हेल्थ टिप्स – ग्रीन टी आपको फुर्ती के साथ दे अच्छी सेहत

Posted on January 23 2013 by yogesh

लोग जब थकान और बोरियत महसूस करने लगते हैं तब चाय पीकर खुद को तरोताजा महसूस करते हैं. चाय पीकर लोगों में नए उत्साह का संचार होता है. लेकिन क्या आपको पता है ग्रीन टी आपको केवल तरोताजगी ही नहीं बल्कि अच्छी सेहत भी देता है. ग्रीन टी पर हुए वैज्ञानिक शोधों में यह बात सामने आई है कि सिरदर्द, तनाव, अल्जाइमर्स और एसिडिटी की समस्या में यह एक शानदार औषधि के रूप में काम करती है. तो आईए आपको बताते हैं कि ग्रीन टी जैसी महत्वपूर्ण पेय को आप कैसे बना सकते हैं.

ग्रीन टी बनाने का तरीका:

-    एक कप ग्रीन टी बनाने के लिए एक थैली या आधा चम्मच ग्रीन टी की पत्ती लें.

-    केतली में पहले पानी उबाल लें.

-    स्टोव को बंद करें और तीन मिनट तक इंतजार करें, फिर इस उबले पानी को टी बैग या ग्रीन टी की पत्ती पर डालें.

-    तीन मिनट तक इंतजार करें अब टी बैग हटा लें, तीन मिनट इंतजार करें. इसके बाद ग्रीन टी का आनंद ले सकते हैं.

-    एक बात का ध्यान रखें कि इस पद्धति का अच्छे से पालन करें नहीं तो इसके लाभदायक पोलीफिनॉल्स कड़वे स्वाद में बदल जाएंगे.

ग्रीन टी से फायदा:

-    ग्रीन टी दातों को नुकसान पहुंचने से बचाता है. ग्रीन टी प्लाक में मौजूद नुकसानदायक बैक्टेरिया को नष्ट कर दातों की रक्षा करता है. इसके अलावा इसमें मौजूद फ्लोरीन दांतों में कैविटी नहीं बनने देता.

-    ग्रीन टी आर्थराइटिस पर भी नियंत्रण रखता है. जो लोग चार या पांच कप ग्रीन टी का सेवन करते हैं वे रूमेटाइड आर्थराइटिस पर नियंत्रण कर सकते हैं.

-    ग्रीन टी नियमित पीनेवालों में गुर्दे के संक्रमण की संभावना कम होती है.

-    ग्रीन टी में ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं जो मल्टीपल स्कलीरोसिस जैसी दिमागी बीमारियों से लड़ने में सहायक होते हैं. ग्रीन टी दिमाग की कार्यप्रणाली को भी बढ़ाता है.

-    ग्रीन टी का इस्तेमाल करनेवालों की पाचन क्रिया बेहतर और तेज गति से काम करती है. इसे पीने से भूख भी लगती है.

-    ऐसा भी माना जाता है कि ग्रीन टी में एपीगैलोकैटेचिन गैलेट नामक एक एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता है जो कैंसर कोशिकाओं को शरीर में प्रवेश करने और विकास करने में से भी रोकते हैं. विशेषज्ञों का ऐसा भी कहना है जिन्हें कैंसर है उन्हें ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए इससे वह इस बीमारी को रोकने में कामयाब हो सकते हैं.

-    ग्रीन टी एल.डी.एल. कोलेस्ट्रॉल की ऑक्सीडेशन को रोकती है. इस प्रकार धमनियों में प्लाक में कम होने से ह्रदय रोगों का खतरा कम होता है.

-    गर्म पानी में मिलाए गए ग्रीन टी के मिश्रण को त्वचा पर बाहरी रूप में लगाने से रेडिएशन के प्रभाव कम होते हैं.

-    ग्रीन टी के इस्तेमाल से हम शरीर में कैलोरीज के बर्न होने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं. शरीर में पोलीफिनोल्स की जितनी मात्रा होगी कैलोरीज उतने बर्न होंगे. ग्रीन टी में पोलीफिनोल्स की ज्यादा मात्रा पाई जाती है जिससे आप मोटापा से बच सकते हैं.

ग्रीन टी का इस्तेमाल कर ना केवल आप मोटे होने से बच सकते हैं बल्कि बहुत सी बीमारियों से भी दूर रह सकते हैं. तो रोजाना ग्रीन टी पीएं और स्वस्थ्य रहें.

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