हमारी खबरें देना मीडिया की मजबुरी -अरविंद केजरीवाल

Posted on April 23 2012 by pits

मुंबई  (पिट्स प्रतिनिधी):  अरविंद केजरीवाल ने सांताक्रुज़ स्थित बिलवा हाउस में १३ एप्रिल को ५ बजे उनके वालंटियर्स के साथ आगे की रणनीति क्या होगी इसके लिए एक चर्चा सत्र बुलाया था. उसमें मीडिया के लोग भी शामिल हुए थे.

चर्चा सत्र में ज्यादा समय तो मीडिया के उपर केजरीवाल की तरफ से आरोपों का सत्र चालु था की हमारी खबरें देना मीडिया की मजबुरी बन बैठी है क्योंकि उनकी टीआरपी हमारी वजह से बढ़ती है. साथ ही केजरीवाल ने ऐसे कई आरोप मीडिया के उपर लगाए. हम केजरीवाल जी को बताना चाहते हैं कि आरोप लगाना बिल्कुल आसान होता है, अगर इनको याद है तो मीडिया इन्हे बता दें कि जब आपका भ्रष्टाचार विरुद्ध आंदोलन चालु हुआ तब इसी मीडिया ने आपके पक्ष को पूरे देश में एक ढ़ेड़ महिने तक लोगों के समक्ष रखा. अगर मीडिया इस मुद्दे को महत्व नहीं देती तो क्या यह आंदोलन देश के घर-घर में पहुंच पाता? नही, बिल्कुल नहीं क्योंकि मीडिया एक साधन है जो लोगों तक पहुंचता है. केजरीवाल के बयान के हिसाब से मीडिया ने अगर उनके या टीम अण्णा के सदस्यों के खिलाफ लिखा हो या दिखाया हो तो केजरीवाल जी को यह बताना बहुत ज़रूरी है कि मीडिया किसी एक विचारधारा या व्यक्ति का गुलाम या उसके अधीन नहीं होना है क्योंकि मीडिया को दोनो पक्षों को जनता के सामने रखना बहुत ज़रूरी होता है. अगर मीडिया एक पक्ष को लोगों के सामने रखेगा तो वह दूसरे पक्ष के साथ अन्याय करने के साथ साथ अपने उद्देश्यों की भी अवहेलना करेगा. दोनों पक्षों को जनता के सामने समानरूप में रखना मीडिया की नैतिक जिम्मेदारी है. अगर केजरीवाल जी को मीडिया पसंद ही नहीं है तो वह प्रिंट मीडिया या इलेक्टॅानिक मीडिया को यह कहकर जाहिर कर दें कि वह उनकी खबरों को लोगों के समक्ष ना रखें, तो मीडिया इस दिशा में सोच सकती है? लेकिन सोचनेवाली बात यह है कि केजरीवाल ने यह जो बयान दिया है क्या इनके इस बयान से अण्णा जी का भी समर्थन है? अगर नहीं है तो केजरीवाल जी टीम अण्णा में अपनी मनमानी कर रहे हैं. यह साफ पता चलता है. इन्हें राजनैतिक लोगों की तरह इस तरह के बयान करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्होने जो मुद्दा उठाया है उसे आगे कैसे बढ़ाना चाहिए इस पर ध्यान देना चाहिए. साथ ही भारत में एक नहीं बल्कि कई ऐसी समस्याएं हैं जिसके लिए भी आंदोलन करने की आवश्यकता है . इनके इस वालंटियर मार्गदर्शन समारोह में इन्होने वालंटियर से कहा कि हमको सिर्फ लोकपाल के लिए ही काम करना है लोगों की जो छोटी छोटी समस्या है इनकी तरफ हम अभी नहीं देख सकते हैं क्योंकी अगर हम इन समस्याओं का निपटारा करने बैठे तो लोकपाल की तरफ से हमारा ध्यान हट जाएगा इसलिए अभी यह समस्याएं लोकपाल के बराबर नहीं हैं. इनके इस कार्यक्रम में वालंटियरों ने भी मीडिया को नहीं बकशा, वो भी मीडिया के खिलाफ बोलते नज़र आए, उनका कहना था कि मीडिया चोर है, इस तरह के शब्दों से मीडिया को नवाज रहे थे. यह सब होने के बावजूद मीडिया ने इनके खिलाफ कुछ नहीं लिखा, इस से यह पता चलता है कि मीडिया अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है. इसलिए अण्णा टीम के सदस्यों को मीडिया के उपर इस तरह के आरोप लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इस से इनके आंदोलन पर भी असर पड़ सकता है. यह लोग मीडिया के बिना अधूरे हैं क्योंकि आज के जमाने में घर घर जाना और आंदोलन के बारे में बताना मुश्किल है और इसमें काफी वक्त लगेगा इनका यह वक्त मीडिया बहुत कम कर देती है.

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