भ्रष्टाचार केस में दिल्ली नंबर १ और महाराष्ट्र नंबर २ पर

Posted on April 30 2013 by yogesh

भ्रष्टाचार केस में दिल्ली नंबर १ और महाराष्ट्र नंबर २ पर
केंद्र सरकार के अनुसार २०१३ तक भ्रष्टाचार के ६८१६ मामले प्रलंबित

चंदन पवार(मुंबई)Email:chandanpawar.pits@gmail.com

भ्रष्टाचार के आकड़े अब आसमान छूने लगे हैं. दिन ब दिन भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है जिसे जो हाथ लग रहा है वह बटोरते जा रहा है इससे आज कोई भी सरकारी विभाग बच नहीं पाया है. अगर तूलना की जाए तो केंद्र के ‘भारतीय डाक विभाग’ में भ्रष्टाचार ना के बराबर है. महाराष्ट्र का भ्रष्टाचार के प्रलंबित मामलों में २ नंबर आना यह महाराष्ट्र की जनता की हार है क्योंकि जनता ही फिर से उन लोकप्रतिनिधियों को चुनाव में जिता देती है जिसने भ्रष्टाचार की सीमा पार कर दी है.   

केंद्र से लेकर राज्य तक के सभी विभागों में भ्रष्टाचार इतना फैल रहा है कि सामान्य व्यक्ति का काम बिना पैसे दिए नहीं हो रहा है. सरकारी टेंडर पाना है, राशन कार्ड निकालना है, सरकारी नौकरी पानी है या सरकारी काम किए हुए कामों का पैसा निकालना है तो पैसे दिए बिना आपका काम नहीं हो रहा है. यह जो भ्रष्टाचार की दीमक भारत देश को लगी है इसे अगर जल्द से जल्द खत्म नहीं किया गया तो भ्रष्टाचार में देश ऐसा डूब जाएगा कि कानून व्यवस्था मजाक बनकर रह जाएगी. इस भ्रष्टाचार के आकड़ों को बढ़ाने का काम देश के कुछ राजनेताओं ने किया है. इसमें सबसे बड़ा भ्रष्टाचार २ जी स्पेक्ट्रम (ए.राजा) कोयला आवंटन (कोयला मिनिस्ट्री) और कॉमनवेल्थ से जुड़ा घोटाला (सुरेश कलमाड़ी) का है. लेकिन केंद्र सरकार इन घोटालों को लेकर गंभीर नहीं है क्योंकि यह सब घोटाले इन्हीं के राज में और इनके ही लोकप्रतिनिधियों द्वारा किया गया है परंतु आज भी यह लोकप्रतिनिधि खुले आम घूम रहे हैं और इनके अंधे भक्त (कार्यकर्ता) अपने कंधों पर बिठाए इनका गुणगान गा रहे हैं. इनको मालूम ही नहीं हो रहा है कि जनता के पैसों से ही यह लोग अपनी बैंक भर रहे हैं. ऐसा काम करनेवालों को जनता ही अपने सर पर बिठा रही है. यह आश्चर्य की बात देखने को मिल रही है.

अभी अभी प्राप्त जानकारी के अनुसार देश के विभिन्न सीबीआई अदालतों में ३१ मार्च २०१३ तक भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत ६८१६ मामले प्रलंबित हैं. यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी.नारायण सामी ने ए.मंजूनाथ के सवाल के जवाब में लिखित रूप में बताया. उन्होंने बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो ने वर्ष २०१०, २०११, २०१२ और ३१ मार्च २०१३ तक भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कुल २१२१ मामले दर्ज किए गए हैं.

वी. नारायण सामी ने कहा कि देश भर में सीबीआई के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायधीशों की ४६ अदालतें और विशेष मजिस्ट्रेट की १० अदालतें चल रही हैं. सरकार ने ७७ अदालतों को मंजूरी दी है. इसमें से ६६ अतिरिक्त विशेष अदालतें विभिन्न राज्यों में सीबीआई के मामलों की सुनवाई के लिए गठित कर दी गई है.

राज्यों के सीबीआई अदालतों में भ्रष्टाचारों के केस

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