अब आपको पता चल सकेगा आपके मृत्यु का समय…

Posted on November 26 2012 by yogesh

वाशिंगटन : जी हां, यह कोई मज़ाक नहीं बल्कि सच है कि वैज्ञानिकों ने पहली बार जीन में एक एसी सामान्य विसंगति खोज निकाली है जो यह तय करता है कि आप हर दिन किस समय सोकर उठेंगे और आपकी मौत दिन के किस पहर में होने की ज्यादा संभावना है.

इस अध्ययन से मिलनेवाले नतीजों से काम का समय बदलने, चिकित्सीय उपचार की योजना बनाने और नाजुक हालतवाले मरीजों की स्थिति का जायजा लेने का समय तय किया जा सकता है. अध्ययन के प्रमुख एंड्रयू लिम का कहना है कि हमारी आंतरिक ‘जैविक घड़ी’ मानवीय जीव विज्ञान और व्यवहार के कई पक्षों को नियंत्रित करती है. इसमें सोने का समय, संज्ञान आधारित प्रदर्शन का समय और कई अन्य शारिरिक क्रियाओं का समय शामिल है.

यह दिल के दौरे जैसी कई चिकित्सकीय घटनाओं के समय पर भी अपना प्रभाव दिखाता है. हावर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर सैपर के अनुसार आभासी रूप से सभी शारीरिक क्रियाओं की एक लय होती है इसका मतलब मौत की भी एक लय होती है. सामान्य जनसंख्या में सतन ज्यादातर लोगों की मृत्यु सुबह के समय होती है और उसमें भी वह समय ११ बजे का होता है.

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