सत्ता का पेटंट सिर्फ राजकीय घरानो का…

Posted on February 29 2012 by pits

मुंबई (चंदन पवार) हमे अक्सर देश स्वतंत्र होने के बाद से ये देखने को मिल रहा है कि जब कोई एक घराना राजकीय क्षेत्र में उतरा तो उसके बाद उसी घराने का नाम और उस घराने में जन्मे हुए सभी व्यक्ति ही देश के उच्च स्थानों पर राज करते हुए दिखाई पड़ते है.क्या लोग उनके ही घराने के सभी व्यक्तियों को आगे बढाना चाहते हैं? इसका जवाब अब तक तो हाँ ही है ऐसा प्रतीत हो रहा है.

भारत जब से स्वतंत्र हुआ है तब से जवाहरलाल नेहरु का घराना देश पर राज करते हुए आया है. परंतु सिर्फ हम गांधी घराने की ही बात नही कर रहे हैं बल्कि देश में जितने भी राज्य है उनमें बहुत सारे ऐसी पार्टियां हैं और नेता है जिनके घर में पिता के साथ माता, बेटी, बेटा इनको पार्टियों की तरफ से टिकट दिया जाता है और इनको देश चलाने का पेटंट मिल जाता है. कुछ लोगों का ये कहना है कि काँग्रेस पक्ष गांधी घराने के बिना चल ही नही सकता है. ऐसी ही स्थिती महाराष्ट्र में देखने को मिलती है.यहाँ पर भी शरद पवार, छगन भुजबल, गणेश नाईक, बालासाहेब ठाकरे, नारायण राणे ऐसे बड़े नेताओं के घर में आज विधायक, सांसद या महापौर जैसे उच्च पद पानेवाले सगे संबंधी है.

लोगों के साथ जब हमने बात की तब हमें लोगों में एक निराशा का पता चला. उनका कहना था कि घरानेशाही को ही हमें आगे बढाना होता है. इसका जवाब पुर्ण रुप से जब हमने उनको पुछा तो उन्होने हमे कहा कि देखो कोई भी बडा घराना पहले से राजनीति में होने के कारण लोग उनके ऊपर भरोसा करते हैं, उनको अपना नेता मानते हैं. दूसरा आज राजनीति में अगर कोई साधारण व्यक्ति स्वच्छ छबीवाला अगर आता है तो उसको कोई वोट देगा या नही ये तो सोचनेवाली बात है. लोगों का ये भी कहना था कि जब चुनाव आते हैं और मतदान करना पड़ता है तब हमारे सामने कोई भी उम्मीदवार हमें पसंद नही है, ऐसा भी आप्शन होना चाहिए. मगर ऐसा अभी तक अपने देश के कानून में नही है. इसलिए मजबूरन हमें वोट करना पड़ता है.

देश के सभी राजकीय पार्टियाँ और नेता कार्यकर्ताओं के दम पर बड़े होते है मगर जिन कार्यकर्ताओं ने लगन और मेहनत से पार्टी की मदद की है उन्ही कार्यकर्ता को जब राजनीति में सही मायनो में पद ग्रहण करने को नही मिलता है. यह बात बहुत दुर्भाग्यपुर्ण है. इसलिए आम जनता सोचे कि एक स्वच्छ प्रतिमा वाला और समाज की सेवा करने की आस रखनेवाले इंसान को ही, लोगों को राजनीति के मुख्य केंद्रबिंदु के रुप में उभारना चाहिए वर्ना देश आज तक जो भ्रष्टाचार में डूब गया है आगे और यही संभावना बने रहने की उम्मीद है. ये सब बदलने के लिए आम जनता ही देश में परिवर्तन ला सकती है और देश को अच्छा भविष्य दे सकती है.

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