प्यार के जाल में फसाकर डाला जाता है जिस्मफरोशी के धंधे में

Posted on October 29 2012 by yogesh

मुंबई(पिट्स प्रतिनिधि): २१ वीं सदी के जिस समाज में जहां महिलाओं को पुरूषों के कंधे से कंधा मिलाकर चलने की बात बड़े जोर शोर से की जाती हैं, वहीं कुछ महिलाओं को आज भी जिस्म फरोशी के धंधे में जबरन डाला जाता है. इसके अलावा उन्हे बंधुआ मजदूर बनाकर रखा जाता है. इसके पीछे लव,सेक्स और धोखा वाली बात भी शामिल है. आपको यह भी बता दें कि यह सच्चाई केवल हमारे देश की नहीं है बल्कि विदेशों में भी ऐसे किस्से सुनने में आते हैं.

ब्रिटेन में ताज़ा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मानव तस्करी में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. तस्करी में खरीदी हुई लड़कियों से जिस्म फरोशी का काम तो करवाते ही हैं इसके अलावा उन्हे एक बंधुआ मजदूर बनाकर भी रखते हैं. इस बात का खुलासा सोफी नामक एक ब्रितानी महिला ने एक साक्षात्कार में बताया. उसने कहा कि उसके प्रेमी ने उसे अपने प्रेम जाल में फसाकर उससे ६ महीने तक जिस्म फरोशी का काम कराता रहा और ६ महीने बाद वह अपने परिवार और पुलिस की मदद से उस चंगुल से आजाद हो सकी.

उस ब्रितानी महिला के साथ जो हुआ, कुछ वैसा ही हरियाणा के भिवानी में एक महिला के साथ हुआ. पुलिस ने भिवानी में एक ऐसी मुस्लिम नाबालिग लड़की को पकड़ा है जो असम की है. गौरतलब है कि भिवानी के पिलुखेड़ा गांव में रहनेवाली मुमताज नामक इस महिला को अब्दुल शेख ने बेचा था. किसी तरह मौका पाकर इस युवती ने गुवाहाटी फोन किया जिससे यह मामला असम के एक एनजीओ गोल्ड से यह मामला दिल्ली के एनजीओ शक्ति वाहिनी के नज़र में आया. जब इस एनजीओ ने जांच पड़ताल की तो वह बात के तह तक पहुंच गई और पुलिस के मदद से उन दरिंदो को धर पकड़ा.

मुमताज के साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और अभी तक इस सिलसिले में किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है. पुलिस ने इस खुलासे का सारा श्रेय इस एनजीओ को दिया है. मुमताज ने पुलिस से बातचीत में बताया कि उसे यहां लाकर बेचा गया था. पुलिस इस मामले में तफतीश कर रही है और हो सकता है इस से जुड़े कई गिरोहों का चेहरा सामने आए. जो महिलाओं को इस तरह प्यार के जाल में फांसकर उन्हे इस वेश्यावृत्ति में डाल देते हैं.

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