बढ़ते तलाक की क्या वजह है ?

Posted on March 25 2013 by yogesh

नई दिल्ली : वर्तमान समय में रिश्तों में काफी खटास आई है. यदि रिश्तों में कुछ कड़वाहट आती है तो लोग एक दूसरे से अलग हो जाना ही सही समझते हैं. आजकल शादी के बंधन भी कमजोर पड़ते जा रहे हैं और तलाक के मुद्दों में भी इजाफा होते जा रहा है. लेकिन भारत में तलाक के पीछे एक बड़ी वजह सामने आई है जो है नपुंसकता. भारत में एक अध्ययन किया गया है जिसके अनुसार भारत में २० से ३० प्रतिशत तक तलाक संतोषप्रद यौन जीवन की चाहत में होते हैं.

आपको बता दें कि भारत में ‘अल्फा वन एंड्रोलॉजी ग्रुप’ तथा पुरूषों की यौन समस्याओं का समाधान करनेवाले चिकित्सकों नें सम्मिलित रूप से यह अध्ययन किया है. इस अध्ययन में स्तंभन दोष या नपुंसकता से पीड़ित लगभग २,५०० भारतीय पुरूषों को शामिल किया गया. अध्ययन में ४० की आयु के बाद ५० फीसदी पुरूषों में स्तंभन दोष की शिकायत पाई गई तथा ४० की आयु से पहले इससे १० फीसदी पुरूष प्रभावित पाए गए.

स्तंभन दोष से पीड़ित २,५०० पुरूषों पर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि शारीरिक स्वास्थ्य के कारण प्रत्येक पांच में से एक पुरूष का तलाक हो गया एवं प्रत्येक १० में से एक पुरूष का वैवाहिक जीवन टूटने के कागार पर है. अध्ययन के अनुसार अन्य रोगों की अपेक्षा नपुंसकता के बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है वह इस मुद्दे को गलत तरीके से संभालते हैं जिसकी वजह से वैवाहिक संबंध टूट जाते हैं.

अध्ययन के अनुसार विवाहित जोड़े वर्ष में औसतन ५८ बार या सप्ताह में एक बार या थोड़ा अधिक बार संभोग करते हैं. मधुमेह के कारण स्तंभन दोष होने का खतरा बढ़ जाता है और इसके बाद उच्च रक्तचाप इसकी बड़ी वजह है. विशेषज्ञों के अनुसार धुम्रपान. मदिरापान, मोटापा और शारीरिक श्रम की कमी आदि स्तंभन दोष के अन्य कारण हैं. कुछ हद तक जीवनशैली में आया बदलाव भी इन सबकी एक बड़ी वजह है. सलाहकार मानते हैं कि स्वस्थ वैवाहिक जीवन के लिए समय, प्रयास एवं दोनों व्यक्तियों द्वारा सामंजस्य की आवश्यकता होती है.

डॉक्टरो का मानना है कि भारतीय पुरूषों में आज भी स्तंभन दोष के लिए चिकित्सकीय सलाह लेने के प्रति काफी झिझक है. उन्हें इस बात का एहसास तब होता है जब उनका वैवाहिक जीवन टूटने के कागार पर आ जाता है या टूट जाता है.

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