सप्ताह की खास मुलाकात – एहसान कुरैशी( हास्य कलाकार )

Posted on December 26 2012 by yogesh

कभी कभी बहुत गर्व होता है कि मालिक ने हमें लोगों को हंसाने के लिए पैदा किया है

‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर शो’ से एहसान कुरैशी लोगों की नज़रों में आए. लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने के साथ साथ वह राजनीति पर कटाक्ष करने का हुनर खूब रखते हैं इसलिए उनका अंदाज लोगो से जुदा है. हास्य, व्यंग्य और साथ ही अपनी बात को कहने के अलग अंदाज ने उन्हें सबका चहीता बना दिया. एहसान कुरैशी हास्य कलाकारो में एक नई पहचान बनाने में कामयाब हुए हैं. टीवी शो के बाद फिल्म करनेवाले और ‘बिगबॉस’ के मेहमान रह चुके एहसान कुरैशी से हमारे संवाददाता गौतम कोरडे ने बातचीत की.

आपके आनेवाले प्रोजेक्ट के बारे में कुछ बताईए?

मैने हाल ही में दो फिल्में साइन की हैं और बहुत सारे टीवी धारावाहिक भी करनेवाला हूं. मैने एक फिल्म साइन की है ‘हॉरर जंगल’. यह एक सीख देनेवाली फिल्म है जिसमें पेड़ बचाओ अभियान पर ध्यान केंद्रित किया गया है. दूसरी फिल्म बच्चों पर अधारित है, यह फिल्में बहुत मनोरंजित करनेवाली हैं. यह लोगों को जरूर पसंद आएंगी.

आज के समय में समस्याएं बहुत है, लोग तनाव में हैं ऐसे में लोगों को हंसा पाना कितना मुश्किल होता है?

मेरे एक दोस्त ने यह दो लाईने कहीं थीं ,’जिंदगी से बड़ी सजा ही नहीं और जुर्म क्या है पता ही नहीं. कितने हिस्सों में बट गया हूं मैं, मूझको कुछ पता ही नही.’ लोगों की जिंदगी बहुत बिखर गई है, जिम्मेदारियां भी काफी बढ़ गई हैं. ऐसे में हम कोशिश करते हैं कि लोगों को हसाएं. उनको कुछ देर के लिए ही सही हंसने पर मजबूर करें. हम लोगों को इस बात का एहसास दिलाते हैं कि कठिनाईयों में भी हंसते हुए ही आगे बढ़ना चाहिए. कभी कभी बहुत गर्व होता है कि मालिक ने हमें लोगों को हंसाने के लिए पैदा किया है.

आप हास्य कलाकार के रूप में ही काम करते रहना चाहते हैं?

देखिए हमें उपरवाले ने ही ऐसा बनाया है. हम इस दुनिया में लोगों को हंसाने के लिए ही आए हैं. मालिक ने हमें हीरा बनाया है और हीरा चाहकर भी सोना नहीं बन सकता. कहने का मतलब है कि हम हास्य कलाकार हैं और वही रहेंगे.

आपको कौन से हास्य कलाकार बहुत पसंद है, किसे आप अपना आदर्श मानते हैं?

जब मैने फिल्में देखनी शुरू की तो उस समय किशोर कुमार और महमूद का जलवा था. इन दोनों कलाकारों ने मेरी जिंदगी में उथल पुथल मचा दी. पड़ोसन फिल्म से मैं इनका मुरीद हो गया. उसके बाद जॉनी लीवर आए. यह तीनों कलाकार मेरे आदर्श हैं. इनके अलावा सुरिंदर शर्मा भी हैं, जिनका मैं कायल हूं.

आपको क्या लगता है कि जो पहले लाफ्टर शो होते थे उनसे कितना अलग है आज का लाफ्टर शो?

सबसे बड़ा अंतर यही है कि जब हमने ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर शो’ किया था तब वह एक परिवारिक शो हुआ करता था. पूरा परिवार एक साथ बैठकर हंसता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होता, अब सब साथ में बैठकर शो नहीं देख सकते क्योंकि अश्लीलता बहुत बढ़ गई है. ऐसे बहुत से कैरेक्टर हैं जिनके हाव भाव ही आपको हंसा देते हैं उसके लिए अश्लीलता की जरूरत नहीं होती.

आपने राजनीति पर व्यंग्य करके लोगों को बहुत हंसाया हैं, आपको किस राजनेता के बारे में बात करने में सबसे ज्यादा मजा आता है?

लालू प्रसाद यादव पर तो हर हास्य कलाकार बोलना पसंद करता है. लालू प्रसाद एक ऐसे राजनेता हैं जिन्हें देखकर लगता है कि इनपर बात कर कर बड़े आसानी से लोगों को हंसाया जा सकता है. लालू जी हमारे बहुत काम आए, उन्होने हमारी बहुत मदद की है. लालू जी का चुनावी प्रतीक है ‘लालटेन’. हमने उस पर कहा था कि लालू का लालटेन यानी लाल (बच्चे) और टेन(दस). इसका मतलब यह है कि लालू के दस बच्चे.

अपने सफर के शुरूआत से लेकर अब तक आपको क्या फर्क महसूस होता है?

बड़ा फर्क महसूस होता है भाई. शुरूआती दिनों में काम के पैसे मिलते थे और नहीं भी मिलते थे. बस में सफर करना बड़ी बात थी लेकिन अब फ्लाइट से शो करने जाते हैं. अब हालात बदल गए हैं, उपरवाले की मेहरबानी है. अब लोग पहचान ने लगे हैं. जहां भी जाते हैं लोगों का हुजूम इकट्ठा हो जाता है. ऊपरवाले ने नाम, दौलत और शौहरत सभी चीजों से नवाजा है. मेरी नए कलाकारों से यही गुजारिश है कि वह मेहनत करते रहे एक दिन उन्हें कामयाबी जरूर मिलेगी.

आप जब बिग बॉस में थे उस वक्त के बिग बॉस में और अब के बिग बॉस में क्या अंतर है?

लोग गलत सोचते हैं कि यह शो स्क्रिप्टेड है. हालांकि मैं बिग बॉस में रहा हूं और मूझे किसी ने कोई स्क्रिप्ट नहीं दी थी. आपके पास मोबाइल ना हो, टीवी ना हो बाहर की दुनिया में क्या चल रहा है इसकी कोई जानकारी ना हो ऐसे में आदमी पागल हो जाएगा. सिर्फ वही १२ लोग आपके सामने रहते हैं. जिनसे आप प्यार करते हो उन्हें भी और जिनसे नफरत करते हो उन्हें भी, दोनों को झेलना पड़ता है. लोग अपनी अपनी तैयारी से जाते हैं. मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ जब मैं लोगों को हसाता था उस वक्त की फूटेज लोगों को नहीं दिखाई गईं. यह एक खेल तो है ही. जो ज्यादा मसाले परोसेगा वह रहेगा और जो नहीं वह गेम से बाहर.

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