मुंबई में आया मेरा दोस्त… मुंबई में शांतिपुर्वक मनाया गया बिहार दिवस

Posted on April 23 2012 by pits

मुंबई  (पिट्स प्रतिनिधी): पिछले रविवार १५ अप्रैल, मुंबई में सायन के सोमैय्या मैदान में बिहार दिन मनाया गया. इस बिहार दिन का जश्न मनाने को लेकर काफी बड़े पैमाने पर राजकीय नेताओं में बयानबाजी चलती रही. इन जन प्रतिनिधि के बयानबाजी से सर्वसामान्य वर्ग बड़े तादाद में प्रभावित और चिंतित रहा. अक्सर यह देखा गया है कि इस तरह के प्रांतवाद के राजनीति में हमेशा ही राज्यों, भाषाओं का विभाजन हुआ है. इस बिहार दिवस पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने भाषण में बिहारवासियों तथा महाराष्ट्र के लोगों का दिल जीत लिया. कुछ लोगों का इस मुद्दे को लेकर ऐसा मानना है कि मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के बिहार दिवस को लेकर की गई बयानबाजी से नीतीश कुमार थंडे पड़ गए. इस तरह से वही लोग सोच सकते हैं जिन्हें अपनी राजनीती चमकाने के लिए भड़काऊ और चिंतित माहौल की जरूरत होती है. वहीं दूसरी ओर राज ठाकरे ने यह कहा कि बिहार दिन को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. उनका कहना था कि हम जिस तरह से बिहार का विकास होते हुए देख रहे हैं उसकी प्रशंसा करते हैं. साथ ही नितिश कुमार का भी कहना था कि बिहार दिवस के महाराष्ट्र में मनाए जाने के पीछे मेरा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है साथ ही उन्होने बिहार में महाराष्ट्र दिवस मनाने की बात कहीं. साथ ही नीतीश कुमार ने बिहार दिवस मनाते वक्त महाराष्ट्र के महान समाज सुधारकों जैसे शिवाजी महाराज, ज्योतिबा फुले और बाबासाहेब आंबेडकर की अर्चना कर इस जश्न की शुरुआत की.

नीतीश कुमार अपने ही एक अलग अंदाज के लिए जाने जाते हैं. उन्होने अपने भाषण की शुरुआत कर जहां मराठी मानुस का दिल जितते हुए नज़र आए वहीं मुंबई के विकास में बिहारियों के योगदान की सराहना की. साथ ही उनका कहना था बिहार के लोग जिस राज्य में रहते हैं उन्हे वहां की संस्कृति और रीति-रिवाज़ का सम्मान करना चाहिए. नीतीश कुमार के ऐसे विचारों से सर्व सामान्य जनता जरूर गदगद हुई होगी क्योंकि जनता को भी शांति चाहिए ना की बड़काऊ बयानबाजी से प्रभावित माहौल. सत्ताधारी लोग तो अपनी रोटी सेकने के लिए ऐसे भड़काऊ भाषण देकर “झेड सिक्युरिटी” में सही सलामत चले जाते है और पीछे छोड़ जाते हैं अपने कड़वे बयान जिस से आम जनता में काफी आक्रोश फैल जाता है.

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