा. आपको बता दें कि २५ से ३० कमांडो वाले इस सुरक्षा घेरे का हर महीने का खर्च करीब १४ लाख रूपये है जिसमें उनकी सैलरी भी शामिल होगी और अंबानी खुद ही उस सुरक्षा टीम क बैरक बना कर देंगे. कुछ समय बाद इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी संभाल लेंगे. वहीं दूसरी तरफ गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि मुकेश अंबानी राष्ट्रीय संपत्ति हैं और उनको मिल रही धमकियों को ध्यान में रखकर ही उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई गई है.

उल्लेखनीय है कि मुकेश अंबानी देश के पहले ऐसे शख्स हैं जिन्हें जेड सुरक्षा दी गई है. हालांकि काफी राजनीतिज्ञों के गले यह बात नहीं उतरी और उन्होंने इसका विरोध किया था और कहा था कि सरकार एक गलत शुरूआत कर रही है.

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