सेक्स टिप्स

Posted on September 17 2012 by yogesh

कई बार लोग सेक्स वीडियों देखकर या फिर उसे सोचते ही उत्तेजित हो जाते है. इसके और भी कई कारण होते है जैसे कि पेनिस में इरेक्शन, स्पर्श का होने और दिमाग में सेक्स सेंटर इन सब चींजो के कारण उत्तेजना उत्पन्न होती है. इन विचारों से ही शरीर में खुन का प्रवाह तेज हो जाता है. इसी वजह से लिंग में उत्तेजना और स्त्रियों की योनी में गीलापन आता है.

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन

आखिर क्या है यह इरेक्टाइल डिस्फंक्शन? सेक्स के दौरान पेनिस में इरेक्शन के खत्म हो जाने को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कहते है. कुछ लोगों को सेक्स के बारे में सोचने पर इरेक्शन हो जाता है और कुछ लोगों को बिल्कुल भी नही होता है. सेक्स करते समय पेनिस का ढिलापन और पेनिस को वैजाइना के अंदर डालने बाद इरेक्शन की कमी होती है वह इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की निशानी होती है. जिन लोगों को यह परेशानी होती है वे चिड़चिडे हो जाते है और उनका कॉन्फिडेंस भी कम हो जाता है. इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह शारीरिक या मानसिक हो सकती है. अगर किसी खास समय इरेक्शन होता है और सेक्स के दौरान नही होता है तो समस्या मानसिक है. खास समय का मतलब सुबह सोकर उठने पर, पेशाब करते वक्त या सेक्स के बारे में सोचने पर अगर इन स्थितियों मे इरेक्शन नही होता है तो समस्या शारीरिक स्तर पर है. अगर समस्या मानसिक स्तर पर है तो साइकोथेरेपी और डॉक्टरों के सुझावों से इसे ठीक किया जा सकता है. शारीरिक वजह के चार कारण हो सकते है शराब, स्मोकिंग, शुगर और स्ट्रेस.

  • हॉर्मोन डिस्ऑर्डर्स इरेक्टाइल डिस्फांक्शन की खास वजह हो सकती है.
  • पेनिस के सख्त होने की वजह उसमें खून का बहाव फोता है. जब कभी पेनिस में खून के बहाव में कमी आती है उसमें पूरी सख्ती नही आ पाती और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन शुरू हो जाता है.
  • नर्वस सिस्टम में आई कमी के कारण भी यह समस्या हो सकती है.
  • हमारे दिमाग में सेक्स  संबंधी बातों के लिए एक खास सेंटर होता है. इस सेंटर में कोइ डिस्ऑर्डर है, तो भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो सकता है.
  • 80 फीसदी मामलों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की वजह शारीरिक होती है बाकि 20 फीसदी में यह समस्या मानसिक होती है.


इलाज

  • हार्मोन थेरेपी : अगर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह हॉर्मोन की कमी है तो हॉर्मोन थेरेपी की मदद से इसे दो तीन महिनों के अंदर ठीक किया जा सकता है.
  • ब्लड सप्लाई : जब भी पेनिस में आर्टरीज की ब्लॉकेज की वजह से ब्लड सप्लाई में कमी आती है, तो दवाओं की मदद से ब्लॉकेज को खत्म किया जाता है. और उसमें तनाव आने लगता है.
  • सेक्स थेरेपी : कभी-कभी समस्या शारीरिक न होकर मानसिक होती है. ऐसे मामलों में सेक्स थेरेपी की मदद से मरीज को सेक्स संबंधी जानकारी दी जाती है.
  • वैक्युम पंप, इंजेक्शन थेरेपी और दवाईंयों के द्वारा भी इसे दूर किया जा सकता है.
  • अगर ये सभी तरीके असफल हो जाते है तो पेनिस की सर्जरी की जाती है.
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