आलू के चिप्स कैसे आए आपके हाथों में…

Posted on January 23 2013 by yogesh

न्यूयॉर्क : कभी कभी कोई चीज हमें बहुत पसंद होती है लेकिन वह चीज अस्तित्व में कैसे आई यह हमें पता ही नहीं होता. तो आईए आज हम आपको बताते हैं कि आपकी पसंदीदा आलू चिप्स का निर्माण कैसे हुआ.

न्यूयॉर्क शहर के साराटोगा स्प्रिंग्स में स्थित मून लेक लॉज में जॉर्ज क्रम नामक व्यक्ति रसोइया का काम करता था. एक दिन एक गुस्सैल ग्राहक आया और उसने जॉर्ज को फ्रेंच आलू जो पतले, नमकीन और कुरकुरे भी हों, खिलाने की मांग की. जॉर्ज ने पतले आलू काटकर तले लेकिन उस ग्राहक को वह पसंद नहीं आए और उसने जॉर्ज को दुबारा बनाने के लिए. इसबार जॉर्ज ने और पतले चिप्स काटे और उसे पहले पानी भिगोया फिर तला. इस बार नमका डालने के बाद ये चिप्स और कुरकुरे एव नमकीन हो गए. यह कुरकुरे चिप्स उस ग्राहक को भी पसंद आए और साथ ही अन्य लोगों को भी. अगले दिन से जॉर्ज ने इन्हें सारागोटा नाम से तैयार करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते यह सबका फेवरेट बन गया और आज यही पोटैटो चिप्स के नाम से मशहूर है.

पोटैटो चिप्स के निर्माण के बाद उनको पैक करने करने की सुविधा का भी इजाद किया गया. पैकेट में रखने से ये टूट जाते थे इसलिए कुछ लोगों ने पैकेट में हवा भरनी शुरू की ताकि वह आपस में टकराकर टूट ना जाएं. लेकिन ज्यादा बड़े पैकेट होने की वजह से जगह की समस्या उत्पन्न होने लगी. इस समस्या का हल प्रॉक्टर व गैम्बल कंपनी ने बड़े ही अनोखे अंदाज में निकाला. इस कंपनी का एक कर्मचारी एक दिन पेड़ के नीचे खड़ा था और उसने पेड़ से गिरते पत्ते देखे. उसने देखा कि हरे पत्ते नहीं बिखरते हैं, सूखे पत्ते बिखर जाते हैं. इससे उसे एक तरकीब सूझी. पहले आलू के चिप्स सूखाए जाते थे और फिर उसकी पैकिंग की जाती थी लेकिन अब यह सिलसिला उल्टा कर दिया गया. गीले स्लाइसेज को पहले बंद किया गया फिर उसे सुखाया गया. इससे आलू चिप्स को पैक करना आसान हो गया.

हरमन ले नामक सेल्समैन ने १९२० में इन पोटैटो चिप्स को बेचने की नई तरकीब निकाली गई. उसने अपनी कार में चिप्स के बैग को भर भरकर ले जाना शुरू किया. इन चिप्स को खुदरा दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर खरीदना शुरू कर दिया. हरमन ले के पास जब बहुत पैसा हो गया तो उसने फ्रिटो ले के नाम से अपनी कंपनी स्थापित की. आज अमेरिकी ४०० करोड़ डॉलर सालाना इन आलू चिप्सों पर खर्च करते हैं और इन्हें खानेवाले पूरी दुनिया में फैले हुए हैं. केवल कनाडा निवासी साल में २८५ टन पोटैटो चिप्स खा जाते हैं.

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